"कितनी विडंबना है...
हम बच्चों का भविष्य लिखते हैं,
लेकिन हमारा अपना भविष्य आज भी अनिश्चित है।
समय पर वेतन और नौकरी की सुरक्षा हमारा अधिकार है, कृपा नहीं।"
Justic for vocational training
@GajendraYdvBJP@bhupeshbaghel@cmo@ANIYAMIT1
10 वर्षों से सेवाएं दे रहे व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य पर फिर संकट!
नई निविदा में पुराने प्रशिक्षकों की सेवा निरंतरता का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं। इससे न सिर्फ सैकड़ों परिवार प्रभावित होंगे, बल्कि 773 सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
@vishnudsai