जिनके जननांगों में
जिनकी छातियों से ज़्यादा आग है -
वे नहीं समझेंगे..
क्या होता है जौहर?
और हां कोई पूछे इस @ReallySwara
से की चित्तौड़ की लाल-पीली मिट्टी का रंग
आज तक
राख जैसा क्यों है!
आप कल्पना करिए अगर यह घटना भारत में हुई होती तो क्या होता
अमेरिका के न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर एक महिला चाकू लेकर पुलिस वालों के तरफ हमला करने की नीयत से दौड़ी
और पुलिस वालों ने करीब 6 गोलियां मार कर महिला को वहीं मौत के घाट उतार दिया
अगर भारत होता तो हमारे सुप्रीम कोर्ट के जज कहते कि महिला को पैर में गोली क्यों नहीं मारी गई ? महिला को जब एक गोली से काबू किया जा सकता था तो 6 गोलियां चलाने की क्या जरूरत थी ? पुलिस के पास जब मिर्ची स्प्रे पैलेट गन होता है तब पुलिस ने 9 एमएम की पिस्टल क्यों निकाली ??
और पुलिस वालों को आजीवन कारावास की सजा हो जाती
तीन सप्ताह पहले, नीब करोली बाबा पर आधारित "हनुमान अंश" नामक फिल्म 400 सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
फिल्म ने पहले हफ्ते में 80 लाख रुपये कमाए!!
दूसरे सप्ताह में, स्क्रीन की संख्या घटाकर 200 कर दी गई और कलेक्शन 2 करोड़ से कम रहा!!
सबने इसे फ्लॉप घोषित कर दिया!!
तीसरे सप्ताह में गाना "मैंने तो तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दयी" वायरल हो गया और फिल्म का कलेक्शन 8 करोड़ तक पहुंच गया और ब्लॉकबस्टर बन गयी!!
वायरल गाना एक बुन्देलखंडी लड़के सुनील लोधी ने गाया है ।
जानते है, सुनील नेत्रहीन है, देख नहीं सकता!!
स्वरा भास्कर
@ReallySwara
जब कासिम 712 मैं आया था तो उसने 1 लाख स्त्रियां बच्चे गुलाम बनाए , रेप किया जिसमें 20 हजार खलीफा को भेजी गई
मोहम्मद तुगलक ने ऐसे 5 लाख गुलाम बनाए गजनवी ने बनाए और रेप किए
तुम रेप करवाना या उनके साथ सो जाना ज्यादा पसंद करती मरने की जगह
लेकिन राजपूत स्त्रियां इज्जत वाली थी तेरी जैसी नहीं वो मरना पसंद की
आग में जलकर जिससे उनका मरा शरीर भी बलात्कारी मुस्लिम सैनिक न छू पाए
प्रमाण देख रेप और गुलाम बनाने के
कमेंट में
शरीर पर चर्बी का जमना तो फिर भी ठीक है लेकिन दिमाग में जम जाना खतरनाक होता है...
हिंदू महिलाओं ने जौहर जैसी परंपरा अपनाई थी, ताकि आक्रमणकारियों द्वारा उन्हें बंदी बनाकर दास या यौन शोषण का शिकार न बनाया जा सके।
उनके लिए यह सम्मान और अपनी इच्छा से जीवन का बलिदान देने का निर्णय था।
उनके जीवन और मृत्यु के उस निर्णय को आज की दृष्टि से अपमानित करना इतिहास और उनके साहस, दोनों का अनादर है।
🚨 बड़ी खबर: जौहर पर की गई टिप्पणी को लेकर राजवीर सर ने स्वरा भास्कर को दिया जवाब 😳
स्वरा भास्कर:
"अगर मैं किसी दुष्कर्म की पीड़िता होती, तो यह फिल्म मुझे क्या संदेश दे रही है? मुझे ऐसा लगता कि अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए खुद को नुकसान न पहुँचाने पर मैं कायर हूं।"
राजवीर सर:
"जौहर आक्रमणकारियों के सामने झुकने से इनकार और आत्मसम्मान की रक्षा का प्रतीक था। इतिहास के साहस और बलिदान को आज की सुविधाजनक सोच के चश्मे से नहीं परखा जा सकता।" 🔥
मैं एक ऐसी ब्राह्मण महिला को जानता हूँ, जिनके विवाह के अगले ही दिन उनके पति का निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद जीवनभर उन्होंने सादा साड़ी पहनी और अरवा चावल खाकर अपना जीवन जिया।
कुछ साल पहले इन्होंने जीवित रहते अपना मृत्युभोज भी किया था
मुगलों को सामने डॉगी स्टाइल में झुक जाना आसान है मैडम..
