इस देश के राष्ट्रपिता के लिए अपशब्द कहने वाली इस बदतमीज रिद्धिमा पर अब तक FIR क्यों नहीं हुई ?
ये तो प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचती है और रीलबाजी करती है ?
अगर PM अपमान करना गलत है तो राष्ट्रपिता का अपमान करने वाली पर #NSA लगना चाहिए।
@narendramodi अभी तक इसे छूट क्यों दे रखी है ?
रिद्धिमा शर्मा, दक्ष चौधरी, अक्कू पंडित, सत्यम पंडित, पिंकी चौधरी समेत दर्जनों नाम है जो राहुल गांधी,अखिलेश यादव यहां तक की महात्मा गांधी तक को गाली देने का काम करते हैं लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं होती।
मोदी जी को गाली देने पर बच्चों की गिरफ्तारी हो रही है उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हो रहे हैं।
वाह भाई वाह
एक इमेज बनाई हुई है
• नरेंद्र मोदी भगवान हैं
• अमित शाह हीरो हैं
इस इमेज को बनाए रखने में हजारों करोड़ रुपए लगाए जा रहे हैं. दिल्ली पुलिस, RAF, मीडिया सबको इसमें लगाया गया है.
लेकिन ये इमेज का गुब्बारा फट गया है.
"चप्पल उतारू सर.....नहीं.... नहीं... नहीं....चप्पल नहीं..."
इरफान जब लल्लन टॉप के स्टूडियो में गए तो लल्लन टॉप की पूरी टीम के द्वारा लगभग 1 मिनट की स्टैंड अप क्लेपिंग....
लल्लन टॉप और उसके पत्रकार रजत ने बहुत बड़ा काम किया है इरफ़ान को लोगों के बीच लाकर !
प्रयागराज के सैफ़ को पुलिस ने CJP प्रोटेस्ट कवर करने की वजह से उठाया हुआ है लेकिन सांसद @Pushpendra_MP_ के मुताबिक उसके परिजन उसे लगातार ढूंढ रहे हैं लेकिन कोई ख़बर नहीं, ये सच हैं कि CJP के नेता मुस्लिम बच्चों की गिरफ्तारी और उनकी प्रताड़ना पर चुप्पी साधे हुए हैं, जंतर मंतर के प्रदर्शनकारियों रोटी, पानी से सेवा देने वाले जुनैद को पिछले हफ़्ते से परिवार सहित प्रताड़ित किया जा रहा है जिसके बाद वह APCR की मदद से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है लेकिन CJP वाले काफ़िले के साथ मीडिया के साथ घूम रहे हैं, मैंने शुरू में ही अपीलें की थी कि मुस्लिमों को ऐसे आंदोलनों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए क्योंकि आंदोलन के बाद सरकार आपको निशाने पर लेगी और हर तरह से प्रताड़ित करेगी, लोग अपनी ज़बान पर आपका नाम तक लेना मुनासिब नहीं समझेंगे।
राजस्थान : जयपुर में VIP काफिला निकल रहा था। पूरे रास्ते में पुलिसकर्मी तैनात थे। बारिश से बचने के लिए यात्री शेड में खड़े लोगों को पुलिस ने बाहर भगा दिया। कितना शर्मनाक है ये...
दिल्ली में CJP स्टूडेंट प्रोटेस्ट में फ़ूड वॉलंटियर जुनैद मलिक ने पुलिस पर परेशान करने और हिरासत में लेने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है।
जुनैद का कहना है कि उन्हें दिल्ली से पुलिस अधिकारियों ने उठाया था, और 5-6 घंटे तक गाड़ी में रखा, इस दौरान उसे डराया-धमकाया गया, और आखिर में देहरादून रोड पर एक दूर जगह पर छोड़ दिया गया।
जुनैद का यह भी कहना है कि गाजियाबाद पुलिस ने उसके पिता को हिरासत में लिया, और उसके घर पर छापा मारा। पुलिस कथित तौर पर मेरठ में उसकी शादीशुदा बहन के घर भी गई और उसके ससुर और साले को उठा लिया। उसका आरोप है कि ज़बरदस्ती के कदम बिना किसी पेपर-वर्क और कानूनी प्रक्रिया के उठाए गए।
जुनैद ने सुप्रीम कोर्ट से अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ पुलिस द्वारा उठाए जा रहे ज़बरदस्ती के कदमों को रोकने की अपील की है।
आलम बदी शुमार उत्तर प्रदेश के सबसे ईमानदार नेताओं में है। या यूं कहिए कि ईमानदार शब्द उनके सामने बहुत छोटा पड़ जाता है। वो पांच बार विधायक रहे, लेकिन कभी नई गाड़ी नहीं खरीद पाए, आलीशान मकान नहीं बना पाए। @rajeevranjanMKH से उनके बेहतरीन रिश्ते रहे हैं। आलम बदी साहब का पिछले दिनों निधन हो गया। उनके निधन के बाद राजीव सर उन्हें अपने अंदाज़ में याद कर रहे हैं।
देश भर के छात्रों की सेवा के लिये लगातार मौजूद रहने वाले जुनैद को डिटेन करना और उनको परेशान करना इस सिस्टम का सबसे शर्मनाक चेहरा था, देश भर के लोग अपने अपने स्तर पर बच्चों की सेवा कर रहे थे, जुनैद ने भी इंसानियत के नाते छात्रों की मदद की।
सरकार से अनुरोध है कि ऑंदोलन में लोगों की सेवा करने वाले साथियों को डराना बंद करे।