आदरणीय @narendramodi जी –
आपकी सरकार को अपने टोल नीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। टोल कर केवल कमर्शियल वाहनों पर ही लगाया जाना चाहिए, वह भी तभी जब वाहन माल से लदा हो। निजी उपयोग में आने वाले सामान्य वाहनों पर टोल वसूलना न तो तर्कसंगत है और न ही न्यायसंगत।
एक वाहन चालक पहले ही वाहन खरीदते समय भारी राशि रोड टैक्स के रूप में अदा करता है। इसके अतिरिक्त पेट्रोल-डीज़ल पर कर, बीमा, मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स और अन्य सेवाओं पर भी लगातार टैक्स चुकाता है। ऐसे में उसी सड़क पर चलने के लिए बार-बार टोल के रूप में अतिरिक्त कर वसूलना आम नागरिक पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालता है।
सड़कें किसी विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि बुनियादी सार्वजनिक सुविधा हैं। जब नागरिक पहले ही अनेक स्तरों पर कर दे रहा है, तो उससे दोबारा उसी सुविधा के लिए शुल्क लेना ‘डबल टैक्सेशन’ जैसा प्रतीत होता है। यदि टोल प्रणाली को जारी रखना ही है, तो उसे केवल मालवाहक और व्यावसायिक वाहनों तक सीमित किया जाना चाहिए, क्योंकि वही सड़क अवसंरचना पर अधिक भार डालते हैं और व्यावसायिक लाभ भी अर्जित करते हैं।
एक न्यायपूर्ण और संतुलित टोल नीति न केवल आम जनता को राहत देगी, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगी।
~ साभार: @NCIBHQ
सभी देशवासियों को दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। 🪔
खुशियों के दीपों से भारत रोशन हो उठे, हर आंगन में सुख, समृद्धि और मोहब्बत का उजाला फैले।
@RahulGandhi@priyankagandhi
Bjp government has ruined the puture of youth specially the students.
Now, we want that @RahulGandhi
Should become the voice of students at #sscprotest and try to provide the justice.
Now #sscmissmanagment became the biggest ussue of students.