जौहर का मतलब तुम जैसी “वेश्याएं” नहीं समझ पाएंगी।
कन्वर्ट होने के बाद मुगलपुत्रों के बिस्तर गर्म करना आपको आसान लगने लगा होगा, किन्तु जौहर एक तपस्या है, जहाँ अपने शरीर की पवित्रता के लिए खुद के जिन्दा देह को आग में झोंक लिया जाता था।
मजाहबी दरिन्दों से बचाने के लिए आज के दौर में भी पाकिस्तान में जब किसी सुंदर लड़की की मौत होती है तो उसके परिजन महीनों उसकी कब्र की पहरेदारी करते हैं...
क्योंकि सुंदर लड़की की कब्र को भी खोदकर हवसखोर मुर्दा लड़की के शरीर के साथ भी बलात्कार करते है!
मिस्र की साम्राज्ञी क्लियोपेट्रा ने जो मौत चुनी उससे दुनिया स्तब्ध थी! आखिर क्यों एक औरत नग्न अवस्था में अपने स्तन पर सांप से डसवाएगी लेकिन वो जानती थी कि जिसने मिस्र पर हमला किया है वे मजाहबी फ़ौज के लोग हैं!
स्तन पर डँस मरवाने से पूरे शरीर में जहर फैल जाएगा तो कोई इंफेक्शन के डर से उसकी मृत देह के साथ नहीं कर पाएगा और साथ ही स्तन को मुँह में लेकर कुचल नहीं पाएगा! वहशियों का क्या वे किसी भी हद तक जा सकते हैं।
फिर भी आपको बता दूं कि इतिहासकार कहते हैं कि मिस्र की साम्राज्ञी के शव के साथ तीन हज़ार बार बलात्कार किया गया था!
महारानी पद्मावती ने भी लड़कर मरने के बजाय जौहर इसीलिए चुना था!
अभी एक वेश्या ने कहा कि जौहर करने वाली रानियाँ कायर थी? जौहर क्यों चुना? आत्मसमर्पण ही कर देती..
...तो इसका स्प्ष्ट कारण था ख़िलजी और वैसे ही मजाहबी दरिंदो की फ़ौज ! महारानी जानती थी कि अगर लड़ते हुए उसने और उसकी साथी औरतों ने जान दी तो उसके शरीर के साथ क्या होगा ?
CPI नेता अमरजीत कौर का यह बयान कि "हम मोदी को निपटा डालेंगे", इनकी हिंसक और 'दिमागी नक्सल मानसिकता' का साक्षात प्रमाण है।
यही कारण है कि देश की जनता कम्युनिस्टों से इतनी नफरत करती है। 140 करोड़ देशवासी पीएम मोदी के ढाल बनकर खड़े हैं!
अब यह पुष्टि हो चुकी है कि जनवरी में हुए प्रदर्शनों के बाद से इस्लामी शासन द्वारा 100,000 से अधिक ईरानियों को मार डाला गया है, अकेले दो दिनों में 40,000 लोग मारे गए;
पश्चिमी 'प्रगतिवादियों' मानवाधिकार समूह ने इसका समर्थन कैसे किया, क्या उन्हें नज़र नहीं आया.??
दो साल पहले, गाज़ा से हमारे छह लोगों के शव बरामद किए गए थे।
हर्ष। ओरी। एडेन। अलमोग। एलेक्स। कार्मेल।
उन्होंने फ़िलिस्तीनी संगठन हमास की कैद में 11 महीने बिताए। और एक दिन, आतंकवादियों ने रफ़ाह की सुरंगों में उनकी हत्या कर दी।
आज गाज़ा में कोई बंधक नहीं है। लेकिन जो अपने घर वापस नहीं लौट सके, वे हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।
ईश्वर उन सभी की आत्मा को शांति दे।🕯️