बिहार का एक परिवार काम की तलाश में गुजरात के मुंद्रा में आकर रहने लगा था.....
परिवार में पति-पत्नी और उनके दो बेटे थे 14 साल का राहुल और 11 साल का अर्पित.....
15 जनवरी को दोनों भाई घर से खेलने के लिए निकले, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे माता-पिता ने आसपास, रिश्तेदारों और दोस्तों से लेकर हर संभावित जगह पर बच्चों को तलाश किया पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद दोनों का कोई सुराग नहीं मिला.....
तीन महीने बीत गए… लेकिन माता-पिता ने उम्मीद नहीं छोड़ी.....
उन्हें शक हुआ कि कहीं बच्चे किसी भिखारी गिरोह के हाथ तो नहीं लग गए इसके बाद उन्होंने ऐसा फैसला लिया, जिसके बारे में शायद ही कोई सोच सके....
दोनों ने अपना काम-धंधा छोड़ दिया और भिखारी का भेष बनाकर अलग-अलग शहरों की गलियों में बच्चों को तलाशने निकल पड़े.....
गुजरात से लेकर महाराष्ट्र, गोवा, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक वे लगातार भटकते रहे.....
आखिरकार उन्हें खबर मिली कि उनका बड़ा बेटा किसी भिखारी गिरोह के संपर्क में था तलाश करते-करते वे बीकानेर पहुंचे और वहां से राहुल को ढूंढ निकाला.....
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई छोटे बेटे अर्पित की तलाश जारी रही करीब 15 दिन बाद माता-पिता को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से उसके बारे में जानकारी मिली और आखिरकार उसे भी खोज निकाला....
दोनों बेटों को सामने देखकर माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे......
बच्चों को पाने के लिए उन्होंने अपना काम, आराम और यहां तक कि अपनी पहचान तक दांव पर लगा दी....
दो गिरोह पकड़े गए और कई बच्चे मुक्त हुए....कई बच्चे अपने घर जा पाए....
सच है… मां-बाप के लिए बच्चे सिर्फ उनकी जिम्मेदारी नहीं, उनकी पूरी दुनिया होते है.....
#parenting #parentslove #DelhiNews #havdalah #bikaner
Very sad news from Bangladesh.
Chinmoy Krishna Prabhu’s mother has just left her body.
The story behind her death makes this even more heartbreaking.
Chinmoy Krishna Prabhu lost his father when he was just a child. His mother raised him. He was her only child. She watched that little boy grow up, dedicate his life to Bhagavan and become a monk. And in the final days of her life, all this mother wanted was to see her only son once more.
For the last month, she had been pleading for just one thing:
“Please allow me to see my jailed son one last time.”
That final wish of a dying mother remained unfulfilled.
For nearly a year, she called me many times. Again and again, she pleaded with me to do something for the release of her son. She was deeply worried about his deteriorating health in jail and feared that he might not survive there.
I tried. I spoke. I raised my voice.
But what I witnessed was painful indifference.
ISKCON removed me for speaking for the Hindus of Bangladesh and for Chinmoy Krishna Prabhu. I paid a price for raising my voice, but today that price feels insignificant compared with the pain this mother endured.
Later, I learned that when Chinmoy Krishna Prabhu’s mother heard about my removal from ISKCON, she suffered a heart attack. A few days later, she video-called me. Even while carrying the unbearable anguish of her only son being imprisoned, she told me how shocked and distressed she was to hear what had happened to me.
Today, that conversation is haunting me.
I feel an overwhelming sadness that I could not do enough for this grieving mother. I could not help fulfil her final wish—to see her only son once more before leaving this world.
A mother who had raised her only child after losing her husband had to spend her final days pleading for permission merely to see him.
She died waiting.
Whatever the politics, whatever the allegations and whatever the differences, surely there must remain some place for humanity.
Her last wish could not be fulfilled. At least now, please do not deny a son the right to bid farewell to the mother who raised him.
I appeal to the Government of Bangladesh:
Please allow Chinmoy Krishna Prabhu to have the final darshan of his mother and to perform her last rites.
And I urgently appeal to the Government of India and @PMOIndia:
Can India please intervene on humanitarian grounds and help ensure that Chinmoy Krishna Prabhu is allowed to see his mother for the last time and perform her final rites?
His father left this world when he was a child.
His mother raised him.
He was her only child.
She spent her final days waiting to see him.
Please don't let her only son remain behind bars while the mother who raised him takes her final journey.
May Bhagavan Shri Krishna grant this grieving mother eternal shelter at His lotus feet. 🙏
Hare Krishna.
