राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में OMR शीट बदलने के खुलासे ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। SOG की रिपोर्ट के अनुसार 9 साल पहले यानी 2018 से पूर्व की भाजपा सरकार से शुरू हुआ यह खेल 2026 तक जारी रहा है जो बेहद ही चिंताजनक तथ्य है। जो कर्मचारी इस फर्जीवाड़े में लिप्त थे, वे 2024 और 2025 में भी सक्रिय तथा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में पदस्थ थे।
कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के नासूर को मिटाने के लिए देश में सबसे पहले कदम उठाते हुए उम्रकैद की सजा, दोषियों की संपत्ति जब्त एवं 10 करोड़ जुर्माने का कड़ा कानून बनाया। इतिहास में पहली बार आरपीएससी (RPSC) के सदस्य को गिरफ्तार किया गया। कांग्रेस सरकार के दौरान SOG ने 250 से अधिक गिरफ्तारियां कीं और पेपर लीक माफियाओं की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया।
कांग्रेस सरकार ने कभी भी राजनीति को न्याय के आड़े नहीं आने दिया। जहां कमी थी उसका सामना करते हुए सुधार किया। कई परीक्षाओं को रद्द तक करने की परिस्थिति बनी तो युवाओं के हित में यह निर्णय भी लिया गया। चाहे कांग्रेस शासन हो या भाजपा शासन हो, अगर किसी ने भी बेईमानी की हो उन्हें पेपर लीक पर बने नए कड़े कानून के तहत सजा दिलाई जाए जिससे न्याय सुनिश्चित हो सके।
परन्तु ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार पेपर लीक, OMR शीट बदलने जैसे गंभीर मुद्दों को न्याय सुनिश्चित करने की बजाय केवल राजनीति का माध्यम बना रही है इसलिए निष्पक्ष जांच करवाने की बजाय केवल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आयोजित हुईं परीक्षाओं को आरोपित करने का प्रयास कर रही है।
पिछले 2 साल में राजस्थानी कर्माचरी चयन बोर्ड द्वारा सूचना सहायक, संविदा नर्स (GNM/ANM), कृषि पर्यवेक्षक, कनिष्ठ लेखाकार, संगणक, समान पात्रता परीक्षा (CET- स्नातक व सीनियर सेकंडरी), पशु परिचर, कनिष्ठ अनुदेशक, LDC, कनिष्ठ अभियंता (JEN), पटवारी, वाहन चालक और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (Grade 4) की परीक्षाएं संपन्न हुईं जिनमें 35 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
ये सभी परीक्षाएं उसी सिस्टम और स्टाफ की देखरेख में हुईं जो अब ओएमआर शीट में गड़बड़ी के लिए पकड़े गए हैं। इस कारण अब इन सभी परीक्षाओं की शुचिता संदेह के घेरे में है। अभ्यर्थियों द्वारा लगातार ये शिकायत की जा रही है कि बीते 2 सालों से भर्ती परीक्षाओं की कट ऑफ असामान्य रूप से अधिक जा रही है जिससे उनके मन में शंकाएं उपज रही हैं जिन्हें दूर किया जाना आवश्यक है।
मैं मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से आग्रह करता हूं कि इस नए खुलासे के बाद अब 2024 व 2025 की सभी परीक्षाओं की भी गंभीरता एवं गहराई से जांच करवाई जाए। मुझे उम्मीद है कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए सरकार तत्काल कदम उठाएगी।
हर भर्ती में एक एक… दो दो नम्बर से पीछे रहने वाले युवा…
बेचारे अपनी क़िस्मत को कोसकर चुप हो जाते हैं…
उन्हें क्या पता कि उनकी क़िस्मत तो कोई चयन बोर्ड का कोई कर्मचारी या अधिकारी लिख रहा है…
अब कैसे कोई छात्र मेहनत पर विश्वास करेगा…??
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#OMR_का_खेल_बंद_करो
लिपिक ग्रेड -II/कनिष्ठ सहायक भर्ती 2018 की जांच हो तो 2-3 हजार फर्जी लिपिक ग्रेड -II/एलडीसी जो आज UDC तक बन चुकें ये सभी पकड़ में आ सकते हैं।
कुछ तो ऐसे भी हैं जो फर्जीवाड़े से नौकरी लगने के बाद बोर्ड में भी नौकरी कर चुकें।
SOG ने ऐसे 800-1000 लोगों पर संदेह किया है परंतु वो फाइल अब दबी हुई है SOG आखिरकार LDC भर्ती 2018 की जांच क्यों नहीं कर रही ??
आज एसओजी द्वारा प्रेस वार्ता करके 2018 की तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं (प्रयोगशाला सहायक, कृषि पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी महिला सुपरवाइजर) में हुए फर्जीवाड़े तथा OMR घोटाले का खुलासा किया है ,यह मामला युवाओं के भविष्य और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं में हुआ घोटाला सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि
युवाओं के सपनों की हत्या है।
मेरा राज्य के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से प्रश्न है की आपकी पार्टी BJP द्वारा विपक्ष में रहते हुए भर्ती घोटाले से जुड़े मामलों की सीबीआई से जांच करवाने की बाते कहीं गई थी मगर सत्ता में आते ही किसी एक भर्ती से जुड़े मामले की भी जांच सीबीआई को क्यों नहीं दी गई ? क्या आप और आपकी सरकार अपने उन चहेते कांग्रेसी नेताओं को बचाना चाहते है जिन्होंने राजस्थान के लाखों युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया ?
भर्तियों में हुई यह गड़बड़ी पूरे सिस्टम की नाकामी और सरकारी तंत्र में व्याप्त संस्थागत भ्र्ष्टाचार का परिणाम है |
#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला
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राजस्थान में बेरोज़गार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।
OMR सीटें पैसों में बिक रही हैं और सरकार खामोश है।
इस खेल चयन बोर्ड के अधिकारी संजय माथुर भी शामिल है उन्हें निलंबित कर निष्पक्ष जांच हो
युवाओं को न्याय चाहिए, दिखावा नहीं।
#OMR_का_खेल_बंद_करो
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OMR बदलने, पेपर आउट, नकल और ‘अपना आदमी’ जैसे फर्जीवाड़ों के माध्यम से पिछले कई वर्षों से लाखों पढ़ने वाले युवाओं का भविष्य बर्बाद किया गया है। जिन घोटालों का अब पर्दाफाश हो रहा है, वे तो मात्र सैंपल हैं।
@_lokeshsharma#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला
लोगों की गिरफ्तारी जिसमें 2 RSSB BOARD में कार्यरत 👇🏻
संजय माथुर - तत्कालीन उप निदेशक (सिस्टम एनालिस्ट), RSSB, जयपुर
प्रवीण गंगवाल - प्रोग्रामर, RSSB ,
@alokrajRSSB@BhajanlalBjp#चयन_बोर्ड_OMR_घोटाला
गहलोत सरकार में पेपर आउट होता था….
भजनलाल सरकार में OMR शीट आउट हो रही है
35 नम्बर आने वाले को 195 नम्बर दिए जा रहे हैं…
65 वाले को 165 दिए जा रहे हैं…
ईमानदार छात्रों के क़िस्मत में तो रोड़े ही रोड़े हैं…!!
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