TRAI को Consumer की मजबूरी दिखाई देना कब शुरू होगी ?
आज Mobile luxury नहीं, जरूरत है
OTP से लेकर Banking, UPI, Emergency और रोज़मर्रा के काम तक हर जगह mobile number की बेहद ज़्यादा जरूरी हो गया है
एक तरफ़ तो जिसे Data चाहिए उसके internet speed कछुआ से भी Slow क्यो? दूसरी तरफ़
भारत में करोड़ो ऐसे लोग है जिन्हें केवल Incoming call और SMS की जरूरत है उनसे Data का पैसा क्यों ?
अरे भाई साहब लूट मची है लूट, भोली भाली जनता को लूट लो।
एक तो Recharge इतने महंगे हो चुके हैं और अब Phone Pay लोगों की जेब काटने पर लगा है।
मैंने 399 रुपए वाला Recharge Select किया, जैसे ही मैंने Proceed To Pay किया वैसे ही 399 की जगह 404 Pay होने लगे।
एक छोटे से Recharge पर सीधा 5 रूपये Extra देने पड़ रहे हैं। भाई यह तो हद ही हो चुकी है।
Phone Pay पर पहले Recharge करने पर 2 रुपए ज़्यादा कटते थे मगर अब तो उन्होंने लूट ही मचाकर रख दी है।
🚨 @airtelindia & @reliancejio please launch a truly affordable/low cost Voice + SMS only Monthly recharge plan with ZERO internet data.
Not everyone needs daily data. Many poor, low income, senior citizens and basic keypad phone users mainly need calling and SMS.
Example - Start With 100Rs Plan
💬Comment & Repost if You are agreee with this proposal 🇮🇳👍
#Airtel #Jio #Recharge #Telecom #India
भारी बारिश में झारखंड के छात्रों की तिरंगा यात्रा.
रांची में छात्रों के आंदोलन का आज बारहवां दिन है .
JPSC और JPSC -CGL में धांधली और घोटालों के खिलाफ डटे हैं छात्र.
कुछ देर पहले ही रांची पहुंचा हूं . अब मेरे यूट्यूब चैनल पर लगातार कवरेज देख सकते हैं .
आज झारखंड, रांची आया। इतने छात्रों का दर्द सुना।
मैं कहूँगा कि आज exam system इतना खोखला हो चुका है कि भर्तियों का इतना बुरा हाल है।
पहले भर्ती आए- इसके लिए लड़ो।
फिर exam के लिए सालों इंतज़ार करते रहो।
5 साल में एक मौका मिल भी गया तो paper leak हो जाएगा, या setting और cheating का खेल शुरू हो जाएगा।
इन सब से भी ऊपर निकलकर आप 300 में 299 भी ले आए, तो भी result में नाम आएगा इसकी कोई गारंटी नहीं।
आख़िर हर कदम पर इस देश के छात्रों के साथ क्यों छल किया जा रहा है?
और जो छात्र 100-200 रुपये की form fees जैसे-तैसे जमा करता है, वो बार-बार आंदोलन कैसे करे?
क्या करे?
असहाय महसूस करता है। जैसे-तैसे लड़ने की हिम्मत जुटाता है, सालों के अत्याचार के बाद…
कोई भी सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को ठीक नहीं कर रही। इसकी एक बड़ी वजह मुझे यह लगती है कि सरकारों की प्राथमिकताएँ में ये है नहीं और उनके funds का बड़ा हिस्सा freebies में indirectly वोट ख़रीदने में जा रहा है
जनता जिस विचारधारा के ख़िलाफ़ वोट देती है, कल को वही नेता पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में चला जाता है। हर मोड़ पे बिस्वासघात ।
आज देश के सभी शिक्षकों को छात्रों के हितों के लिए आगे आना होगा। इनकी लड़ाई का हिस्सा बनना होगा।
तभी सबके पढ़ाने की सार्थकता है।
वरना आप भी सरकार की तरह ही है जिसका ध्यान बस पैसे आने से है,बस पढ़ाओ। Selection हो या न हो, उससे क्या मतलब?
जितनी भर्ती cancel होगी, जितनी delay होगी, उतना ज़्यादा coaching का पैसा आएगा।
इसलिए मैं सभी शिक्षकों से हाथ जोड़कर आग्रह करता हूँ 🙏🏻
please छात्रों के साथ हो रहे इस अन्याय में, जैसे भी संभव हो, वीडियो बनाकर उनकी आवाज़ उठायें या यहाँ की व्यवस्था के लिए आर्थिक मदद दे।
अगर शिक्षा से जुड़े लोग भी छात्रों के साथ खड़े नहीं होंगे, तो फिर उनके साथ खड़ा कौन होगा?
Reaching ranchi @tuesday ||
मैंने पिछले 10 सालों में युवाओं की आँखों में मरते हुए सपने देखे हैं।
सालों तक लटकती भर्तियों के बीच उनकी उम्र निकलते देखी है।
आज कभी Paper Leak, कभी Cheating, कभी Result में गड़बड़ी, तो कभी कई राज्यों की भर्तियों में खुलेआम नौकरी की खरीद-फरोख्त...
आख़िर एक छात्र कब तक हिम्मत रखे? कब तक उम्मीद बनाए रखे?
