क्योंक��� तुमने होली को ख़ून की होली बना दी! और बी एस डी के, डायरेक्ट एक्शन डे से ले कर हर हिंदू त्योहार पर होती पत्थरबाजी कर के क्या तुम लोग हमें चैन से जीने भी दे रहे हो?
दिल्ली का वही हिंदू समाज है जो धार्मिक यात्राओं में मजहबी हमलों पर चप्पल छोड़ कर भाग जाते थे |
आज तरुण हिंदू की हत्या के बाद इतने जागरूक हो चु��े हैं कि मजहबियों को पलायन को मजबूर कर दे रहे हैं |
बस यही जोश और जागरूकता बनी रहे फिर कोई दूसरा तरुण हिंदू मजहब के हाथ नहीं मरेगा |
EX मुस्लिम सलीम वास्तिक के साथ ज��हादियों ने वही किया जो कुरान की सूरा तौबा 9 आयत संख्या 5 में पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया है ! रमजान के पाक महीने में जुमे के दिन सुबह फ़ज़र की नमाज़ के बाद गला काट दिया पेट में चाकू घोंप दिया ! मैं समस्त मानव धर्मियों के विनती करता हूँ सलीम वास्तिक के लिए ईश्वर से शीघ्रस्वस्थ होकर दीर्घायु की कामना करें !
“मोदी ईरान जाकर जासूसी करके आया और उसने इस्राइल को खामनेई के घर का पता बताया”
“बड़ा होता तो इस्राइल के सीने में छुरा घोंपता भले बीस साल की सज़ा होती”
ये ट्रेनिंग चल रही है बच्चों की
मैका��े की जिस नीति ने भारत में मानसिक गुलामी के बीज बोए थे, उसे आने वाले 10 वर्षों में हमें पूरी तरह से समाप्त करना है। इसको लेकर 140 करोड़ देशवासियों से मेरी यह विनती...
#HTLS2025
हम लोगों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में एक स्वयंसेवक के रूप में काम किया है...
यहां कोई OPEC देश पैसा नहीं देते, यहां कोई इंटरनेशनल चर्च पैसा नहीं देता,
यहां समाज के सहयोग से संगठन खड़ा हो रहा है...
गिरगिट चाहे कितना भी रंग बदल ले, वह गिरगिट ही रहेगा। जिसे 'वंदे मातरम' से problem है, वह देश के लिए भी समस्या है।
दिल्ली बम विस्फोट ने यह पुनः प्रमाणित कर दिया है कि शिक्षा से कुछ बीमारियों का इलाज नहीं हो सकता।
विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मेरे अनुभव और विचार
आजादी से पूर्व देश की आत्मा और मूल संस्कृति का अंग्रेजों सहित विभिन्न विचारधाराओं द्वारा हो रहा शोषण, और यदि संस्कृति नष्ट हुई तो इसके भयावह परिणामों की चिंता से राष्ट्री�� स्वयंसेवक संघ का जन्म हुआ। हमारी संस्कृति और राष्ट्र के पुनर्निर्माण के उद्देश्य के साथ डॉ. केशवराम बलिराम हेडगेवार जी ने 1925 में संघ की स्थापना की। यह यात्रा आज 100 वर्ष पूर्ण कर चुकी है।
संघ का पहला कदम था ‘चरित्र निर्माण द्वारा व्यक्ति निर्माण’। शाखाओं के माध्यम से देशभक्त और समर्पित युवाओं के निर्माण का कार्य शुरू हुआ। इन 100 वर्षों की यात्रा के दौरान संघ परिवार ने समाज के प्रत्येक क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, राजनीति और सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दि���ा है। संघ की शाखाओं में चरित्र निर्माण करने वाली विभूतियों ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनमें हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी जी भी एक उदाहरण हैं। आज संघ के असंख्य प्रकल्पों के माध्यम से लाखों स्वयंसेवक अपने जीवन को राष्ट्र और समाज की सेवा में समर्पित कर रहे हैं।
कुछ समय पहले म���झे संघ के सरसंघचालक परम आदरणीय श्री मोहन भागवत जी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके साथ चर्चा के दौरान उनके शब्दों में हमारी संस्कृति की गहराई, समकालीन समस्याओं का समाधान और संघर्ष तथा समर्पण की भावना प्रतिबिंबित होती थी। इस अनुभव ने मेरे मन में संघ के प्रति सम्मान और श्रद्धा को और बढ़ा दिया।
100 वर्षों की इस अविरत यात्रा को पूर्ण करने के लिए मैं संघ के करोड़ों स्वयंसेवकों को हृदयपूर्��क बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ। उनके देश के प्रति समर्पण और योगदान के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।@RSSorg
RSS ने अपने 100 वर्ष पूर्ण कर लिए इस बीच संघ पर एक आरोप बहुत बार लगा की संघ ने किया क्या है ? मैं आज केवल एक घटना साझा करना चाहता हूँ की जब संघ बना भी नहीं था तब बालक हेडगेवार की सोच क्या थी उस से ही अनुमान लग जाएगा संघ ने क्या किया होगा !