@Info_4Education हाय री मीडिया तेरी ऐसी दुर्दशा कभी नहीं हुई।सरकार तुझेकही कि नहीं छोड़ी।मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ था,सरकारें इतनी बुरी दशा कर दी कि क्या सही क्या गलत नहीं जानती,इस कटिंग में कोई भी बात सही नहीं है। ब्लॉक लेवल पर भी पूरी नहीं हैं ,न्यायपंचायत पर ,किसने किया?
@Pankaj_Singh79 हाय री मीडिया तेरी ऐसी दुर्दशा कभी नहीं हुई।सरकार तुझे कही कि नहीं छोड़ी।मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ था,सरकारें इतनी बुरी दशा कर दी कि क्या सही क्या गलत नहीं जानती,इस कटिंग में कोई भी बात सही नहीं है। ब्लॉक लेवल पर भी पूरी नहीं हैं ,न्यायपंचायत पर ,किसने किया
@Dainik_Jagaran हाय री मीडिया तेरी ऐसी दुर्दशा कभी नहीं हुई।सरकार तुझे कही कि नहीं छोड़ी।मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ था,सरकारें इतनी बुरी दशा कर दी कि क्या सही क्या गलत नहीं जानती,इस कटिंग में कोई भी बात सही नहीं है। ब्लॉक लेवल पर भी पूरी नहीं हैं ,न्यायपंचायत पर ,किसने किया
@Ashubajpai01 हाय री मीडिया तेरी ऐसी दुर्दशा कभी नहीं हुई।सरकार तुझे कही कि नहीं छोड़ी।मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ था,सरकारें इतनी बुरी दशा कर दी कि क्या सही क्या गलत नहीं जानती,इस कटिंग में कोई भी बात सही नहीं है। ब्लॉक लेवल पर भी पूरी नहीं हैं ,न्यायपंचायत पर ,किसने किया
@CMOfficeUP हाय री मीडिया तेरी ऐसी दुर्दशा कभी नहीं हुई।सरकार तुझे कही कि नहीं छोड़ी।मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ था,सरकारें इतनी बुरी दशा कर दी कि क्या सही क्या गलत नहीं जानती,इस कटिंग में कोई भी बात सही नहीं है। ब्लॉक लेवल पर भी पूरी नहीं हैं ,न्यायपंचायत पर ,किसने किया
डायल 112 को बुलाने पर फंसे हुए गन्ने से लड़ी ट्राली को किसी तरह से निकलवाया गया,डायल 112 के सामने भी प्रेम देवी सपरिवार लड़ाई पर आमादा थे।
श्रीमान जी उक्त चकमार्ग को खाली करवाए जाने की कृपा करें,जिससे आवागमन की समस्या न हो और भविष्य में किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सके
@Aamitabh2 आदरणीय अमिताभ सर क्या संख्या बल देखकर ही आप भी सुनवाई करते है इसलिए तो संविदा पर कार्यरत विशेष शिक्षकों को ना मीडिया कुछ ध्यान दें रहीं और ना ही सरकार इसलिए हम भगवान और न्यायालय के हाथ अपने को छोड़ दिये क्यों आप लोग भी सिर्फ संख्या बल की मीडिया गीरी करते हैं।
यूपी में 57000 ग्राम पंचायत सहायक जो सरकार की रीड की हड्डी है मात्र 200 प्रति दिन 6000 रुपे महीना पर काम कर रहे है इतनी बुरी हालत है उत्तर प्रदेश में
फोटो क्लिक करो ,कागजी योजनाएं
झूठ से कुछ नहीं होता
पहले इनका ही मानदेय 30000 महीना कर दो जबकि ये बहुत मेहनत करते है
@myogiadityanath माननीय मुख्य मंत्री जी कृपया बेसिक शिक्षा में कार्यरत हम विशेष शिक्षकों के जीवन में भी दिवाली ला दीजिए,20 साल से हमारे जीवन में अंधकार फैला है एक दीपक हमारे भी जीवन में जला दीजिए। जब से आप की सरकारआई एक रुपया भी नहीं बढ़ा कैसे हम लोग जी रहे हैं इसकी सुधि लीजिए🙏
@CMOfficeUP माननीय मुख्य मंत्री जी कृपया बेसिक शिक्षा में कार्यरत हम विशेष शिक्षकों के जीवन में भी दिवाली ला दीजिए, 20 साल से हमारे जीवन में अंधकार फैला है एक दीपक हमारे भी जीवन में जला दीजिए। जब से आप की सरकार आई एक रुपया भी नहीं बढ़ा कैसे हम लोग जी रहे हैं इसकी सुधि लीजिए🙏🙏🙏
मा. मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश सरकार #गाजीपुर से #गाजियाबाद#बलिया से #बिजनौर तक 19 वर्षो से दिव्यांग बच्चों को संविदा पर समाज की मुख्य धारा में जोड़ते जोड़ते अपने ही बृद्ध माता पिता से विमुख गए न अपने जिले में ट्रांसफर न जीने लायक मानदेय कृपा करके आप स्वयं न्याय करें 🙏
महादेव
@thisissanjubjp आदरणीय बेसिक शिक्षा मंत्री जी
श्री मान भगवान राम कभी भी अपने राज्य में किसी को दुखी और किसी के साथ अन्याय नहीं होने देते थे लेकिन दुर्भाग्यवश उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग में 20 वषों से संविदा पर कार्यरत विशेष शिक्षकों के साथ अन्याय और दुखी किया जा रहा है।
@myogiadityanath आदरणीय मुख्यमंत्री जी
अभी एक माह पहले ही डबल इंजन की महाराष्ट्र सरकार ने 2006 से ,समग्र शिक्षा अभियान के तहत् संविदा पर कार्यरत विशेष शिक्षकों को समायोजित करते हुए नियमित कर दिया लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ऐसा पहल कब करेगी आप जैसा न्याय प्रिय मुख्यमंत्री होते हुए भी हम अछूते हैं
@thisissanjubjp आदरणीय बेसिक शिक्षा मंत्री जी
मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग में संविदा पर कार्यरत विशेष शिक्षकों को नियमित, वेतनमान आदि के संबंध में कार्यवाही करने हेतु एक पत्र प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को आया है लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है
@manoj52779@myogiadityanath मा.मुख्यमंत्री जी नमस्कार उ.प्र.के विशेष शिक्षक याची श्री रजनीश कुमार पांडेय जी की जरूरत को अधिकांश राज्य समझ गए और कई राज्य अमल में भी लाए,पर अफसोस कि आप जैसे जुझारू और राज्य के सर्वांगीण विकास की चिंता करने वाले ही शिक्षकों के दर्द को नहीं समझ पाऐ। #YogiAditya