Dear Prime Minister Ambani,
Please accept my humble apologies for not realizing that you are the real boss of India.
Naturally, you would prefer to maintain your monopolistic exploitation of the great people of India, but would you nonetheless consider allowing Starlink to compete?
There are many areas of India, as there are in all countries, with no Internet access, which denies children the opportunity for education and for small businesses the opportunity to sell their goods to a global market. Starlink would change their lives for the better.
Thank you 🙏
#India: We are concerned by reports of mass detentions of demonstrators, protest leaders, members of civil society organisations, lawyers and journalists, before and during today’s large-scale demonstrations in Delhi.
We call on the authorities to ensure that the right to peaceful assembly is fully respected and fulfilled.
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बेटियां कैसे डॉक्टर बनेगी गर्ल्स हॉस्टलों का काला सच एक होनहार बेटी की मौत और सिस्टम पर उठते गंभीर सवाल हैं
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। यह कोई ���ामान्य घटना नहीं, बल्कि शिक्षा के नाम पर चल रहे कथित गर्ल्स हॉस्टलों, पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली और सत्ता-तंत्र के गठजोड़ पर बड़ा सवाल है।
मृतका भूमिहार समाज की बेटी थी, गरीब माता-पिता की संतान, जिसने पहले ही डेंटल ��ॉक्टर बनने की परीक्षा पास कर ली थी। उसका सपना था AIIMS से MBBS कर डॉक्टर बनना। पढ़ाई के लिए वह पटना आई, गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। लेकिन अब वही शहर, वही हॉस्टल, उसकी मौत का गवाह बन गया।
हैरानी की बात यह है कि पटना के तत्कालीन एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने से पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को आत्महत्या घोषित कर दिया गया। जबकि बाद में आई पोस्टमॉर���टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर 12 जगह खरोंच और चोट के निशान पाए गए। सवाल सीधा है
क्या कोई लड़की आत्महत्या करने से पहले खुद को इतनी जगह घायल करती है?
मामले में संदेह और गहराता है जब यह सामने आता है कि
- छात्रा को चार दिनों तक सामान्य अवस्था में अस्पताल में रखा गया,
- पुलिस को सूचना दिए बिना हॉस्टल मालिक द्वारा कमरे का दरवाज़ा तु��़वाया गया,
- परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताने के बावजूद जांच में गंभीरता नहीं दिखाई गई,
- और स्थानीय लोगों द्वारा पहले से हॉस्टल के खिलाफ शिकायतें होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पोस्टमॉर्टम और मेडिकल संकेत यह भी बताते हैं कि छात्रा को नशे का इंजेक्शन दिए जाने, यौन शोषण या गैंगरेप की कोशिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नशे की हालत को “नींद की गोली” कहकर खारिज किया जा रहा है, ज���कि परिस्थितियाँ कुछ और ही कहानी कहती हैं।
सबसे चिंताजनक सवाल यह है कि जिस गर्ल्स हॉस्टल में छात्राएँ रहती थीं, उसके बाहर फॉर्च्यूनर, सफारी, इनोवा जैसी महंगी गाड़ियाँ नियमित रूप से क्यों आती थीं? आखिर कोई करोड़पति व्यक्ति गर्ल्स हॉस्टल क्यों चलाएगा? यह सिर्फ संयोग है या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क?
चित्��गुप्त नगर की थानाध्यक्ष स्वयं महिला हैं, फिर भी पुलिस का यह रवैया भ्रष्टाचार और सांठगांठ की ओर इशारा करता है। मृतका के मामा ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि केस रफा-दफा करने के लिए 15 लाख रुपये तक का ऑफर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इलाज के दौरान छात्रा होश में थी और अपनी मां से कुछ कहना चाहती थी, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बेहोशी की दवा देकर चुप करा दिया।
छात्रा के पिता का कहना है कि यह लड़ाई सिर्��� उनकी बेटी की नहीं, बल्कि हर उस बेटी की है जो पढ़ाई के लिए घर से बाहर निकलती है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करेंगे और दोषियों को फांसी की सजा दिलाने तक पीछे नहीं हटेंगे।
बिहार के नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी के सामने यह मामला अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है और ‘योगी मॉडल’ की चर्चा भी हो रही है। लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपराध में निष्पक्ष, त्वरित और कठोर कार्रवाई ही किसी भी मॉडल की असली पहचान होती है। यदि इस मामले में ईमानदार SIT जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होती है, तो यह उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
पटना जैसे शिक्षा-केन्द्र में कुकुरमुत्तों की तरह उग आए गर्ल्स हॉस्टल और PG आज छात्राओं की सुरक्षा के बजाय खतरा बनते जा रहे हैं।
शरीर प��� 12 ज़ख्म, नशे की आशंका, इलाज में देरी, सबूतों से छेड़छाड़ और ढीली जांच ये सब आत्महत्या की थ्योरी को कमजोर करते हैं।
अब वक्त आ गया है कि :-
- पटना सहित पूरे बिहार में गर्ल्स हॉस्टल/PG की व्यापक ऑडिट हो,
- उनकी निगरानी और पंजीकरण अनिवार्य किया जाए,
- और इस मामले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित हो।
अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह सिर्फ एक बेटी की मौत नहीं ह��गी, बल्कि पूरे सिस्टम की नैतिक हार मानी जाएगी।
न्याय सिर्फ पीड़िता के लिए नहीं, बल्कि उन हजारों छात्राओं के लिए ज़रूरी है जो सपने लेकर पटना आती हैं।
बहन को इंसाफ चाहिए आख़िर पुलिस अपनी ज़िम्मेदारी कब निभाएगी
@Abhinav_Pan Bahut glt servey hai....101 seat me se bjp 85-93 jeet jayeni ....wahi 2020 me 110 seat me 74 hi jeet payi thi....iss Baar third front jansuraj bhi hai phir bhi .....gjb ka servey hai 🙏
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर NDA में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो गया है. बीजेपी 101, जेडीयू 101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो वहीं चिराग पासवा�� की पार्टी LJP(R) 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इसके अलावा RLM और HAM को भी 6-6 सीटें दी गई हैं.
#BiharElections #SeatSharing #ChiragPaswan #NitishKumar #JDU #BJP #ABPNews
@sahityaaajkal@prasap01 रद हो जाएगा तो क्या हो जाएगा..जैसे तेरे जैसे बेरोजगार जिंदा है वैसे रहेगा ��ोग... हमको लगता है आजतक कोई exam पास किया हैं या नहीं कि जीवन भर रद - रद किया है....
@mmalayanil Sir , sorry to say you people are paying with innocent students and candidates . From last 6 month I am following your news , you are act like broker of government . Till this time you couldn't joining of tre-03 candidates. You never questioning to government why it is delaying
@Poojaya83928340@prasap01@BiharEducation_ Jee madam , मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ है क्योंकि मैने कभी BPSC Tre diya hi nhi .... और ऐसा ईश्वर सब कुछ सही रखे तो ऐसा एग्जाम देना नहीं पड़ेगा जिसमें लोग फर्जी तरीके से पास हो ..जिसके पास पैसा है वो पास कर गया ....और qualified candidate bahar bhaite hai ...