यही सवाल हम शुरू से लेकर अबतक पूछ रहे हैं कि आखिर @PatnaPolice24x7 फैसल खान की गिरफ्तारी क्यों नहीं कर सकी?
नोएडा में बैठे-बैठे इस पूरे मामले को हिन्दू-मुस्लिम वाला एंगल देकर फैसल खान उर्फ खान सर को मुस्लिम कार्ड का सिम्पैथी बैंगल पहनाने वाले पत्रकारों को आज रौशन आनंद के ये सवाल Pinch नहीं कर रहे हैं क्या?
जो पत्रकार ये कह रहे थे कि ये तो सिर्फ दो लोगों के बीच का आपसी विवाद है, इसमें क्यों कूदना वो सभी फिर खाली खान वाला सॉफ्ट सिम्पैथी का खदान खोद कर रौशन आनंद के सवाल पर क्यों चुप हो जा रहे थे? वो बताएंगे कितने की डील थी?
रौशन आनंद ने अपनी जमानत के बाद जो सवाल पूछा है वही सवाल हम लगातार पूछते रहे हैं कि आखिर @PatnaPolice24x7 फैसल खान के गार्ड का कबूलनामा होने के बावजूद, उसके खिलाफ FIR दर्ज करने के बावजूद भी उसको गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाई?
क्या फैसल खान की गिरफ्तारी को रोकने के लिए पटना पुलिस पर बिहार सरकार के किसी मंत्री का दबाव था या फिर स्टूडेंट्स को हथियार बना कर पुलिस को खरीदने की कोशिश हुई?
रौशन आनंद जिस तरह किसान कोल्ड स्टोरेज परिसर के मालिक पर षड्यंत्र रचने काआरोप लगा रहे हैं, उनके बेटे के करोड़ों की जिम के खर्च को लेकर सवाल कर रहे हैं.. क्या अब भी ये सिर्फ दो लोगों के बीच की लड़ाई ही लग रही है या फिर किसी बड़े सिंडिकेट के पर्दाफाश होने की सुगबुगाहट है?
ये सवाल क्या उन पत्रकारों को पिंच कर पाएगा कि आखिर फैसल खान ने फायरिंग की बात क्यों छुपाई, क्यों अपने बयानों से पलटे, क्यों स्टूडेंट्स को ढाल बना कर गिरफ्तारी से बचते रहे?
ये सवाल क्या कभी पॉडकास्ट वाले पत्रकारों को पिंच कर पाएगा कि आखिर सस्ती कोचिंग देने की बात करने वाले सिंडिकेट के पास इतना पैसा कहां से आ रहा है कि बड़ा-बड़ा अस्पताल खुल जा रहा है, लाखों करोड़ों का भोज हो जा रहा है.. कोचिंग पर कोचिंग का विस्तार हो जा रहा है?
या तो फिर सस्ती कोचिंग का दावा फर्जी है या फिर सस्ती कोचिंग की आड़ में महंगी कमाई का कोई दूसरा गुणा गणित है?
रौशन आनंद को फैसल खान से सुलह करने की नसीहत देने वाले जो लोग इस मामले में पटना पुलिस के पक्षपाती रवैये और फैसल खान की क्रियाकलापों पर सवाल उठाने के बजाय इस मामले पर मुखर अन्य पत्रकारों को भेड़िया बता रहे थे, क्या उनको कभी ये बात पिंच कर पाएगी कि असल में वो खुद सियारों की फौज में शामिल हो चुके हैं?
खैर, सियारों का हुआं हुआं EXPOSE हो चुका है
और आगे बहुत कुछ EXPOSE होना बाकी है.
#bihar #RoushanAnand #KhanSir #KhanCoachingCentre #PatnaPolice
ट्रेन संख्या 12281 (Duronto Express) से गया से दिल्ली जा रही एक महिला यात्री (कोच S6, सीट 7) का रात लगभग 1:00–1:30 बजे पर्स चोरी हो गया। पर्स में उनके बेटे गोपाल की पढ़ाई और परिवार के लिए रखे लगभग ₹4–5 लाख के गहने थे।
RPF में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस सहायता नहीं मिली है। यह सिर्फ गहनों का मामला नहीं, बल्कि एक परिवार की मेहनत और बेटे के भविष्य से जुड़ा मामला है।
सभी X यूज़र्स से विनम्र अपील है कि कृपया इस पोस्ट को अधिक से अधिक रीपोस्ट करें ताकि यह मामला रेलवे प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक जल्द पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
माननीय अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा है।
@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw@RPF_INDIA@RPFCR@DRM_DLI @drm_gaya @RailwaySeva
Roshan sir को परमानेंट बेल दिलाने वाले को
चेहरा पहचान लो पूरा बिहार, थैंक यू बोलो भूमिहार Ramakant Sharma advocate साहब जी को ओके।
Roshan Yadav Sir को बेल दिलाने वाले
बिहार के सबसे बड़े एडवोकेट Ramakant Sharma ने Roshan Anand का लड़ा केस, परमानेंट बेल मिला!
