राजा हरिश्चंद्र समाज के द्वारा हाई कोर्ट एफिडेविट में बोला गया है की सेग्रीगेशन किया जाए 😄
मेरे मन में आए कुछ सवाल👇
1. कल तक खुद को 96% झारखण्डी और 100% जेनुइन बोलने वाले भी मान रहे है की परीक्षा में कुछ गड़बड़ी हुआ है, आज कैसे मान लिए भाई पहले तो खूब गला फाड़ रहे थे?
2. कौन सी वो माइक्रोस्कोपिक विधि है जिससे फिल्टर किया जाएगा, भारत या वास्कोडिगामा से वो फॉर्मूला खोजा जाएगा?
3.और भाई किस बेशर्मी से प्रति हियरिंग करोड़ों का चंदा जमा करके महंगे वकीलों की फौज उतार रहे हो।।अभी भी उम्मीद है क्या कि बच जाएगा🤣
और हाँ कल हाई कोर्ट में होने वाली महत्वपूर्ण सुनवाई पूरी तरह से सरकार पर निर्भर है की उनकी CID टीम ने कैसा काउंटर दिया है और कल सरकार के वकील कैसे अपना पक्ष मजबूती से कोर्ट के समक्ष रखते हैं।।
शुभ रात्रि
@ExamsFighters@JPSCreformanch
पहले वो तुम्हारी उपेक्षा करेंगे,
फिर तुम पर हँसेंगे,
फिर वो तुम से लड़ेंगे,
और फिर तुम जीत जाओगे।
झारखंड में #JPSC#JSSC नियुक्ति महाघोटाले में भी ऐसा ही कुछ चल रहा है। पहले "100% Genuine" का नारा लगाने वालेे लोग अब स्वीकार कर रहे हैं कि गड़बड़ी तो हुई है, लेकिन अभी भी वे हार मानने को तैयार नहीं हैं।
शायद उन्हें थोड़ा वक्त और लगेगा, लेकिन जीत तो...
"JSSC CGL रद्द करने के लिए पुरानी केस डायरी ही काफी है। बाकी CID खुद को बचाने के लिए और सिस्टम CBI जांच से बचने के लिए इतना षड्यंत्र रच रही है। पेपर एजेंसी से लीक होने का मतलब पूरा सिस्टमैटिक फेलियर है।"
Selected कैंडिडेट द्वारा दायर rejoinder का काट सिर्फ अब CID रिपोर्ट पर टिका है
अगर CID ने सारा रिपोर्ट अपने दायर एफिडेविट के अनुसार कोर्ट मै दे दिया तो फिर CGL 😎 ।।
सीता राम ।।
सीता राम ।।
अब गेंद CID और सरकार के पाले में है ।।
❓♨️एक सवाल है: एजेंसी से पेपर बाहर उसका मालिक ही लेकर जा रहा है। (मिथलेश सिंह)
फिर वही प्रश्नपत्र रटवाया जा रहा है।
ये सिस्टेमेटिक फेल्योर नहीं है ? अगर इसमें न्याय नहीं मिला तो समझना __________
बस अवगत होना चाहता हूँ
भारतवर्ष में. ... विभिन्न राज्यों सहित.. सरकारी सेवकों और कर्मचारियों को चयन हेतु विभिन्न निकाय होते हैं... जिनमें दो प्रमुख होता है.. एक लोक सेवा आयोग...जो कि संवैधानिक निकाय होता है..
दूसरा कर्मचारी चयन आयोग.. जो गैर संवैधानिक/सांविधिक निकाय होता है....
और ये दोनों निकाय.. मेरे प्यारे झारखंड में भी है. JPSC और JSSC. 15 नवंबर 2000 के बाद से झारखंड में विभिन्न स्तर के लोक सेवकों और कर्मचारियों के चयन भी कर रहा.. लेकिन आज तक कोई भी नियुक्ति प्रक्रिया बिना विवाद के ये दोनों सम्पन्न नहीं करवा पाया...
वर्तमान में हालात ये है कि एक जो संवैधानिक निकाय है JPSC वो एक ही नियुक्ति में कई एजेंसी को बदलता है, SOP के विरुद्ध कॉपी का मूल्यांकन करवाता है,, इसके अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक, अन्य सदस्य मिलकर.. दलालों से सेटिंग करवा के नौकरियों को बेचने का काम करते हैं.... इनके सह पर दलाल इतने आजाद होते हैं कि वे लीज पर होटल लिए होते हैं जहाँ.. कॉपी लिखवाया जाता है और फिर उसे जमा किया जाता है.. यहां तक कि.. रिजल्ट भी होटल में ही बनता है....
दूसरा है.. जो गैर संवैधानिक निकाय है..JSSC.. उसकी परीक्षा में एजेंसी...हर नियुक्ति का रेट तय करता है... JSSCCGL ऐसा साजिश रचा गया कि... पूरा झारखंड उलझ गया है....
इसमें एजेंसी का मालिक ही प्रश्नों के उत्तर लीक करवाता है.. वो भी परीक्षा से कई दिन पहले...फिर छात्रों को विभिन्न स्थानों पर ले जाकर रटवाया गया.. साथ ही.. एक पूरा चैन ⛓️ बना कर... प्रश्नों के उत्तर को प्रसाद के रूप में बांटा गया...
