कानपुर की विश्वस्तरीय सड़कें
बस दुबई वाली सड़कों से इतना सा अंतर है कि वहां रेत सड़क के बाहर होती है यहां सड़क ही रेत में बदल जाती है।
@mayorkanpur@DMKanpur@irameshawasthi
आख़िर क्या कारण रहा होगा कि प्रशासन ने उस कंपनी को ट्रांस गंगा ब्रिज बनाने का काम सौंप दिया
जिसके बनाए पुल पहले भी तीन बार गिर चुके है
??
@DMKanpur@myogiadityanath
कानपुर सेंट्रल पर माइक बिल्कुल बंद है ट्रेन डिस्प्ले में जीरो प्लेटफॉर्म दिख रहा है जबकि जीरो प्लेटफार्म संख्या कानपुर सेंट्रल पर कहीं नहीं है पैसेंजर करें तो क्या करे कानपुर सेंट्रल पर पूछताछ केंद्र भी नहीं है
@RailwaySeva@NWRailways@RailMinIndia@nationalrailenq
इस तस्वीर को देखकर पीएम मोदी को,
दिल्ली के उप राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को,
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को,
दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही को,
दिल्ली MCD के कमिश्नर संजीव खिरवार को,
साथ ही दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को,
अगले 13 दिनों तक पश्चाताप करना चाहिए और 14वें दिन हाथ जोड़कर दिल्ली वालों से और मालवीय नगर अग्निकांड में जान गंवाने वाले विदेशी नागरिकों के परिवारों से माफी मांगनी चाहिए कि उनके निकम्मेपन की वजह से 21 लोग बेमौत मारे चले गए.
ओह, ये तस्वीर देखकर कलेजा छलनी हो रहा है!
#Delhi #DelhiFire #MalviyaNagarFire
#Important:- 10000% पुख्ता सूत्रों के आधार पर कह रहा हूं:-
अब बिहार के दो शिक्षकों की PR टीम सक्रिय हो गई है। एक टीचर ने तो पत्रकारों को टारगेट करने के लिए खजाना खोल दिया है।
दोनों की PR टीम अब अपने-अपने वाले के पक्ष में माहौल बनवाने में लगी है। कुछ देर में आपको दोनों पक्षों के समर्थन और विरोध के ट्वीट दिखेंगे। इसमें अधिकांशतः छोटे हैंडल मांगे जा रहे हैं ताकि न्यूट्रल वे पर PR हो।
जबकि सच्चाई ये है कि दोनों ने शिक्षा जगत को कलंकित करने का पाप किया है। दोनों ने बिहार को बदनाम किया है। इनकी पोल खोलते रहिए..
@KESCoHQ ने कानपुर की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है बारिश की चार बूंदे गिरी नहीं बिजली की अघोषित कटौती चालू हो जाती है कोई फोन उठाने वाला नहीं है कोई जवाब देने वाला नहीं है जिम्मेदार लोग गायब हैं
@myogioffice@UPPCLLKO@CMOfficeUP@mduppcl@aksharmaBharat
कल सुबह की ये ब्रेकिंग खबर होने वाली है:-
बिहार के पटना में फैजल ख़ान की कोचिंग सेंटर के बाहर मारपीट और झड़प हुई है।
इस मामले में किसी भी कोचिंग माफिया से कोई सहानुभूति नहीं। ये सब बच्चों को मूर्ख बना रहे हैं। उनकी मेहनत का झूठा क्रेडिट खा रहे हैं
फैजल ख़ान ने दावा किया था कि उसकी कोचिंग से 12,000 छात्र कॉन्सटेबल हुए। वहीं ज्ञान बिंदु ने दावा किया था कि उसके यहाँ से 10,000 छात्रों का चयन हुआ जबकि टोटल भर्ती ही 19000 हुई
अब ये कोचिंग माफिया आपस में झड़प रहे हैं। वास्तव में दोनों ही कोचिंग माफिया हैं। सरकार को इस पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।
आज इनकी बारी है, कल तुम्हारी होगी ।
क्योंकि याद रखना कि यदि तुम खुद की कमाई से रोटी खा रहे हो तो आज या कल,कभी न कभी ऐसा पल आएगा ही जब आप उनके मत से सहमत नहीं रहोगे। और तब तुम्हारी भी इसी तरह से बलि चढ़ाई जायेगी, जैसे आज इनकी चढ़ाई जा रही ।
@askrajeshsahu ज्यादातर मामलों में यही होता है। हमें जैसी तस्वीर दिखाई जाती है, वास्तविकता अक्सर वैसी नहीं होती। चाहे मामला महिलाओं के नाम पर हो या दलितों के नाम पर, या किसी और जाति के नाम पर हो कई बार जो छवि प्रस्तुत की जाती है, सच्चाई उससे काफी अलग होती है।"
@pandit_jag@kanpurdehatpol@DMKanpurDehat चाहे कानपुर के DM हों या हाथरस के DM, उन्हें कितनी भी बार टैग कर लो, न ट्वीट देखा जाता है और न जवाब दिया जाता है। नेताओं से ज्यादा सुबह-शाम सिर्फ प्रचार होता है, लेकिन जनता के मुद्दों पर X हैंडल हमेशा खामोश रहते हैं