Roshan Yadav Sir का केस खत्म करवा दिया, परमानेंट बेल मिला है।
मुझे पहले से पता था Roshan sir ने वकील बढ़िया नहीं किया है।
और सामने वाला पार्टी सबको खरीदने की औकात रखता है और यहीं कर रहा था
Ramakant Sharma sir बिहार के सबसे बड़े महंगा एडवोकेट हैं, जब इनके पास बात पहुंची, FIR कोई बिहार का वकील इनसे जीत नहीं सकता है।
यहां तक जज को झुकाना पड़ता है।
जानबूझकर Roshan Yadav Sir को फंसा कर रखा, इतने दिन तक जेल में रखा गया।
Ramakant Sharma sir ने बिना फीस के केस लड़ा है, जो भी मर्जी हो दे दीजिए, पैसे की कोई बात नहीं हुआ।
Ramakant Sharma, उनको पता नहीं था केस के बारे में, बोले बच्चे को मैं न्याय दिलाऊंगा, बाहर लाऊंगा।
Prince Yadav छोटे भाई को जाने के बाद Roshan Yadav Sir को बेल मिला है, अगर यही बेल 2 दिन पहले मिला होता, भाई नहीं जाता।
Faisal ने बोला था तुमको बर्बाद कर दूंगा, बर्बाद कर दिया।
Advocate Ramakant Sharma sir नहीं होते, अभी भी बेल नहीं होता।
क्योंकि ये किसी की नहीं सुनते हैं।
अपने केस के लिए पैसे नहीं देखते हैं और इनसे बड़ा वकील कोई है नहीं, ईमानदारी से केस लड़ते हैं, न्याय दिलाते हैं !
रमाकांत शर्मा सर को कोई खरीद नहीं सकता है जिसका मर्जी उसका केस लड़ते हैं बिना किसी दबाव में यहीं सबसे बड़ी जीत हुई !
मैं अभी अपने भाई का दाह संस्कार करूंगा और उसके बाद फैज़ल खान का रत्ती-रत्ती पोल खोलूंगा कि फैज़ल खान टीचर है या गुंडा है, अत्याचारी है, झूठा है, मक्कार है:- रोशन आनंद
बिहार में एक पत्रकार ने एक भ्रष्टाचारी डीलर की पोल खोल दी!
अब चूंकि डीलर जी "शोषित पीड़ित वंचित" वर्ग के थे, तो इसलिए डीलर जी तो आज़ाद घूम रहे हैं, लेकिन पत्रकार जी SC/ST एक्ट में जेल के अंदर चले गए!!😂
ये है हमारा सामाजिक न्याय!!
Update on AC repair:
1. E5 error reported on Friday, June 5 to @RelianceDigital, @MyLloydIndia@havellsindia
2. None gave a fuck till I got abusive on X till Tuesday
3. Reliance guys said ‘compressor’ was the problem, needs to be replaced
4. Havell’s guys said they will inspect first. Sent two guys who said compressor was fine
5. Another team visited on Thursday which concluded copper pipe (inside the wall) was leaking. I they replaced it and charged ₹7,200, gave no bill as yet.
6. Reliance suddenly woke up to enquire if the AC was fixed. Some Mohd Momin guy called as to how he arranged everything on priority. Havells called 7 times for feedback.
7. In next two days gas refill etc was done and AC started cooling. Being a Sunday none of their guys picked up phone when another snag hit.
8. On Monday, 10 days in, same E5 returned.
So, they made me spend ₹7200, 10 days to fix nothing. Their local mechanics are doing a guess work, rather than fixing actual error. They are not paying, so their first aim is to get it replaced whatever they can.
Funny thing is, I already have bought a compressor to get it replaced by local guys. Havell’s kept sending teams- one found some fault, another filled gas, another replaced pipe, now the gas guys came again next day…
Now that I have seen everything, paid for a problem created by their team, now filing complaint @jagograhakjago just to see what they do. I have heard great stories about them shitting down complaints before solving it.
अजीत भारती:
"आपने दलितों के बीच का जातिवाद देखा है?"
अनिल शारदा:
"हाँ देखा है, पर आपने ब्राह्मणों के बीच का जातिवाद देखा है?"
अरे @theanilsharda जी,
लेकिन ब्राह्मण तो जातिवादी हैं ही ना? तभी तो उनको आरक्षण नहीं मिलता!
लेकिन दलितों को मिलता है आरक्षण जातिवाद की वजह से!
