अर्जेंटीना से आया पर्यटकों का एक ग्रुप ताजमहल पहुंचा. ग्रुप की एक महिला पर्यटक भारतीय परिधान साड़ी पहनकर आई थीं, लेकिन साड़ी संभालने का अनुभव न होने के कारण उनकी साड़ी खुलने लगी, जिससे वह असहज महसूस करने लगीं. स्थिति को देखते ही ताज सुरक्षा पुलिस में तैनात महिला पुलिसकर्मी गुड्डी देवी तुरंत पर्यटक के पास पहुंचीं और बेहद सहजता एवं सम्मान के साथ उनकी साड़ी ठीक कराई. महिला पुलिसकर्मी की इस संवेदनशील सहायता से विदेशी पर्यटक भावुक हो गईं और मुस्कुराते हुए “थैंक यू यूपी पुलिस” कहा.
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चलती बस में महिला से
गुप्तांग सटाकर करने लगा मास्टरबेट 🚨
घटना मध्य प्रदेश के सागर की, जहाँ एक बस में
शाहिल नाम का शैतान चलती बस में महिला के पास जाकर मास्टर बेट करने लगा...
लेकिन महिला ने काली बनकर इस हवस के मौलवी का सारा हबसीपन वहीँ निकाल दिया..
दे दनादन.. दे दनादन🔥
Attention should never come at the cost of someone's safety or dignity.
A viral video allegedly shows two boys misbehaving with girls while filming reels. If true, strict action should be taken.
If the incident happened in Madhya Pradesh, tag the Madhya Pradesh Police so the matter reaches the concerned authorities.
पेट्रोल पंप पर खड़े मोटरसाइकिल का चालान काट रहे हैं वो भी एक कांस्टेबल होकर ..
इनलोगों को क्या ट्रेनिंग दी जाती है पता नहीं... मतलब पूरे देश में लगता है पुलिस को कोई ब्रिटिश आर्मी वाला ट्रेनिंग दें रहा है....
लगता है जांच के लिए इंडियन आर्मी या एयरफोर्स को बुलाना पड़ेगा ...
📍 छत्तीसगढ़ पुलिस आपकी सेवा में....!!!
ट्रेन में नमाज़ पढ़ने पर भावनाएं आहत हो जाती हैं...
ट्रेन के केबिन में हनीमून का सरप्राइज देने पर संस्कृति खतरे में आ जाती है और TTE सस्पेंड हो जाता है...
लेकिन जब भारतीय रेलवे के एक वीआईपी सैलून कोच (Saloon Coach) के अंदर बकायदा पंडितों को बुलाकर, चलती ट्रेन में पूरा तामझाम फैलाकर रुद्राभिषेक और पूजा-पाठ किया जाता है, तब सारे नियम-कायदे और सर्व समाज का विरोध कहां चला जाता है?
दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के अधिकारियों और स्टाफ का है, जो सरकारी या वीआईपी यात्रा के दौरान ट्रेन के भीतर यह धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं।।।
सवाल किसी धर्म या पूजा-पद्धति से नहीं है, सवाल नियमों के दोहरे मापदंड से है।।।
क्या चलती ट्रेन में इस तरह तरल पदार्थ, धातु के बड़े बर्तन और अनुष्ठान की सामग्री रखना सह-यात्रियों या ट्रेन की सुरक्षा के लिहाज से सही है???
सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) या सरकारी सैलून कोच का इस्तेमाल क्या व्यक्तिगत धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इस तरह खुलेआम किया जा सकता है???
कानून सबके लिए बराबर क्यों नहीं???अगर आम जनता के किसी कृत्य पर रेलवे तुरंत एक्शन लेता है, तो वीआईपी या उनके स्टाफ के लिए रेलवे के मैनुअल बदल क्यों जाते हैं???
संविधान और कानून की नजर में हर नागरिक और हर मजहब बराबर होना चाहिए। अगर एक जगह नियम सख्त हैं, तो दूसरी जगह भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।।।
इस दोहरेपन पर आपकी क्या राय है? क्या वीआईपी कोचेस में ऐसे आयोजनों की छूट होनी चाहिए???
- कोई टेलीप्रॉम्प्टर नहीं
- कोई ट्रांसलेटर नहीं
- कोई खी खी खी नहीं
2009 में, भारत के PM के तौर पर डॉ. मनमोहन सिंह ने बराक ओबामा के साथ व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और दुनिया ने उन्हें सुना था। 🔥
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ओबामा ने डॉ. सिंह की तारीफ़ की थी। 🫡
"2+6 = 8 और 1+7 = 8 भी
1+1 ≠ 2 लेकिन 1+1 = 11"
अब हमें विदेशों से यही सुनने को मिलता है। 😭
सच से सामना करवाना इसे कहते हैं!
सफाईकर्मियों के यूनियन लीडर ने BJP की मेयर को आइना दिखा दिया!
फिरोजाबाद में सफाई व्यवस्था को लेकर
BJP की मेयर कामिनी राठौड़ बहुत ही ताव में बोलीं.-
"किस बात की तनख्वाह लेते हो?"
यूनियन लीडर ने जवाब दिया-
"दीदी! अपने अफसरों से पूछ लो डेड़ साल से सफाई करने के लिए कोई सामान, झाड़ू, पौंछा तक नही मिला है, अपनी जेब से खरीदकर सफाई करते है."
जवाब मिलते ही चेहरा उतर गया।