प्रमोद तिवारी आपका सामान्य ज्ञान “अति सामान्य” है… मुस्लिम लीग के साथ किसने सरकार बनाई थी, जरा इसे पढ़ लो 👇
16 अगस्त 1946 को कलकत्ता में "डायरेक्ट एक्शन डे" के बाद नेहरू और कांग्रेस का कोई बड़ा नेता कलकत्ता नहीं गया... दरअसल नेहरू उन दिनों अपनी अंतरिम सरकार बनाने में वयस्त थे... इस घटना के ठीक ढाई महीने बाद 29 अक्टूबर 1946 को नेहरू की केंद्रीय अंतरिम सरकार में मुस्लिम लीग को शामिल कर लिया गया। इस सरकार ने 14 अगस्त 1947 तक पूरे देश पर शासन किया...
ध्यान दीजिएगा, इस दौरान बंगाल की मुस्लिम लीग की राज्य सरकार की देखरेख में नोआखली में हिंदुओं का नरसंहार भी हुआ। तब भी केंद्र में कांग्रेस और मुस्लिम लीग की गठबंधन सरकार चलती रही।
1946 में कांग्रेस और मुस्लिम लीग की मिलीजुली अंतरिम सरकार (Viceroy's Executive Council) का मंत्रिमंडल कुछ इस तरह से था –
1. पंडित जवाहरलाल नेहरू (कांग्रेस) – प्रधानमंत्री (उपाध्यक्ष, वायसराय एग्जीक्यूटिव काउंसिल)
2. लियाकत अली खान (मुस्लिम लीग) – वित्त मंत्री (नोट– लियाकत बाद में पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री बने)
3. सरदार पटेल (कांग्रेस) – गृहमंत्री
4. इब्राहिम इस्माइल चुंद्रीगर (मुस्लिम लीग) – वाणिज्य मंत्री (नोट– चुंद्रीगर बाद में पाकिस्तान के छठवें प्रधानमंत्री बने)
5. अब्दुर राव निश्तर (मुस्लिम लीग) – रेल मंत्री (नोट– निश्तर बाद में पाकिस्तान की जिन्ना सरकार में कैबिनेट मंत्री बने)
6. गज़नफर अली खान (मुस्लिम लीग) – स्वास्थ्य मंत्री (नोट– गज़नफर अली बाद में पाकिस्तान की जिन्ना सरकार में कृषि मंत्री बने)
7. जोगेंद्र नाथ मंडल (मुस्लिम लीग) – कानून मंत्री (नोट – मंडल बाद में पाकिस्तान के भी कानून एवं श्रम मंत्री बने)
8. सरदार बलदेव सिंह (कांग्रेस कोटा) – रक्षा मंत्री
9. डॉ. राजेंद्र प्रसाद (कांग्रेस) – कृषि मंत्री
10. बाबू जगजीवन राम (कांग्रेस) – श्रम मंत्री
11. सी. राजागोपालाचारी (कांग्रेस) – शिक्षा मंत्री
12. सी.एच. भाभा (कांग्रेस कोटा) – पीडब्लूडी मंत्री
13. जॉन मथाई (कांग्रेस कोटा) – उद्योग मंत्री
(नीचे देख सकते हैं “कांग्रेस-मुस्लिम लीग गठबंधन” सरकार के मंत्रिमंडल की तस्वीर। नेहरू और पटेल के बीच में खड़े हुए हैं वित्त मंत्री लियाकत अली खान)
@RiseofBurnol संभलना जरूरी क्योंकि अक्सर सलमा लवजिहाद के लिए अब्दुल से मिलाने वाली एजेंट होती है। इतिहास गवाह है।
सलमा सहेली बनने का ढोंग कर अपनी सनातनी सहेली को अब्दुल के आगे परोसने का धोखा अक्सर करती है। इतिहास गवाह है।
*हिंदुओं ने सोचा* विदेश में जायेंगे *तो खुश रहेंगे―*
सच्चाई ये है *कि वहां भी पीट रहे हैं* क्योंकि हिंदुओं ने प्रकृति का नियम नहीं समझा *...*…
यह प्रकृति कोई बगीचा नहीं है कि पैसा कमाओगे, आलीशान घर बनाओगे और चैन की नींद सो लोगे।
*यह प्रकृति एक जंगल है* जिसमें जंगली लुटेरे, चोर, डाकू चौबीसों घंटे, 365 दिन सभ्य लोगों को लूटने की फिराक में रहते है।
*हिंदुओं ने सब कुछ बनाया* लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए कभी हथियार नहीं खरीदे *अगर हथियार खरीद लिए होते* तो न पाकिस्तान से पलायन करना पड़ता, न कश्मीर से और अब ना UK से।
*सोचिए* जहां आप जाने का सपना रखते हैं *UK* उस देश में भी आप सुरक्षित नहीं हैं *क्या करेंगे ऐसे बंगले का* जिसे एक दिन जेहादी लूट ही लेंगे *अपनी सुरक्षा के लिए पहले हथियार खरीदो*।
