कोटि कर्म कर पलक में, या मन विषया स्वाद।
सद्गुरू शब्द न मानहीं, जनम गंवाय बाद।।
~ जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod#satlokashrammundka
भक्त को चाहिए कि अभिमान छोड़ कर आधीन
भाव से रहना चाहिए क्योंकि परमात्मा आधीन
भक्तों के पास ही रहता है परमात्मा को अहंकार
जरा सा भी पसंद नही।
#satlokashrambetul#GodMorningThrusday
कबीर, न्याय धर्मयुक्त कर्म सब करें, न कर ना कबहु अन्याय।
जो अन्यायी पुरुष हैं, बन्धे यमपुर जाऐं।।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod#satlokashrammundka
तत्वज्ञान होने के पश्चात् मानव को अनावश्यक वस्तुओं की इच्छा नहीं होती, तम्बाकू, शराब-माँस सेवन नहीं करता। नाच-गाना मूर्खो का काम लगता है। जैसा भोजन मिल जाए, उसी में संतुष्ट रहता है।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod#satlokashrammundka
#GodMorningThursday
One should take the refuge of a true Saint.Because the devotee then will not fall in the trap of 84 lakh life forms. It is also mentioned in a shlok:-
Je Satguru ki sangat krte sakal karm kat jahin|Amarpuri par aasan hote jhan dhoop n Chhain|| #thursdayvibes
#GodMorningThursday
अनहद माने जिसकी हद न हो। सतलोक विसीमित है। वह परमात्मा तत्वज्ञान प्राप्त साधक की आंखों का तारा बनकर रहता है। एक पल भी दूर नहीं होता। भक्त की आंखों के सामने कुछ रेखाएं दिखाई देती हैं। देखें नेपाल-1 चैनल पर सत्संग सुबह 6 बजे।
@BBCHindi@WHO@ndtvindia@aajtak
#GodMorningThursday
ज्ञान के आधार से साधना करके साधक अमर धाम में चला जाता है। वहां पर आनन्द भोगता है। वह सतलोक बेसकीमती है। वहां पर सत्य पुरुष के शरीर की शोभा देखकर आनंद मनाते हैं। पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा तथा देखें सुदर्शन न्यूज़ चैनल पर सत्संग सुबह 6 बजे।
@AmitShah
#GodMorningThursday
वह परमेश्वर अचल (निश्चल) यानि अविनाशी है,
निर्भय है। उस परमेश्वर के लोक में अखण्ड धुन बज रही है। उस परमेश्वर का शरीर पांच तत्व से बने नाड़ी वाला नहीं है। पढ़े पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा तथा देखें साधना चैनल पर सत्संग रात 7.30 पर।
@ArvindKejriwal@BBCHindi@WHO
कबीर मन को मृतक देख के, मति माने विश्वास।
साधु तहाँ लौं भय करे, जौ लौं पिंजर साँस।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod#satlokashrammundka
चिन्ता चित्त बिसारिये, फिर बूझिये नहिं आन।
इन्द्री पसारा मेटिये, सहज मिलै भगवान।।
~ जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी
#KabirisGod#satlokashrammundka
#GodMorningWednesday
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Real Home We have forgotten our real home. That supreme peace and happiness. instead of being here, is present in our real home
Satlok.🏕🏕
#SaintRampalJiQuotes📲