तो सवाल ये है कि जो गलती खुद कर रहे हो, उसी गलती का इल्जाम दूसरों पर थोप कर उसका हर्ज़ाना कैसे मांग सकते हो??
Hopefully, बात समझ आ गयी होगी!!
रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई है। रौशन आनंद का झगड़ा जिस फैजल खान से चल रहा है, उस फैजल खान ने जल्दी जल्दी से वीडियो बनाकर पोस्ट किया है। डर से गला सबका सूखता है। भय सबको हिला देता है। दुःख सबको मांजता है।
जो साम्राज्य फैजल खान ने मुस्लिम नफ़रत की बुनियाद पर बनाया था, वह साम्राज्य अब जमींदोज हो रहा है।
आग का क्या है, पल दो पल में लगती है
बुझते बुझते एक जमाना लगता है!!
ओवर एक्टिंग की दुकान फैजल ख़ान अब क्या मदद करोगे?:-
- पहले झूठ बोले कि 8 गोली चलवाया बाद में पता चला आपके ही गार्ड ने गोली चलाई
- फिर दोनों भाई पर जाकर केस कर दिया
- उसके बाद उनकी सामाजिक बदनामी की
- रोशन आनंद को जेल भिजवा दिया
- अब एक भाई की मौत हो गई तो कह रहे जो मदद बन सकेगा वो मदद करेंगे?
"बेटी तो बेटी होती है।"
कानपुर की नेहा दीक्षित भी एक बेटी थी , इसका ब्याह तय था, बाप ने पाई पाई जोड़कर बेटी के ब्याह से पहले पुश्तैनी जमीन पर नया घर बनाया था उसपर बुल्डोजर चलाया गया, फिर बेटी ने सर ढंकने को मलबे पर छप्पर डालकर इंतजाम किया तो , उसे छप्पर में उसके मां समेत बुलडोजर से जिंदा फूँक दिया गया। आरोपी सत्ता सजातीय लेखपाल आजाद हैं।
ब्लॉक प्रमुख रेनू शर्मा भी एक बेटी थी, ऋषि शर्मा के साथ झूठे केस में जेल भेज दिया गया जहां से उसकी लाश बाहर आई।
रीमा सीमा पाण्डेय भी बेटी थीं जिनपर विजय मिश्रा की दुश्मनी में गैंगस्टर एक्ट लगाया गया।
रूपा मिश्रा भी बेटी है जिसे विजय मिश्रा के साथ जबरन आरोपी बनाकर जेल में बंद किया गया है।
अर्चना मिश्रा भी बेटी है जिसे ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्र से बदला लेने के लिए जेल भेजा गया है।
खुशी दूबे भी बेटी थीं जिसपर विकास दूबे के बराबर केस लादे गए।
ऐसी अनगिनत बेटियों के साथ इस शासन ने बदले की भावना से सौतेला बर्ताव किया है, इन्हें योगी ने अपनी बेटी नहीं समझा , क्योंकि ये ब्राह्मणों की बेटियां थीं।
यह शिवप्रकाश गुर्जर है।
राज्यसभा MP ' भूमिहीन राधामोहन अग्रवाल' को जूते मारने की बात कहने वाले इस शख्स ने लोकसभा MP 'जमींदार हरीश मीणा' का बयान नहीं सुना क्या...? 🤔
सारा जोर कमजोर/भूमिहीन जातियों के नेता पर?🤔
खैर...मेरी थ्योरी पुनः सच साबित हुई है।🙏
यह सुनने में किसी हॉरर फ़िल्म जैसा लगता है, लेकिन यह स्पेन में घुसने की कोशिश कर रहे मुस्लिम शरणार्थियों की भीड़ है...
ये लोग मुस्लिम देशों में शरण लेने क्यों नहीं जाते? 🤔
खान सर की इंसानियत इसी में है कि सुलह करके रौशन आनंद सर का बेल करवाए। क्योंकि इन्हीं के केस की वजह से गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग गया था रौशन सर का भाई। इस केस में अभी तक खान सर ही गलत साबित हुए, फिर भी बाहर घूम रहे हैं। न्यायपालिका पर कोई कैसे भरोसा करेगा जब वह राजनीतिक दबाव में काम कर रही हो। इस घटना के बाद न्यायपालिका खान सर पर कार्रवाई करे या न करे, पर बिहार के लोगों की नजर में खान सर विलेन जरूर बन गए हैं।
अखिलेश यादव की बेटी पर टिप्पणी करने वाले तीन सोशल मीडिया हैंडल्स पर सपा की ओर से जो कम्प्लेंट करवाई गई और उन्हें यूपी का ही भाजपाई बताया जा रहा था, उसमें से एक पुणे के ऑटो चालक निकला तो एक की लोकेशन अमेरिका की निकली है।
अब तो ये पूरा मामला ही शायद सपा की रची हुई साजिश लग रहा है?