शांतिदूत ने 57 देशों पर यूं ही राज कायम नहीं किया *उनके कांसेप्ट बिलकुल क्लियर है* वे इस दुनिया को जंगल समझते है *और इस जंगल में वही राजा होगा* जो दूसरों का शिकार करना जानता है *जब तक तुम शिकार करना नहीं सीखोगे* तब तक कोई और तुम्हारा शिकार करता रहेगा।
इसीलिए पूरे विश्व के हिंदुओं से *यह आग्रह है कि सबसे पहले हथियार खरीदिए* उसके बाद गाड़ी, बंगला, बैंक बैलेंस सब कुछ *वरना जेहादी* जो आज झोंपड़ी में रह रहा है *वो उसके हथियार का प्रयोग करके आपसे वो सब कुछ छीन लेगा* जिसके लिए आपने जीवन भर तपस्या की है।
*पहली फुरसत में हथियार खरीदो* सिर्फ हथियार खरीदो, और कुछ नहीं *कोई इन्वेस्टमेंट नहीं* कोई दूसरी खरीददारी नहीं *सिर्फ हथियार* आपके लिए एक टास्क है।
*कल से जिन 5 मंदिरों में जाओगे* वहां पर देवी देवताओं की मूर्ति का अच्छे से अवलोकन करोगे *उनके हाथ में क्या है?* ये गौर करोगे *आपको हथियार दिखेगा* ये मेरा दावा है।
*आप 5 मंदिर जाओ* कम से कम 4 मंदिरों में आपको देवताओं के हाथ में हथियार जरूर मिलेगा *ये सिग्नल है* ये संदेश है।
जब कोई जेहादी आपको मार देगा और आप भगवान के पास जाकर बोलोगे *कि भगवान* आपने हमारी रक्षा क्यों नहीं की।
*तब भगवान बोलेंगे* जिस मंदिर को तू जाता था *वहां पर मेरे हाथ में तलवार थी* तूने उसको देखा ही नहीं *मैं तो संदेश दे रहा था* तलवार खरीद *लेकिन तूने उस संदेश को समझा ही नहीं* ये तेरी गलती है।
भगवान भी तुम्हें सिग्नल दे रहे हैं *हथियार खरीदो* यह दुनिया एक जंगल है *इसीलिए जंगली बनो*।
क्या तुमने कभी सोचा है कि अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश क्यों है? *क्यों दुनिया के सारे देश मिलकर भी अमेरिका पर कब्जा नहीं कर सकते??*
*वह इसीलिए* क्योंकि वहां प्रत्येक नागरिक के पास बंदूक है *हिटलर ने कहा था* अगर आप किसी देश पर कब्जा करना चाहते हो *तो सबसे पहले उसके नागरिकों से हथियार छीन लो*।
*शरिया भी यही कहता है* शरिया के अनुसार किसी भी गैर मुस्लिम को अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रखने की इजाजत नहीं है।
*ये सब संदेश हैं* ये सब सिग्नल हैं *सभी तुम्हें कोई इशारा कर रहे हैं* इस संदेश को समझो।
*हथियार खरीदो*… भाईचारे और आदर्शवाद के संदेश बातों में ही अच्छे लगते हैं *वास्तविकता में नहीं* आज जो आपसे हंस के बात कर रहा है *हो सकता है वही कल आपका काम लगा दे* इसीलिए हथियार खरीदो।
*जेहादियों का पहला ध्यान हथियार खरीदने में ही रहता है* उसका पहला इन्वेस्टमेंट हथियार होता है *वो गाड़ी*, *बंगले में ध्यान देता ही नहीं* वो जानता है कि जिस दिन वो सामने वाले की कनपटी पर बंदूक रखेगा, सामने वाला हंसते हंसते जर, जोरू, जमीन, जान उसकी झोली में डालेगा *यही प्रकृति का नियम है* ताकतवर बनो, *और जरूरत पड़ने पर राक्षसों का वध करो*।
जय श्री परशुराम 🚩
जय श्री राम 🚩
दीदी @kajal_jaihind मेरे पास एक लव जिहाद का मामला आया है लड़की और लड़का दोनों द्वारका में लिव इन मे रहे है।
लड़के का नाम साहिल है और लड़की का नाम पलक है।
मेरे पास दोनों का एड्रेस है।
आप मुझसे संपर्क करे मैं आपको सारा डेटा उपलब्ध करवाता हूँ।
मित्रो काजल दीदी को टैग करो।
@ocjain4@NehaBora_CJP की औकात 100 वोटों की है नहीं।
इनसे पूछिए कि इनके 3 div suti boot tai चुनाव जब खुद हार जाते थे वो भी आरक्षित सीट पर तो क्या उनका बुत चुनाव जीत दिलाएगा?
