पूर्व उपाध्यक्ष बार. ऐसो. गढ़ हापुड़ समाजसेवी | जनहित एवं राष्ट्रहित के लिए समर्पित | न्याय, भारतीय संविधान, विधि के शासन,नागरिकों के अधिकारों लिए प्रतिबद्ध🌹..
नरेंद्र मोदी, अमित शाह से किस कदर नाराज़ हैं युवा इस वीडियो में देखिए…
जिस कांग्रेस को नुक्कड़ की सभा करने के लिए लोग बटोरने पड़ते हैं, नाराज छात्रों ने सिस्टम “हैंग” कर दिया!!
मोदी जी, अब इंस्टाग्राम की रील और “hello friends” से बात बनने वाली नहीं है, कुछ ठोस काम करना पड़ेगा
राहुल गांधी जी, मैं आपका धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि आप हम छात्रों और युवाओं की आवाज उठा रहे हैं। देश के युवा आपके साथ हैं।
जब से योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, तब से लगातार पेपर लीक हो रहा है। इन सभी पेपर लीक के मामले मैं उंगलियों पर गिना सकता हूं।
जैसे:👇
• 2017 दरोगा भर्ती परीक्षा - पेपर लीक
• 2018 यूपी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा - पेपर लीक
• 2020-21 यूपी SI भर्ती परीक्षा - पेपर लीक
• 2022 लेखपाल भर्ती परीक्षा - पेपर लीक
• 2023 RO/ARO भर्ती परीक्षा - पेपर लीक
• 2023 यूपी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा - पेपर लीक
नरेंद्र मोदी जी, आप किसी गलतफहमी में मत रहिए। हम बिहारी हैं और स्वतंत्रता सेनानी के परिवार से आते हैं।
'कितनी लंबी जेल तुम्हारी, देख लिया है, देखेंगे'...
- बिहार के युवा का मोदी को मैसेज 👇
यह ऐतिहासिक है। लाखों छात्रों की आवाज किसी गहरे समुंदर में उठती सुनामी की आवाज की तरह है जिसकी गूंज नागपुर से लेकर दिल्ली तक धरती डोलने के लिए काफ़ी है।
राहुल गांधी की छात्रों के साथ ट्यूनिंग गजब की है। भाजपा और समूची नफ़रती ब्रिगेड को समझ लेना चाहिए कि भारत के युवाओं ने डरना छोड़ दिया है।
छात्र मंच से कह रहे हैं कि हम गांधी के विचार वाले हैं हम गांधी के साथ रहेंगे। आज छात्रों की गूंज से साफ़ पता चल रहा है कि इस देश के छात्र और युवा बेहद भरे हुए हैं। अब उनको पुलिस की लाठियों और पैलेट गन से नहीं डराया जा सकता। राहुल उम्मीद हैं। राहुल राजनीति का वर्तमान हैं।
#बिहार
फीस देने में दो दिन लेट होने पर अनाथ छात्रा को पीटा गया और कॉलेज से भगा दिया गया।
जब छात्रा के चाचा कॉलेज पहुंचकर प्रिंसिपल से कहा कि बिना मां बाप की बच्ची को परेशान किया जा रहा, तब प्रिंसिपल ने चाचा के साथ भी मारपीट शुरू कर दी।
सतना जिले के कृष्ण नगर क्षेत्र में चल रहे सरस्वती इंटर कॉलेज का मामला।
भारत की स्त्रियों को यह सुनना चाहिए, इसलिए नहीं कि उन्हें कोई महान वादा किया जा रहा है, यह जानने के लिए कि एक पॉलिटिशियन को महिलाओं के बारे में क्या और कैसे बात करनी चाहिए. भारत की स्त्री माताओं-बहनों के आगे भी बहुत कुछ हैं, एक मुकम्मल इंसान हैं, नागरिक है- उन्हें यह एहसास दिलाना और इसकी चिंता करना इस देश की तरक़्क़ी के लिए बेहद ज़रूरी है.
इसे कहते हैं ईंट का जवाब पत्थर से देना ! 👊🦾
कांग्रेस प्रवक्ता सरल पटेल ने उन लोगों को तगड़ा जवाब दिया
जो देशभक्ति का सर्टिफिकेट बाँटते घूमते हैं !
"फिरंगी के जमाने में मजे के दिन न काटे हों,
शहीदों के जनाजों से न खुद मैदान पाटे हों।
हमारी देशभक्ति की सनद वही मांगें,
जिनके बाप ने अंग्रेजों के जूते न चाटे हों।"
ऐसे प्रवक्ताओं को भेजना चाहिए न्यूज़ में जो इस अंदाज में जवाब देने की काबिलियत रखते हो !
