एक तरफ़ मोदी सरकार युवा छात्रों को दण्डित करने लिए या यह कहा जाय कि उनसे बदला लेने के लिए फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है और दूसरी तरफ़ धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेकर उससे भी बदतर और महिला विरोधी और बलात्कार समर्थक आरएसएस नेता को शिक्षा मंत्री बना रही है. सरकार चारो तरफ़ से दोगला व्यवहार कर रही है.
लेकिन राहुल गाँधी मानो तय कर चुके हैं कि कुछ भी हो जाए वो छात्रो के साथ कंधे से कन्धा मिलकर खड़े रहेंगे. लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल-2026 पर बोलते हुए राहुल गाँधी ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी. देश के संघर्षशील युवाओं के समर्थन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि- छात्र अपनी मर्जी से या मजे के लिए सड़कों पर नहीं हैं, बल्कि युवा परीक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ियों की वजह से गुस्से में हैं और इसलिए सड़कों पर उतरे. राहुल गाँधी ने कहा कि - युवाओं के सम्मान की रक्षा किसी भी हाल में होनी चाहिए.
एक के बाद एक शिक्षा मंत्री आरएसएस की इच्छा से बनाया जा रहा है. आरएसएस ‘बैकसीट’ पर बैठकर 140 करोड़ आबादी की शिक्षा को कण्ट्रोल करना चाहता है.
जैसे ही राहुल गाँधी ने छात्रों के समर्थन में ‘अंधभक्त’ और ‘इडियट’ जैसे शब्दों को समझाने की कोशिश की पूरी की पूरी ट्रेजरी बेंच तिलमिला गयी. राहुल गाँधी रुके नहीं उन्होंने साफ़ साफ़ कहा कि इस देश में छात्रों/युवाओं का सबसे बड़ा दुश्मन आरएसएस है और यह भी कि अमित शाह के कहने पर दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन चलाई गयीं. संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू राहुल जी से इसका प्रूफ मांग रहे थे. क्या मंत्री जी को नहीं पता कि दिल्ली पुलिस किसके मातहत काम करती है? वो कौन है जिसे दिल्ली पुलिस रिपोर्ट करती है? वो कौन है जिसके आदेश दिल्ली पुलिस मानती है? उनका नाम है- गृहमंत्री अमित शाह. कैसे मान लिया जाए कि छात्रों पर पैलेट गन चलाने का कठोर फैसला पुलिस ने अपने आप कर लिया. असल में पूरी गलती अमित शाह की है और उन्हें इसके लिए इस्तीफ़ा देना चाहिए.
जय हिन्द! जय संविधान!
क्या मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा सिर्फ़ दबाव के कारण लिया?
मोदी सरकार शिक्षा मंत्री को गैर जिम्मेदार नहीं मानते?
पुलों, सड़कों, हाइवेज में इसलिए इन्ववस्टमेंट किया कि भ्रस्टाचार हो सके?
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नरेंद्र मोदी को दूल्हा बनने का इतना ही शौक था तो बन जाते किसी ने रोका तो नहीं था!
भारतीय लोकतंत्र की संस्थाओं और उसकी नींव, उसके मर्यादा और सम्मान की ऐसी धज्जियाँ उडाने से उनका कौन सा पुराना ट्रॉमा शांत हो गया? इतना घटिया मज़ाक किसी प्रधानमंत्री ने नहीं उड़ाया भारत देश का....
देवरिया और कुशीनगर के माननीय सांसदों की फोटो शूट पूरी हो गई हो तो वे जनपद कुशीनगर और देवरिया की जनता को बतायें कि-
• कुशीनगर एयरपोर्ट से नियमित उड़ान कब शुरू हो रही हैं?
• कप्तानगंज - पडरौना - सेवरही - थावे रूट पर देश के महानगरों दिल्ली, मुंबई सहित अनेक जगहों के लिए रेल कब चलेगी?
• पडरौना, कप्तानगंज, रामकोला, लक्ष्मीगंज, कटकुइयाँ चीनी मिल सहित क्षेत्र के अनेक चीनी मिल कब तक चलेंगे?
