इसलिए कांग्रेस पार्टी की 5 स्पष्ट माँग हैं —
1. मतदाता सूची में होने वाले हर बड़े बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक हो।
2. जिन वोटरों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें पूरी सूचना और अपील का अवसर मिले।
3. राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे संबंधित आवश्यक डेटा simple format में समय पर उपलब्ध हो।
4. जहां गंभीर विसंगतियों के प्रमाण सामने आएं, वहां स्वतंत्र और समयबद्ध जांच हो।
5. चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और निर्णयों में खुद ऐसी पारदर्शिता हो कि किसी पक्ष को यह कहने का अवसर न मिले कि जानकारी छिपाई जा रही है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत के मतदाताओं को यह भरोसा होना चाहिए कि उनका वोट सुरक्षित है।
हम इस मुद्दे को किसी चुनाव को केवल जीतने या हारने की लड़ाई के रूप में नहीं देखते। चुनाव तो आते जाते रहते हैं, सरकारें आती-जाती हैं, लेकिन लोकतंत्र और संविधान स्थायी हैं। यही भारतीय Democracy की बुनियाद है।
हमें हर नागरिक से कहना है कि लोकतंत्र में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति एक आम वोटर है, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या सत्ता में बैठा नेता नहीं।
आज CWC से हमें एक स्पष्ट संकल्प लेना चाहिए—
मतदाता सूची पारदर्शी हो, चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष हो, संस्थाएं स्वतंत्र हों और हर योग्य नागरिक का वोट सुरक्षित हो।
यही संविधान की भावना है। यही लोकतंत्र की आत्मा है। और कांग्रेस इस लोकतांत्रिक जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटेगी। यह सुनिश्चित करने के लिए हमें जो भी करना होगा सड़क से संसद तक हमें करना चाहिए।
इतिहास गवाह है कि इसी प्रधानमंत्री ने 10 साल पहले “नोटबंदी” का फैसला करके हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को नेस्तनाबूद कर दिया था। और 10 साल बाद “वोटबंदी” की साजिश करके हमारे मजबूत लोकतंत्र को ख़त्म कर रहे हैं।
इनकी सभी कुनीतियों की सबसे अधिक मार गरीबों को पड़ती है। नोटबंदी में गरीब लाइन में खड़ा था। वोटबंदी में गरीब लाइन से ही बाहर कर दिया गया। मैं जानता हूँ कि गरीब के पास एक ही ताकत है, उसका वोट। उसे हम किसी हाल में छिनने नहीं देंगे।
गरीब, दलित, वंचित और शोषित वर्ग का सबसे बड़ा हथियार वोट होता है। इसलिए मोदी जी इस अधिकार को छीनना चाहते है पर हम ऐसा नहीं होने देंगे.
चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने ख़ुद CEC की गतिविधियों को मनमाना और अनुचित बताया। अब पूरे देश को मालूम है कि उनकी लगातार कोशिश सत्तापक्ष को फ़ायदा पहुँचाने की रही है। ऐसे में उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। इसके साथ ही जिनके दबाव में उन्होंने ऐसा आचरण किया है - प्रधानमंत्री जी को खुद नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा देना चाहिए।
हमारे सामने पाँच राज्यों के चुनाव हैं। इसलिए किसी मतदाता का हक न मारा जाये ये देखना जरूरी है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि हर व्यक्ति का वोट सुरक्षित हो, चुनाव निष्पक्ष हों, जिससे आम जनता का विश्वास भारत की चुनाव प्रक्रिया में बनी रहे। तभी भारत का भविष्य सुरक्षित रहेगा, लोकतंत्र फलता-फूलता रहेगा।
जय कांग्रेस,
जय हिंद 🇮🇳
2/2
Stop punishing women for the crimes committed against them.
Across our country, women are afraid to walk the streets, afraid of being harassed, afraid of being raped. And the government’s answer: stay at home.
This is patriarchy at work: a system that blames the victim and shields the criminal. It is time to smash it.
The solution is not to lock women inside. It is to make our streets safe, to confront the mindset of men who mistreat women, and to punish those who attack them, swiftly and without exception.
Thousands of students and young people are on the streets demanding safety for women. I urge even more young women, especially GenZ across India to come out in stronger numbers.
This government is deaf to your pain and will only listen when it’s under pressure.
Peaceful protest is your democratic right, and I stand with you wholeheartedly.
Another day, another @IndianExpress break on the EC.
Sept 23. Our investigation breaks. The EC responds the same day: its platforms are protected against "unauthorized tampering", and EROs "function as per statutory powers."
What we didn't know was this.