अगर संवेदनाएं शेष है तो इस वीडियो को देखने के बाद आपको गुस्सा आना चाहिए।
देहरादून में दृष्टि दिव्यांग छात्राओं को पर्सनल दिक्कतों के लिए कई कई दिन तक दवाई नहीं मिलती, अच्छा खाना नहीं मिलता और पर्सनल टारगेट करके टॉर्चर किया जाता है। देहरादून में ये वही राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान है जिसमें विगत 20 जून को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू अपना जन्म दिन मनाते हुए भावुक होकर रो पड़ी थी।
यहाँ इन छात्र छात्राओं के लिए न किताबों के लिए आर्थिक मदद, न स्वास्थ्य सुविधाएं, न ट्रेंड इंस्ट्रक्टर और न स्थाई निदेशक। लड़कियों ने शिकायत की है कि डिस्पेंसरी में बदसुलकी भी की जाती है,, हॉस्टल में मिलने वाले खाने से लेकर किताबों के दाम बढ़ने पर भी स्टूडेंट्स ने नाराजगी जताई है, इनका कहना है कि कोई सुनने वाला नहीं कई बार लिखित शिकायत की लेकिन नतीजा शून्य।
@DraupdiMurm@PMOIndia@pushkardhami@priyankagandhi
देहरादून मैं ब्लाइंड स्टूडेंट्स 5 दिनों से प्रोटेस्ट कर रहा हैं।
इनकी मुख्य मांग है कि केंद्र सरकार ने उनकी स्कॉलरशिप बंद कर दी है उसकी जल्द बहाली हो।
दिल्ली के जंतर मंतर और झारखंड में छात्रों को अपनी मांग मनवाने के लिए अनशन तक करना पड़ा था।
अब ये दृष्टिबाधित छात्र भी भूख हड़ताल की बात कर रहा हैं।
@narendramodi,@INCIndia,@RahulGandhi,@pushkardhami,@BJP4India,@socialwelfaremp
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में नियुक्तियों के नाम पर बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है।यक़ीनन धर्मेंद्र प्रधान और RSS मिलकर जेएनयू का संघीकरण कर रहे थे।
फरवरी 2022 में जब संतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने जेएनयू की कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया, तो उन्होंने नियुक्तियों में शैक्षणिक योग्यता पर ध्यान केंद्रित करने का वादा किया था। चार साल बाद न्यूज आउटलेट द रिपोर्टर्स कलेक्टिव @reporters_co की जांच में चौंकाने वाली जानकारी मिली है।
कुलपति पंडित के कार्यकाल में जेएनयू ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के नियमों का उल्लंघन करते हुए कम से कम पांच एसोसिएट प्रोफेसर और दो प्रोफेसर नियुक्त किए हैं। यक़ीनन यह सब संघी होंगे। बात यही नहीं रुकी एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने जब दस्तावेज मांगे तो उन्हें दस्तावेज नहीं दिए गए।
ख़ौफ़नाक यह है कि जेएनयू में कुलपति पंडित के अधीन अयोग्य प्रोफेसर नियुक्त किए गए, शॉर्टलिस्ट में हेरफेर हुआ, आईक्यूएसी की शक्ति बढ़ाई गई, निर्वाचित सदस्यों की असहमति नजरअंदाज की गई और योग्य शिक्षकों की पदोन्नति रोकी गई।
बधाई आलोक राजपूत, मित्र नितिन सेठी @nit_set और पूरी टीम को इस खबर के लिए
ये बच्चे जो बोल नहीं सकते वो भी सरकार से जवाबदेही माँग रहे हैं। आदरणीय प्रशासन, अब तो बदलना ही पड़ेगा आपको पुराना ढर्रा। छोड़नी पड़ेगी लाल फ़ीताशाही, देने पड़ेंगे जवाब, लेनी पड़ेगी ज़िम्मेदारी। सवाल करना सीख गई है ये पीढ़ी। असल में आज़ादी का अमृत महोत्सव हो रहा है।
जयपुर, राजस्थान
क्या आंदोलन करने वाले इन छात्रों को भी विदेशी फंडिंग आ रही है ?
लोग पूछ रहे थे जंतर मंतर से क्या मिला ?
देख लो, पूरे देश के छात्रों को ये सन्देश मिला कि अगर आवाज उठाओगे तो आपको अपना हक़ मिलेगा !
देश के अलग अलग कोने में छात्र अपने हक़ के लिए प्रोटेस्ट करने लगे हैं, जंतर मंतर की जीत ने उन्हें ताकत दी है !
AISA President @neha_aisa: "TDPL jaisi blacklisted aur corrupt agency ko turant barkhast karo."
Jharkhand ke students ka bharosa tabhi lautega jab JPSC-JSSC par saari maange bina deri ke puri hongi.
@HemantSorenJMM demands puri kijiye nahi toh istifa dijiye.