कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा -
"संसद चल रही है और आप बच्चों पर आंसू गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या इस तरह सरकार चलती है? सदन के अंदर हमारा व्हाट्सएप जाम कर दिया, गेट बंद कर दिए। ये कैसी सरकार है? संसद बच्चों की भी है, यह उनका संवैधानिक अधिकार है।"
दिल्ली जाम मतलब दिल्ली जाम।
हर कोने में 10-20 हजार छात्र।
जंतर मंतर नहीं है, CP का सेंट्रल पार्क है।
सिर्फ दलित नहीं है, सिर्फ पिछड़े नहीं है, सिर्फ सवर्ण नहीं हैं, सिर्फ मुसलमान नहीं हैं, सिर्फ किसान नहीं हैं, सिर्फ बेरोजगार नौजवान नहीं हैं। सब है सब।
ओडिशा में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास और कार्यालय के बाहर हुए विरोध प्रदर्शनों (विशेषकर NSUI और युवा कांग्रेस द्वारा) के पीछे मुख्य कारण NEET-UG और अन्य परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताएं हैं। इन प्रदर्शनों में मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई है!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर से किसान पहुंचना शुरू हो गए हैं। राकेश टिकैत ने भी सभी राज्यों के किसानों से दिल्ली आने की अपील की है।
अब सवाल सिर्फ किसानों का नहीं, जनता की आवाज़ का है। अगर लाखों किसान एकजुट होकर मैदान में उतर गए,तो सरकार जनआंदोलन को नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं होगा।