और सबसे बड़ी बात ये है कि.... ये दोनों आयोग.. से हो रही परीक्षाओं में इतना कुछ होता है.. पुरा झारखंड का बच्चा बच्चा जान जाता है कि नौकरियों को बेचा जा रहा... लेकिन सरकार को इसकी भनक तक नहीं लगती??? हाय रे सरकार ,, और हाय रे लोकतंत्र...🙄
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी सत्ता के सुख में ऐसे डूबते हैं कि.. उन्हें राज्य में इतने बड़े पैमाने पर हो रही डकैती की भनक नहीं लगती... ऐसा उनके राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं का कहना है... मैं इस बात को नहीं मानता.. क्यूँकी हर परीक्षा विवाद में रहा.. हर परीक्षा में घोटाला के विरुद्ध छात्र सड़क पर उतरे.. डिजिटल रूप से अपनी बातों को ट्रेंड करवाए.. पूरा भारतवर्ष जान गया कि झारखंड में नौकरियों को बेचा जा रहा.. और सरकार को पता नहीं था.... ऐसा हो ही नहीं सकता.. 😡@JPSCreformanch@kunalpratap86@ExamsFighters@yourBabulal@jhar_governor@JharkhandCMO@PMOIndia@HMOIndia@barcouncilindia@khurpenchh@VivekGa54515036 #jssccgl #jssc #jpsc #jharkhand #cbiforjpscjssc #jssccglscam #justice_is_due
@JPSCreformanch@dir_ed हम लोग कमरा में पढ़ते रहेंगे जज साहब सीआईडी note कैबिनेट note मांगते रहेंगे। actually we are loosing trust on court specially jharkhand highcourt.
@JPSCreformanch@dir_ed Kaise Kaise pichli baar CID hamare saath DHOKHA kiya tha...Court me sahi EVIDENCE jama hi nhi Kiya gya .. Hamare paksh ko toda maroda gaya...usko dhanugaahi sabit Kiya gya...Pichle baar ka galti iss baar CID ko dohrana nhi chahiye nhi to CID ke khilaaf hi CBI investigation hoga🙏
📢 परीक्षा लेने वाली एजेंसी का मालिक खुद प्रश्नपत्र बाहर लाकर रटवाता है।
आप समझ रहे हैं कुछ , जो कमरे में बंद होकर पढ़ाई कर रहे हैं उनकी नौकरी होगी कभी ?
धांधली कितना व्यापक है ?
@dir_ed कुछ कीजिए , कुछ कीजिए ऐसे में ईमानदार छात्र कहा जाएंगे।
Ab YE PENGUINS log ko das saal Jail me paper ratwaaya jaay ...😀😀
Jab EXAM lene wala agency ka malik MITHILESH SINGH khud PENGUINS ko paper ratne ke liye diya ho to Exam process saaf kaise hoga...
Pura RISHTEDAARI nibhaya gaya tha PENGUINS dwara ki mera koi RISHTEDAAR chhut na jay is baar JSSC CGL me pass hone se...BHAI KA, PATNI KA, SALI KA, JIJA KA , BHABHI KA sabka khayal Rakha gaya PAPER RATWAANE me...Fir ban gye ASO , BSO ...😀😀
Jab EXAM Process hi puri Tarike se PENGUIN GRASIT hai to SEGREGATION ka koi sawal nhi uthta hai...
Sarkaar CID NOTE OR CABINET NOTE strong Authorised Evidence ke saath jama kr de to PENGUINS ko Pachhtawa milna tay hai PAPER RATNE KA..
झारखंड के युवाओं को सेग्रीगेशन नहीं निष्पक्ष न्याय चाहिए JSSC CGL मामले में सरकार नियमों में फेरबदल या टुकड़ों में बांटने की कोशिश न करे पूरी परीक्षा और चयन प्रक्रिया में 100% पारदर्शिता होनी चाहिए युवाओं के सब्र का इम्तिहान मत लीजिए @HemantSorenJMM@kunalpratap86@ExamsFighters
"खेल के बीच में खेल के नियम बदलना गैरकानूनी साबित होगा "
K. Manjusree v. State of Andhra Pradesh ( Supreme Court)
फिर 11th -13th JPSC में बीच में एजेंसी कैसे और क्यों बदल गई ?
कॉपी जब फिजिकली चेक होती थी फिर अचानक डिजिटली क्यों किया गया ? OSM छेड़छाड़ ?
स्वघोषित निष्पक्ष लोग इसे भी साफ सुथरी प्रक्रिया बता देंगे।
Gelow PENGUINS Paisa paani me..
Sawaal ratne ka dubara moka nhi milega isliye pura Edi choti ka dam laga diya hai COURT me ...Pura CHANDA ikatha kiya hai wo bhi 5 crore ...Yahan to court court me bhi Paisa se PENGUINS khush hona chah raha hai lekin Is baar Sambhaw nhi hai 🐧🐧
JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपी अभय तिवारी, समीर कुमार और राहुल कुमार की जमानत याचिका खारिज, अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की कोर्ट का फैसला, अभय तिवारी व समीर कुमार 28 अगस्त को, जबकि राहुल कुमार ने 29 सितंबर को जमानत याचिका दाखिल की थी
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