सावन बीतने के साथ ही राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है और भादों में भी बारिश की उम्मीद क्षीण नजर आ रही है। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं।
पाली, जालोर, बांसवाड़ा, जैसलमेर और उदयपुर जैसे जिलों में सामान्य से 40 से 55 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है, जो बेहद चिंताजनक है।
हमारी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इंदिरा रसोई और मनरेगा जैसी योजनाएं संकट के समय गरीब, किसान और मजदूर वर्ग का सबसे बड़ा सहारा बनी थीं। सूखे जैसी स्थिति में सबसे अधिक नुकसान किसानों और श्रमिकों को उठाना पड़ता है, इसलिए राज्य सरकार को अभी से सतर्क होकर खाद्यान्न भंडारण बढ़ाने, पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और रोजगार के लिए मनरेगा व शहरी रोजगार गारंटी योजना को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। पशु चारे की उपलब्धता पर भी अभी से ध्यान देना जरूरी है।
मुख्यमंत्री को संबंधित विभागों की समीक्षा कर समय रहते तैयारी की जाए, ताकि आने वाले दिनों में आमजन को संकट का सामना न करना पड़े। @BhajanlalBjp
मीटिंग में आज बोर्ड ने निम्नलिखित एजेंडा का अनुमोदन किया;
1. L2 हिंदी, इंग्लिश, SST के प्री डीवी रिजल्ट।
2. LSA का पेंडिंग रिजल्ट।
3. सर्वेयर और फोरमैन के पेंडिंग रिजल्ट।
सभी सफल हुए कैंडिडेट्स को बहुत बहुत शुभकामनाएं!
ईद का नमाज़ पढ़ने जा रहे मुसलमानो पे संभल के DM और SP फूल बरसा रहे।
सेकुलर भारत की यही तो खूबसूरती है ऐसे ही सर्व धर्म सम्मान होना चाहिए सलाम है इन दोनों अधिकारियों को।
लेकिन कुछ लोग कहेंगे कि ये दोनो मुसलमानो पे नही कांवड़ियो पे पुष्प वर्षा कर रहे।
BREAKING 🚨
इस वीडियो को सभी लोग आरटी करें।
राजस्थान के जयपुर से आई दिल जीत लेने वाली तस्वीर ❤️
Eid ul-Fitr के मौके पर ईदगाह में नमाज़ पढ़ने पहुंचे मुस्लिम भाइयों पर हिंदू भाइयों ने बरसाए फूल।
हिंदू-मुस्लिम एकता समिति के इस कदम ने फिर साबित कर दिया कि नफरत नहीं बल्कि मोहब्बत ही इस देश की असली पहचान है