जनता पूछ रही है कि अपराधियों को सज़ा व पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए सपा सरकार में बनी फॉरेंसिक लैब भाजपा सरकार शुरू क्यों नहीं कर रही है और ये भी कि निर्भया-फंड से ‘आशा ज्योति केंद्रों’ की स्थापना कब तक होगी?
अपराधों के लिए गंभीर न होना भी आपराधिक संलिप्तता का ही रूप होता है।