@mssirsa ड्राइवरों की पुरानी मांगों पर फाइल आगे नहीं बढ़ती,
लेकिन नई घोषणाओं की रफ्तार देखिए।
पहले लंबित वादे पूरे कर दीजिए साहब,
फिर नए सपने भी अच्छे लगेंगे।
वरना जनता को लगता है कि काम कम और प्रचार ज्यादा हो रहा है।
@mssirsa पहले CNG को भविष्य बताया गया
लाखों लोगों ने कर्ज लेकर वाहन खरीदे
अब EV को भविष्य बताया जा रहा है
सवाल यह नहीं कि नीति सही है या गलत
सवाल यह है कि हर बार भविष्य बदलने की कीमत सिर्फ ड्राइवर ही क्यों चुकाए
सरकार प्रदूषण पर गंभीर है लेकिन क्या ड्राइवरों के भविष्य पर भी उतनी गंभीर है?
@p_sahibsingh@myogiadityanath उत्तर प्रदेश की चिंता मत कीजिए, वहाँ व्यवस्था अपने रास्ते पर चल रही है।
कभी दिल्ली के ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों की भी चिंता कर लीजिए।
किराया वर्षों से अटका है, खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, और आश्वासन आज भी फुल टैंक से ज्यादा मिलते हैं। 🚕
@BJP4India हर कोई अपना माल सोना ही बताता है।
कभी टूटी सड़कें, जाम, जलभराव और अधूरे वादों की प्रदर्शनी भी लगा दीजिए, तब विकास की तस्वीर पूरी दिखाई देगी।
@Mrsanjaysengar@narendramodi जी गाड़ी का इंश्योरेंस भारत में क्यों किया जाता है कानून घटिया है इसलिए गाड़ी टच होते ही कोई भी किसी को पीट देता है खासकर गरीब व्यक्ति को
प्रधानमंत्री का कार्य नेता का कार्य कानून व्यवस्था कानून कठोर बनना है ताकि मार पिटाई ना हो टाइम पास करना नहीं
क्या ऐप कंपनियों की मनमानी के कारण दिल्ली के ड्राइवरों की सेहत से खिलवाड़ जायज है? @bhash@dkhos जी, आपके ऐप में एक साथ अनगिनत राइड्स का पॉप-अप और चुनने का बेहद कम समय हमारी आँखों को खराब कर रहा है और एक्सीडेंट का खतरा बढ़ा रहा है। इस डिजिटल शोषण को तुरंत बंद करें।
@gupta_rekha ओला उबर रैपिडो भारत टैक्सी ने ड्राइवरों को भिखारी बना दिया 5KM में 1 राइड पर अनगिनत ड्राइवर लड़ाए जाते हैं दिनभर फोन घूरने से आँखें और मानसिक संतुलन खो रहे हैं क्या हमारा परिवार नहीं ये डिजिटल अत्याचार बंद हो #DriverRights #RamLadduHaq@narendramodi
@swatntra_anuj सोशल मीडिया पर एक्टिव होने का मतलब यह नहीं की सर्व ज्ञानी आप ही हो इसलिए कभी-कभी अनजाने में मूर्खता भरी बातें मत किया करो दोनों तरफ से बातें देखो सोचो समझो
कंपनियों के खिलाफ बोलना शुरू करो ड्राइवर के खिलाफ नहीं
जब स्टेशन पर गाड़ी जाती है वह पैसा ऐड नहीं दिखता लेकिन स्टेशन पर लेते
@Dev_Fadnavis Der ai Durust Aye. Fadnavis Saheb it took you exact 10 years , 2 CMs posts and a Dy CM post to come to a decent start. We met U exactly after Fortnight Longest ever Uber Ola Strike around Diwali of 2017. You promised to solve the issue in 10 days..Took exactly 10 years! :) TKU
@AmitShah नीतियां बदलती हैं, लक्ष्य बदलते हैं, तकनीक बदलती है।
बस एक चीज़ नहीं बदलती—
हर बदलाव की कीमत आखिर में ड्राइवर ही चुकाता है। 🚕
कल CNG समाधान थी, आज EV समाधान है।
सवाल यह है कि जिन लोगों ने सरकारी नीतियों पर भरोसा करके निवेश किया था, उनके लिए समाधान क्या है?
@Ankitpandat6162@gupta_rekha@narendramodi गर्मी बढ़ी, CNG बढ़ी, खर्चे बढ़े, महंगाई बढ़ी...
बस ड्राइवर की कमाई बढ़ना भूल गए। 🚕
सरकार को सस्ता परिवहन चाहिए,
कंपनियों को सस्ता ड्राइवर चाहिए।
और ड्राइवर?
उसे बस इतना चाहिए कि महीने के अंत में घर का खर्च निकल जाए।
@CMODelhi हर बड़ी घटना के बाद एक उच्चस्तरीय बैठक जरूर होती है
अधिकारी वही, विभाग वही
फाइलें वही, वादे वही
सवाल यह है कि अगर व्यवस्था ठीक से काम कर रही थी, तो अनाधिकृत निर्माण और सुरक्षा उल्लंघन इतने वर्षों तक पनपते कैसे रहे?
जनता अब बैठकों की संख्या नहीं, परिणामों की संख्या देखना चाहती है
@BJP4India देश आसमान पर है, विकास ऐतिहासिक है, हर दिल में नई आस है...
बस ज़मीन पर खड़ा आम आदमी अभी भी महंगाई, बेरोज़गारी और बढ़ते खर्चों का हिसाब लगा रहा है।
लगता है आंकड़ों वाला भारत और वास्तविक भारत अभी भी एक-दूसरे से मिलने की कोशिश कर रहे हैं।
@BJP4Delhi सहारा उन्हें मिल रहा है जो बेसहारा हैं, और संघर्ष उन्हें करना पड़ रहा है जो अपनी मेहनत से खड़े हैं। तो हमारे व्यापार को क्यों खत्म करने में लगे हो—
महंगी CNG, बढ़ते चालान और गिरते किराए
कभी-कभी लगता है सरकार रोजगार देने वालों को नहीं, रोजगार छोड़ने वालों को प्रोत्साहित कर रही है।
@BJP4India पोस्ट पढ़कर लगा कि भारत में अब कोई समस्या बची ही नहीं है।
फिर याद आया कि सोशल मीडिया का भारत और सड़क पर रहने वाला भारत अक्सर अलग-अलग कहानियां सुनाते हैं।
@CMODelhi दिल्ली में हादसा हो तो बैठक,
समस्या हो तो बैठक,
लापरवाही मिले तो बैठक।
लगता है हमारे प्रशासन में हर समस्या का पहला और आखिरी समाधान "बैठक" ही है।
जनता की दिलचस्पी अब मीटिंग में नहीं, कार्रवाई और जवाबदेही में है।