BSP शून्य से इकाई तक भी आई तो बड़ी बात।
रावण वाले जमानत भी बचा लें तो बड़ी बात व तिनचट्टे जेल से बचे तो बड़ी बात
@romanaisarkhan@fadnavis_amruta जिहादियों को गरबे की इतनी तलब है तो अपनी मस्जिदों में माताजी की स्थापना पूजा कर अपनी बेगमों, खातूनों, खालाओं, अम्मियों, औरतों को गरबा ड्रेस में लाकर खूब खेलें वहां। बेशक गैर मुस्लिमों को ना आने दें।
लेकिन हिंदू गरबास्थलों में आने की सोचे भी नहीं अन्यथा वराहालिंगन कराया जाएगा।
@romanaisarkhan@fadnavis_amruta जिहादियों को गरबे की इतनी तलब है तो अपनी मस्जिदों में माताजी की स्थापना पूजा कर अपनी बेगमों, खातूनों, खालाओं, अम्मियों, औरतों को गरबा ड्रेस में लाकर खूब खेलें वहां। बेशक गैर मुस्लिमों को ना आने दें।
लेकिन हिंदू गरबास्थलों में आने की सोचे भी नहीं अन्यथा वराहालिंगन कराया जाएगा।
@rajputr_itihas@myogioffice लिख कर रख लीजिए, @myogiadityanath ji जिहादी वर्ग और #ConversionMafia को आरक्षण से बाहर निकालेंगे लेकिन चुनावों की घोषणा से ठीक पहले ताकि चुनावों में लाभ भी मिले। जनता को भूलने की आदत जो है।
ऐसा हो सकता है कि सिर्फ मुस्लिम महिलाओं को शिक्षा में प्रोत्साहन जारी रहे reverse लवजिहाद
@rajputr_itihas ये भी मंजूर नहीं प्रभु।
चाहे नर हो या मादा हरे टिड्डे उतने ही जहरीले होते हैं।
2000 फीट दूरी बनाए रखें।
उनको इतना ही शौक है तो अपने घर मोहल्ले में माताजी की स्थापना करें और करें गरबा अपनी औरतों, खातूनों, खालाओं, अम्मियों के साथ।
हमें ना जाना है ना बुलाना है।
वराहकेश से झाड़ा करो
मुल्लियों का इतिहास है
काफिरों की लड़कियों को अपने भाई कम शौहरों के सामने परोसने का
अब तुम नई नई मुसलमानी बनी हो
तो तुम्हें तो ये करना ही पड़ेगा
इसलिए ये ज्ञान अपने हिंदू रिश्तेदारों को दो
और अपने परिवार की लड़कियों को भेज दो मुल्लों के साथ नाचने को
ख़बरदार जो हमारी बेटियों का नाम लिया तो
#महाकालीवाहिनी
#यतिमाँप्रत्यंगिरागिरी
@HindutvaDon_ Why only sisters- ammis, khatoons, khalas, aulade, auratein all??
Pl allow to restrict entry of non muslims there.
Forget dance, nobody wants to even stand with persons taking bath only once in a week only on friday??
@ocjain4 प्रजनन, संपत्ति, नागरिकता अधिकार समाप्त कर बैल बनाकर उनके मजहब के आधार पर लिए मुल्कों तक हांकने की जरुरत है। हां 47 से अबतक का किराया वसूलने के लिए संपत्ति कम मिले तो चीनी तरीके वाला अंगवसूली से काम चलाए।
लाखों एकड़ भूमि नरकंकालों से मुक्त कर सरकारीकरण हो व बस घासलेटी विदाई हो।
@No__negativtyxd If country divisor jihadi group like to dance on music, they must organize it in every mosque and go there with their khatoons, begums, aulad, aurat and allow them to wear garbadress and perform pooja of durga maa inside mosque. Yes they can restrict entry of non muslim.