NCERT प्रस्तुत: “दीपकम् – कक्षा ̊8̊ संस्कृत पाठ्यपुस्तक”
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सीएसयू के कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा -
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के बीच आकादमिक समझौता संस्कृत के वैश्विक उन्मीलन के लिए मील का पत्थर होगा
दिल्ली/ तिरुपति,
प्रो अजय कुमार मिश्रा @ProfAjayMishra
संयोजक मीडिया प्रकोष्ठ, आईकेएस प्रकल्प व पीआरओ, सीएसयू ।
सूचनीय है कि 11 मार्च 2025 को तिरुपति स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तथा केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के बीच दो दिवसीय बैठक हुई।
इसमें निर्णय लिया गया है कि ये तीनों विश्वविद्यालयों मिल कर राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के अनुसार संस्कृत संवर्धन तथा उसके नवाचारी प्रयोगों को सार्थक रुप में क्रियान्वयन करने का प्रभावी प्रयास करेंगे ।इसके लिए एक आकादमिक समझौता (एम .ओ. यू. )भी किया गया है ।
इस अवसर पर केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय @CentralSanskrit, दिल्ली के कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि यह समझौता संस्कृत के वैश्विक उन्नयन के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है ।
इस दो दिवसीय बैठक तथा एम. ओ .यू .के अनुसार तीनों केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय आपस में मिल कर स्नातक( शास्त्री ) तथा स्नातकोत्तर (आचार्य ) पाठ्यक्रमों का मानकता के साथ साथ भारतीय ज्ञान परम्परा (आई .के. एस.) को भी बढ़ावा देने के लिए इससे जुड़ी सामग्रियों को आपस में साझा करेंगे । इसके अतिरिक्त शोध के लिए तीनों विश्वविद्यालयों में समान नियमावली भी लागू करने की बात की गयी । ये तीनों विश्वविद्यालय क्रेडिट ट्रांसफर, छात्रवृत्ति वितरण के समान अवसर ,संकाय विनिमय कार्यक्रम, कौशल विकास ,ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की मान्यता, इंटर्नशिप कार्यक्रमों के सुव्यवस्थित संचालन, संकाय सदस्यों के लिए उन्मुखीकरण , पाठ्यक्रम (रिफ्रेशर कोर्स) , प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा संयुक्त अनुसंधान आदि विषयों पर बल दिया जाएगा ।
ध्यातव्य है कि भारत सरकार के निर्देश के आलोक में ये तीनों विश्वविद्यालय बारी बारी से प्रत्येक वर्ष इक्ट्ठे मिल कर इस उत्कर्ष महोत्सव को आयोजित करता है । अतः इस विषय को भी लेकर अनेक निर्णय लिये गये हैं , ताकि तीनों विश्वविद्यालयों में कार्य संपादन की सक्रियता तथा पारदर्शिता एकसूत्र में आबद्ध होकर उन्नयनी हो सके । कुलपति प्रो वरखेड़ी ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन तीनों संस्कृत विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में उत्तरोत्तर सुधार के लिए आवश्यक उपायों पर भी व्यापक प्रकाश डाला ।
बैठक में राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय @NSUTirupati, तिरुपति के #कुलपति प्रो. जी. एस. आर. कृष्णमूर्ति तथा श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय @slbsnsu , दिल्ली के कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक ने राष्ट्रीयशिक्षानीति @NEP2020 (एन.ई.पी.-2020 )के क्रियान्वयन तथा विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में इन विश्वविद्यालयों द्वारा किए गए नवाचारों की चर्चा करते संस्कृत के क्षेत्र में इन निर्णयों को कार्यान्वित करने के लिए विभिन्न चुनौतियों तथा उनके समाधानों को लेकर भी अपने विचार रखें ।
सूचनीय है कि इस दो दिवसीय निर्णायक राष्ट्रीय बैठक में तीनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ साथ अनेक आकादमिक प्राशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित रहें । साथ ही साथ केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के आकादमिक अधिष्ठाता ,प्रो मदन मोहन झा , कुल सचिव ,प्रो आर .जी मुरली कृष्ण , परीक्षा नियन्त्रक ,प्रो पवन कुमार तथा प्रो आर . एल. नरसिम्हा ,सह का अधिष्ठाता, शैक्षणिक भी उपस्थित रहें @PMOIndia@rashtrapatibhvn@EduMinOfIndia@AmritMahotsav@MinOfCultureGoI@ugc_india@PIB_India@PTI_News@ANI@IKS_Media@vishwavidalaya@jnu@ANI@DDNewslive@airnewsalerts@UniofDelhi
#NCTEMediaCoverage: NCTE is set to reintroduce the 1-Year B.Ed. and M.Ed. programmes, beginning with the #AcademicYear 2026-27.
#NCTE is truly grateful to the media houses for their coverage of this development in teacher education.
Glimpses of the coverage.