दिल्ली से लखनऊ तक, हर जगह कई इंजनों की सरकार है। जनता जवाब चाहती है। अब क्या चाँद पर सरकार बनने का इंतज़ार करें जनता? @Vijaydubeybjp
राहुल गांधी ने सिर्फ़ युवाओं को नहीं जगाया बल्कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से इस देश की ‘प्रतिरोध की चेतना’ को भी जगाया है, समेकित किया है। वही समेकन एक मैच्योर युवा छात्रों के आंदोलन के रूप में आज सबके सामने है, जिसने मोदी सरकार को झुका दिया है।
मोदी महान हैं, धर्म राज्य का हिस्सा है, सेक्युलर शब्द हटना चाहिए, राष्ट्रभाषा संस्कृत होनी चाहिए—
शुक्रिया कहना चाहिए मोदी जी का कि अब कोई ज़्यादा दिन अपनी पॉलिटिक्स छिपा नहीं पाता.
#BREAKING | Supreme Court says right to peaceful protest cannot be denied merely because there is agitation; questions police excess, calls for a uniform national protocol on handling demonstrations.
Hearing pleas over the Jantar Mantar NEET protests, CJI Surya Kant observed that "merely because there is agitation cannot justify police excess," while stressing that the life of every individual, including police personnel, is equally important. The Court directed that all connected petitions be listed together tomorrow.
#SupremeCourt @Cockroachisback #neetpaperleakrow
इस तरह सबको फ़ायदा हो रहा है। बीजेपी को भी अडानी को भी और नवयुग को भी, नवयुग इंजीनियरिंग का ये उदाहरण मैंने इसलिए दिया क्योंकि ये बीजेपी और मोदी का रेवन्यू मॉडल बन चुका है। https://t.co/d8VgyjMGL1 via @SatyaHindi
“कांग्रेस के कार्यकाल तक AIIMS , IIT और IIM समेत सभी सरकारी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस इतनी कम रहती थी कि कोई भी गरीब परिवार अपने बच्चे को इन संस्थानों में भेजने का सपना देख सकता था और किस्मत बदल सकता था। यह नेहरू का भारत था। 2014 में मोदी के आते ही उसकी हत्या कर दी गई”
“जबसे नरेंद्र मोदी PM बने हैं, लगभग 80% बढ़ोत्तरी हुई है। छात्रों की आत्महत्या की संख्या जो 2014 में 8,068 थी, 2024 में बढ़कर 14,488 पहुँच गई है। मोदी काल में आत्महत्या करने वाले कुल छात्रों का नवीनतम आंकड़ा ab 1,23,000 से अधिक हो चुका है”
#Sunday_Column
ऐसे हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा..
3 घंटे पहले राहुल गांधी जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार को चेतावनी दी थी कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम पर कोई बातचीत नहीं होगी। साथ ही यह भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को कोई अन्य मंत्रालय भी लेने नहीं देंगे।
3 घंटे पहले आंदोलन कर रहे छात्र/छात्राओं को संबोधित करते हुए, उनको साथ में लेकर राहुल गांधी जी ने छात्रों को यह आश्वासन दिया था कि मोदी सरकार कितना भी ज़ोर लगा ले उन्हें प्रदर्शन स्थल से और प्रतिरोध करने से हटा नहीं पाएगी, डरा नहीं पाएगी।
3 घंटे पहले राहुल गांधी जी ने आंदोलनकारियों के कंधों पर हाथ रखते हुए उन्हें हर किस्म के समर्थन की घोषणा कर दी थी।
और देखिए क्या हुआ!! राहुल गांधी की इस दृढ़ता की वजह से मोदी सरकार की चूलें हिल गईं। उन्हें समझ आ गया कि अब और कोई रास्ता बाक़ी नहीं है।
…3 घंटे के भीतर ही शिक्षा मंत्री और पीएम मोदी के चहेते धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हो गया। ये भारत के सभी छात्रों की जीत है, उन लोगों की भी जीत है जो पुलिस बर्बरता की वजह से अस्पतालों में भर्ती हैं! यह समूचे भारत की जीत है!
जय हिन्द! जय संविधान!
भारत के “स्मार्ट फ़ोन युक्त युवा (z पीढ़ी)” ठीक खेल रहे हैं।
याद रखें ये देश हमारा है, इसे किसी व्यापारी देश, व्यापार, व्यापारी का ग़ुलाम नही होने देना है।
कमज़ोर मुखिया अक्सर व्यापारियों (सेठों)के चंगुल में फँस जाते हैं।
उत्पादों के ग़ुलाम न बनें।
बहुत साल हो गए। फ्री हो जाओ।
“मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।”
@RahulGandhi