Have been editor of various prominent Dailies (Dainik Bhaskar, Nav Bharat, Amar Ujala, Rashtriya Sahara, Haribhoomi etc.). Truly a PROGRESSIVE THINKER.
@narendramodi दशा में आमूलचूल सुधार लाया जायेगा.
तब यह भी मैण्डेटरी हो कि मंत्री से लेकर संत्री तक सबके बच्चे सरकारी स्कूलों में ही पढ़ेंगे.
तो क्या कोई सार्थक बदलाव आ पायेगा?
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#education#govtschools#privateschools
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi ji
• कोई भी प्राइवेट स्कूल न रहे तो...
यदि चार-पाँच साल बाद की कोई तारीख़ तय करके यह एलान कर दिया जाये कि उक्त तारीख़ के बाद देश में कोई भी प्राइवेट स्कूल नहीं रहेगा. इसी के साथ यह मैण्डेटरी हो कि उस अवधि के दौरान सरकारी स्कूलों की...
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• साज़िश!
मैं डंके की चोट पर कह रहा हूँ कि देश इस समय तख़्ता पलट की साज़िशों के दौर से गुज़र रहा है. इन साज़िशों में अमेरिका, चीन और कट्टर इस्लामिक ताक़तें शामिल हैं. ऐसी सियासी पार्टियाँ भी इन साज़िशों की आग पर रोटियाँ सेंकने में जुटी हैं, जो वोट के जरिये सत्ता नहीं हथिया सकीं.
@CP_Bhopal
20.4.24 को वैध अनुबंध के तहत वाहन MP04 EA2346 गिरवी रखकर ₹3 लाख का ऋण लिया गया। ऋण नहीं लौटाया, बल्कि 30.5.26 को मेरे भांजे के घर से वाहन चोरी करा लिया। उसी दिन थाना मिसरोद में अर्जी एवं सभी साक्ष्य देने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कृपया संज्ञान लें।
@ShekharGupta आज दैनिक भास्कर में प्रकाशित आपका आर्टिकल बहुत ज़्यादा अच्छा है. तर्क संगत, गहन विश्लेषणत्मक. यदि ठीक समझें तो कृपया मेरे व्हाट्सप्प नम्बर 9557290006 पर अपना नम्बर शेयर कर दीजिएगा. सादर
every section of society is experiencing moral decay, how can the judiciary remain untouched by it? Yes, it is fair to expect that the level of decay within the judiciary should be minimal.
-LN SHITAL
N/N
Honorable @indSupremeCourt
With utmost respect, I wish to submit the following article in the interest of strengthening and empowering the judiciary.
Is There a Conspiracy?
During the hearing of a case on 16 October at the Jharkhand High Court, a major controversy erupted..
N/1
judges as corrupt is equally unjustified.
Some people say that it is wrong to consider all judges corrupt — but it is equally wrong to accept even a single corrupt judge. Fair enough. However, we must also understand that judges are human beings, not divine beings. When...
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@DGP_MP, @CP_Bhopal
सर, कृपया मिसरोद पुलिस को आदेश करने का कष्ट कीजिए कि वह संलग्न आवेदन पर FIR दर्ज करे और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करे क्योंकि यह निजी नहीं, राष्ट्रीय महत्व का विषय है. सादर
ट्रम्प एक धूर्त जोकर!
ट्रम्प जैसे जोकर को राष्ट्रपति चुनना दर्शाता है कि अमेरिका किस हद तक प्रतिभा-विपन्न देश है! यह भी कि वहाँ का सिस्टम ख़ामियों से इस क़दर भरा है कि 'महाशक्ति' एक धूर्त व्यवसायी के इशारों पर ताता-थइया कर रही है.
N/1
हमारा सुप्रीम कोर्ट और सरकार द्वारा बार-बार यह कहा जाता रहा है कि हमारे क़ानूनों की भाषा इतनी सरल होनी चाहिए कि आम आदमी भी उसे आसानी से समझ सके. ऐसे में सम्बन्धित मंत्रालयों को इस दिशा में त्वरित और व्यापक कार्रवाई करनी चाहिए.
N/N
@PMOIndia माननीय @narendramodi जी @MLJ_GoI@PIBHomeAffairs माननीय @AmitShah जी @AmitShahOffice
न्यायपालिका, विधायिका व कार्यपालिका से सम्बन्धित हिन्दी में अनूदित जितनी भी पुस्तकें हैं, उन सबकी भाषा इतनी ज़्यादा क्लिष्ट और अबोधगम्य होती है कि उसे समझना बहुत मुश्किल होता है.
N/1
यह अँगरेज़ी से हिन्दी में हुए मूर्खतापूर्ण अनुवाद के कारण होता है. मंत्रियों को दिलायी जाने वाली पद एवं गोपनीयता की शपथ का प्रारूप इसका एक अच्छा उदाहरण है, जिसमें न शपथ लेने वाले को कुछ समझ आता है और न ही जनता-जनार्दन के कुछ पल्ले पड़ता है.
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but will a mother get back her son, a wife her husband, a child their father, or the family its sole breadwinner?
Is it not the duty of the judiciary, the executive, and the legislature to ensure that, along with punishing the guilty, the victims also receive true justice?
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@indSupremeCourt@MLJ_GoI
Our justice system is built on punishing criminals, not on delivering justice to victims.
Suppose in a murder case the criminal(s) are punished—
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