मेरा सबसे बड़ा डर ये है कि जिस युवा को हम देश का भविष्य कहते हैं, वही युवा अब किताबें छोड़ने लगा है।
अभी झारखंड के हालात देखिए। भर्तियों में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवा सड़कों पर हैं।
ऐसे समय में मेरा फ़र्ज़ है कि मैं आपकी आवाज़ और आपका हौसला बुलंद करने आपके बीच पहुँचूँ।परसों आप सबसे रांची में मुलाकात होगी। सुबह-शाम वहीं से क्लास लूँगा और दिनभर आपके साथ रहूँगा।
आप जानते हैं, अभी एक बड़ा आंदोलन ख़त्म हुआ ही है। वो महीना मुश्किल रहा। 4-5 घंटे पढ़ाकर निकल जाना और कई रातों को 3-4 बजे घर लौटना।
क्योंकि अगर हमारा Education System और Exam System नहीं बदला, तो देश की सेवा ऐसे लोगों के हाथों में जा रही है जो उसके योग्य नहीं हैं। फिर एक अच्छे राष्ट्र की कल्पना भी झूठा स्वप्न हैं... 'विकसित भारत' तो दूर की बात होगी।
JPSC-JSSC आंदोलन में छात्रों ने एक नाटक के ज़रिए भर्ती प्रक्रिया से जुड़े गंभीर आरोपों को मंच पर उतारा. '₹25 लाख एडवांस', पेपर लीक, 'सेटिंग' और अभय तिवारी से जुड़े आरोपों को लेकर छात्रों ने अपना पक्ष रखा और कई सवाल उठाए.
आख़िर इस एक्ट में क्या दिखाया गया? देखिए रांची से हमारी ग्राउंड रिपोर्ट.
Full Report: https://t.co/ssED6QLHS3
@vikasvermaindia@hemraj____
झारखंड से देर रात की तस्वीरों में सैकड़ों छात्र अभी भी सड़कों पर नज़र आ रहे हैं।
वे परीक्षा में बार-बार हो रही गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस-JMM सरकार ने अभी तक उनकी मांगों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जिस तरह हजारों की संख्या में छात्र अपनी वाजिब मांगों को लेकर रांची में डटे हुए हैं, यह इस आंदोलन की ताकत को दिखाता है। यह आंदोलन जरूर कामयाब होगा।
छात्रों की मांग है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की CBI जांच कराई जाए, भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस आंदोलन में शामिल हजारों छात्र ही इसकी सबसे बड़ी ताकत और चेहरा हैं। धीरे-धीरे @khurpenchh , @TheLallantop अन्य स्थानीय मीडिया की वजह से इस आंदोलन की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी होने लगी है।
कम से कम दिल्ली में हुए आंदोलन से सीख लेते हुए झारखंड सरकार को समय रहते पहल करनी चाहिए।
देश में हर जगह जैसे प्रोटेस्ट का ट्रेंड चल गया
है
इधर गया जिले के टिकारी मेडिकल स्कूल के बच्चे साफ़ बाथरूम और अच्छी पढ़ाई की माँग करने लगे।
टीचरों की शिकायत कर रहे हैं सो अलग!!
रांची में #JPSC#JSSC आंदोलन के बीच डिनर करते छात्रों को देख कर एक शेर याद आ गया।
साहिल के सुकूँ से किसे इंकार है लेकिन,
तूफान से लड़ने में मजा ही कुछ और है।
यह कोई जंतर-मंतर नहीं है, जहाँ पिज्जा-बर्गर और आइसक्रीम की अनवरत सप्लाई मिले। यहां इन्हें हालातों से खुद लड़ना है, खुद जीतना है।
झारखंड, जिस धरती ने देश को खनिज दिए,उद्योगों को ताकत दी विकास की नींव मजबूत की… आज वहीं के युवा अपने ही हक़ के लिए सड़कों पर आवाज़ उठाने को मजबूर हैं।
सवाल उस शिक्षा और भर्ती व्यवस्था का है, जिस पर आज लगभग हर राज्य को गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है।
क्या इन छात्रों की आवाज़ भी 35–40 दिन तक यूँ ही अनसुनी रहेगी? क्या फिर किसी बड़े आंदोलन, किसी बड़ी घटना या किसी बड़े दबाव का इंतज़ार होगा?
अगर समय रहते छात्रों की गुहार सुन ली जाए… तो आखिर क्या हरज है? संवाद की शुरुआत इतनी देर से क्यों होती है?
झारखंड के #JPSC#JSSC अभ्यर्थियों ने 6 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। इसमें बड़ी संख्या में वे छात्र भी शामिल होंगे, जिन्हें कई वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिली है।
उसी दिन झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होगा। छात्रों के आंदोलन के बीच यह सत्र हंगामेदार होने की उम्मीद है।
ये दिल्ली का जंतर मंतर नहीं बल्कि झारखंड की तस्वीर है जहां कांग्रेस-जेएमएम की सरकार है..
छात्र सड़क पर हैं... परीक्षा व्यवस्था में कमियों को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं...
कॉकरोच पार्टी वाले वहां छात्रों की आवाज़ बनने कब पहुंच रहे हैं?
राहुल जी के पास पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था ठीक करने का फॉर्मूला है तो झारखंड का भी इलाज कर दें...
#PaaltuMedia सन्नाटे में है.. उसका काम है सरकार से सवाल पूछना.. लेकिन उनके लिए सरकार मतलब सिर्फ मोदी है.. विपक्ष शासित राज्य की सरकारों को वो सरकार नहीं मानते...
पीएम मोदी ने तो अपने शिक्षामंत्री का इस्तीफा ले लिया.. अभी देखते हैं कहां कहां की सरकारें क्या क्या करती हैं छात्रों के लिए।
आज रांची में हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर मार्च कर रहे थे। मुद्दा वही—पेपर और परीक्षा में कथित गड़बड़झाला। छात्रों का कहना है कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया सही नहीं है। ताजा मामला 2 जुलाई को घोषित JPSC प्रीलिम्स परीक्षा के परिणाम में अनियमितताओं को लेकर है।