@Anurag_Dwary वर्दीधारी रखैलों का कोड ऑफ कंडक्ट पूरे देश भर में एक ही जैसा है।
आम जनता को ये समझते हुए एक हद के बाद जब ये साले पायजामे से बाहर निकल कर बोले तो फिर सालों को लाठी मसाज अच्छे से देने का काम है।
2/4 बार में चर्बी गुदा द्वार से निकल जायेगा,स्वतः
@magadh_updates इस झांटू को समय समय पर बवासीर उखड़ता है तब एक एक राज्य चुन कर बकचोदी बघारना शुरू कर देता है।
साले का दिल्ली से लेकर झारखंड तक पेलाई करना पड़ेगा।
@samrat4bjp पूरे राज्य में झोला छाप डॉक्टर और उनके दलालों के हॉस्पिटल भरे पड़े हैं।
उनके आगे सरकार अगर डट कर खड़ी है तो एक बार बस राज्य भर में सर्वे ही करवा ले कि मानकों के अनुरूप कितने हॉस्पिटल हैं।
कई सरकारी अस्पताल ही पैमाने पर खड़े नहीं पाये जाएंगे।
@JtrahulSaini@satna_sp सतना का ये वीडियो है कि नहीं पता नहीं,लेकिन अगर है तो इसका संज्ञान लेकर ऐसे छपरी वर्दीधारी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर अपने कोठी में संडास साफ करवाने के काम पर लगवाएं।
हालांकि वर्दीधारी का भाषाई कुशलता से कोई सरोकार नहीं होना,कोई नयी बात नहीं है।
@NewsHunterssss वैसे देखा जाए तो अच्छे काम के लिए किसी को प्रोत्साहित करना गलत नहीं है।
अगर इसी एक प्रोत्साहन से बाकियों को भी अच्छा करने की भावना जग सकती है तो क्या बुराई है।