The very next day, Maharashtra's Chief Electoral Officer (CEO) wrote to the EC in Delhi asking for FOUR changes to ECINet, so EROs could use the discretion the law already gives them.
The same concern Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu and Vivek Joshi had put on record.
Stay with me for @vallabhozarkarr's cracker of a story in today's edition
(1/11)🧵
यूपी पुलिस ने आगरा में ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर "वोट चोर" और "गद्दार" लिखने वाले कांग्रेस के साथियों @MukeshDhangar_ और @UPkaAnilyadav को गिरफ्तार किया है
सत्ता में बैठे मगरूर हुक्मरानों - यह कांग्रेस के सिपाही हैं - तुम्हारी गीदड़ धमकियों से न डरेंगे, न झुकेंगे, न रुकेंगे
SIR के शिकार बिहार और बंगाल के मुख्य विपक्षी दल ना जाने किस बात का इंतज़ार कर रहे । कांग्रेसी चुनाव आयोग को जयपुर से नागपुर तक रगड़ रहे हैं। इसीलिए कांग्रेस, कांग्रेस है।
यमुना किनारे बेला एस्टेट में रहने वाले 728 लोगों में 727 लोगों के नाम काट दिए गए।
ये लोग दशकों से यहां रह रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनावों में वोट डाल चुके हैं। 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे - पर ये कहीं नहीं गए।
यह 'वोट चोरी' है- जिनके पास पहले ही सबसे कम संसाधन हैं, उनसे उनकी इकलौती ताकत भी छीनी जा रही है।
हमें मिलकर इन वोट चोरों का हिसाब करना है- सिस्टम को बदलना है।
#VoteChori
यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं। SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ़ एक नाम बचा - बाकी 727 नाम काट दिए गए।
ये लोग दशकों से यहाँ रह रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनावों में वोट डाल चुके हैं। 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे - पर ये कहीं नहीं गए, यहीं हैं।
आज मैं इनकी झुग्गी में गया और सीधे इन्हीं से सुना कि चुनाव आयोग ने इनके साथ क्या किया है।
SDM से फ़ोन पर मैंने यही कहा - मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है। ख़ुद CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि "हाउस नंबर 0" बेघरों के लिए है। फिर भी 727 लोगों का नाम काट दिया गया।
यह SIR नहीं - यह वोट चोरी का तरीक़ा है। जिनके पास पहले ही सबसे कम है, उनसे उनकी इकलौती ताक़त छीनी जा रही है।
ज्ञानेश कुमार तो जाएँगे। पर जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसका हिसाब भी होगा।
#VoteChori
डेढ़ सो कैमरा मेनो के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव जी का पैतृक मकान सड़क चौड़ीकरण के लिए तोड़ा जा रहा है,
तो क्या हुआ उज्जैन में 168 एकड़ तो है न कहीं भी बना लेंगे, ज्यादा टेंशन नहीं लेने का!!
विपक्ष पर ED-CBI, जनता पर थप्पड़-लाठी-गोली!
मोदी जी की भाजपा, लोगों के सवालों से इतना घबरा गई है कि “नाराज़ फूफा”, “दिमाग़ी नक्सल” और “आंदोलनजीवी” जैसे अपशब्द भी अब फीके पड़ रहे हैं।
तानाशाह BJP-RSS सीधे Violence पर उतारू है।
▫️दिल्ली के मंत्री युवा को थप्पड़ मार रहे हैं।
▫️अमित शाह की निगरानी में जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज हुआ।
▫️उससे पहले किसानों को मोदी मंत्री पुत्र ने गाड़ी से कुचला।
▫️केंद्रीय मंत्री ने “गोली मारो, ___ कहा ”
▫️किसान आंदोलन में रबर बुलेट चली, 750 किसानों की जान गई।
▫️गुजरात के ऊना में दलितों पर कोड़े बरसाए, पर न्याय अब तक नहीं मिला।
सत्ता का अहंकार जब चरम पर होता है तो जनता का सार्वजनिक दमन और अपमान आदत बन जाती है।
BJP-RSS वाले केवल नीतियों से ही लोकतंत्र नहीं कुचल रहे, अब लाठी-डंडे तान कर जनता पर सीधे प्रहार कर रहे हैं।
महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
भारत की आज़ादी के लिए उनका संघर्ष, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
पंजाब में केजरीवाल अपनी पुलिस से Gen Z पर लाठियां चलवा रहे हैं.
छात्रों की कुछ वाजिब चिंताएं हैं, उन्हें सुनना चाहिए. ना कि उनकी आवाज दबाने के लिए लाठियां चलवानी चाहिए.
केजरीवाल और AAP को ये भारी पड़ेगा.