#NCTENews | #NCTE
https://t.co/Y5WXs9dczL
संसद में उठे संस्कृत को लेकर मन गढन्त प्रश्न के विरुद्ध सीएसयू देश व्यापी आन्दोलन करेगा - कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी
-प्रो अजय कुमार मिश्रा
संयोजक मीडिया प्रकोष्ठ तथा पीआरओ @ProfAjayMishra , सीएसयू, दिल्ली ।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय @CentralSanskrit, दिल्ली के #कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी जी @shrivarakhedi ने कहा है कि #संसद के वर्तमान सत्र में #संस्कृत को लेकर जो #मनगढन्त प्रश्न उठाये गये हैं , वस्तुत: वह एक बहुत ही संकुचित क्षेत्र का प्रश्न है । उन्होंने यह भी कहा है कि उसके विरुद्ध सीएसयू परिवार एक देश व्यापी आन्दोलन भी करेगा ।
कुलपति जी ने आगे यह भी कहा है कि लोक सभा @loksabhaspeaker के माननीय अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी इस प्रश्न के उत्तर में संसद में जो कहा है कि
"मान्यवर!
आप दुनिया के किस देश में रह रहे हो?
यह भारत है। भारत की मूल भाषा संस्कृत रही है।"
माननीय अध्यक्ष @ombirlakota जी के भारत के इस #जीवन्तप्रत्यय से जुड़े प्रत्युत्तर पर कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी जी ने अपने तथा #सीएसयूपरिवार की ओर से उन्हें हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए यह भी कहा है संस्कृत की अस्मिता समग्र भारतवर्ष से जुड़ी हुई है और प्रजातान्त्रिक देश में बहुमत का ही महत्त्व होता है ।
अतः केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिवार ने यह निर्णय लिया है कि आवश्यकता होने पर इस संस्कृत विरोधी संकीर्ण मानसिकता के विरुद्ध देश व्यापी आन्दोलन को भी आरंभ करेगा @PMOIndia@rashtrapatibhvn@EduMinOfIndia@airnewsalerts@PIB_India@PTI_News@slbsnsu@NSUTirupati@vishwavidalaya@SamPromotion@SB_Delhi@ANI@airnewsalerts@DDNewslive@_DigitalIndia@JNU_official_50@UniofDelhi@jmiu_official@bhupro
Empowering India's next generation of innovators requires bridging language barriers. With tools like Anuvadini local language support opens up access to tech knowledge, fosters indigenous solutions and driving inclusive sustainable innovation across India
https://t.co/DbJqMKzbHD
The National Council for Teacher Education (NCTE), a national statutory authority, plays a pivotal role in enhancing the quality of teacher education in India. NCTE has taken up various national mandates like the Integrated Teacher Education Programme (ITEP), National Professional Standards for Teachers (NPST) and National Mission for Mentoring (NMM). Visit the NCTE Stall at the World Book Fair 2025, New Delhi and explore educational resources that shape the future of teacher education.
For more information, visit: https://t.co/TWMmKOmiAB
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The Constitution of India in Samskrit was released today. It is the updated version of an earlier publication in Samskrit.
भारत का संविधान का संस्कृत भाषा में आज लोकार्पण हुआ। यह पूर्वतन प्रकाशन का परिवर्धित संस्करण है।
In Indian universities, teaching social sciences and humanities must be rooted in an India-centric perspective that emphasises Indian philosophies and contributions alongside global knowledge as envisioned in NEP 2020.
जब चर्च को ईसाई चला सकते हैं!
जब चर्च पर केवल ईसाइयों का नियंत्रण हो सकता है!
जब मस्जिदों को मुसलमान चला सकते हैं!
जब मस्जिदों पर केवल मुसलमानों का नियंत्रण हो सकता है!
तो फिर मंदिरों को केवल हिन्दू क्यों नहीं चला सकते और मंदिरों पर केवल हिन्दू का नियंत्रण क्यों नहीं हो सकता?
मंदिरों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त करने की आवश्यकता है।
: पवन कल्याण, उप मुख्यमंत्री, आंध्र प्रदेश
The Department of School Education and Literacy, Ministry of Education is going to organise an Induction for Youth Volunteers from Teacher Education Institutions (TEIs) under #ULLAS – Nav Bharat Saaksharta Karyakram on 3rd October 2024 via YouTube Live.
The objective of this induction is to orient the volunteer teachers of TEIs across India about ULLAS, with a special emphasis on fostering youth volunteerism as a pivotal strategy to achieve full literacy across the nation.
The event will bring together participants from approximately 18,000 TEIs affiliated with NCTE. The focus will be on empowering teacher educators and student teachers to take an active role in local literacy initiatives.
🗓️3 October, 2024
⏲️ 10 AM
Live link: https://t.co/enows94Uwy
Sanskrit Bharti, in collaboration with the Consulate, organized Samskritotsava-2024 on September 28. DCG Shri Yatin Patel joined members of Sanskrit Bharti for this culmination of cultural and educational programs for students in Sanskrit.
Unlock new opportunities! Our university offers part-time Certificate, Diploma & PG Diploma programs in various subjects, incl. Communicative & Functional Sanskrit & Shastras. Apply by 06.09.2024! Visit our website for details! #UniversityPrograms#Sanskrit@ugc_india
Ms. Kesang Y. Sherpa IRS, Member Secretary NCTE addressed at the National Sensitization Workshop on #ITEP at #MANUU.
MS NCTE presented on the journey of #ITEP and highlighted several key aspects of #ITEP which aim at building 21st century set of skills in prospective teachers.
National Sanskrit University launches Naarisakthi video, empowering students through Martial Arts! Launched by Hon'ble VC Prof. G.S.R. Krishnamurthy garu. Credit to Dr. V. Seturam & team. @EduMinOfIndia@mamidala90@vivekagnihotri@TweetJoshmanish @ncteDelhi @PMOIndia