हम न किसी राजनैतिक दल के समर्थक हैं न विरोधी हैं,हम वर्तमान मध्यप्रदेश सरकार की युवा विरोधी ,रोजगार विरोधी, घोटालों की संरक्षक और तानाशाही जैसी नीतियों के विरोधी हैंI
इस सरकार को सबक सिखाना जरूरी है जिससे आगे से कोई भी सरकार युवाओं की अनदेखी करने एवं उनके साथ दुर्व्यवहार करने का सोचे भी नहीं।
#मेरा_वोट_रोजगार_के_लिए
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विद्युत संविदा,आउटसोर्स कर्मचारियों को भी दिया जाए त्योहार के दिवस कार्य करने पर अतिरिक्त पारिश्रमिक
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रावण द्वारा माता सीता का हरण करके श्रीलंका जाते समय पुष्पक विमान का मार्ग क्या था..??
उस मार्ग में कौन सा वैज्ञानिक रहस्य छुपा हुआ है
उस मार्ग के बारे में हज़ारों साल पहले कैसे जानकारी थी पढ़िए इन प्रश्नों के उत्तर जो वामपंथी इतिहारकारों के लिए मृत्यु समान हैं...रावण ने माँ सीताजी का अपहरण पंचवटी (नासिक, महाराष्ट्र) से किया और पुष्पक विमान द्वारा हम्पी (कर्नाटक), लेपक्षी (आँध्रप्रदेश) होते हुए श्रीलंका पहुंचा...आश्चर्य होता है जब हम आधुनिक तकनीक से देखते हैं कि नासिक, हम्पी, लेपक्षी और श्रीलंका बिलकुल एक सीधी लाइन में हैं. अर्थात ये पंचवटी से श्रीलंका जाने का सबसे छोटा रास्ता है...अब आप ये सोचिये कि उस समय Google Map नहीं था जो Shortest Way बता देता. फिर कैसे उस समय ये पता किया गया कि सबसे छोटा और सीधा मार्ग कौन सा है?? या अगर भारत विरोधियों के अहम् संतुष्टि के लिए मान भी लें कि चलो रामायण केवल एक महाकाव्य है जो वाल्मीकि ने लिखा तो फिर ये बताओ कि उस ज़माने में भी गूगल मैप नहीं था तो रामायण लिखने वाले वाल्मीकि को कैसे पता लगा कि पंचवटी से श्रीलंका का सीधा छोटा रास्ता कौन सा है?? महाकाव्य में तो किन्ही भी स्थानों का ज़िक्र घटनाओं को बताने के लिए आ जाता। लेकिन क्यों वाल्मीकि जी ने सीता हरण के लिए केवल उन्हीं स्थानों का ज़िक्र किया जो पुष्पक विमान का सबसे छोटा और बिलकुल सीधा रास्ता था? ये ठीक वैसे ही है कि आज से 500 साल पहले गोस्वामी तुलसीदास जी को कैसे पता कि पृथ्वी से सूर्य की दूरी क्या है? (जुग सहस्त्र जोजन पर भानु = 152 मिलियन किमी - हनुमानचालीसा), जबकि नासा ने हाल ही के कुछ वर्षों में इस दूरी का पता लगाया है...अब आगे देखिये...पंचवटी वो स्थान है जहां प्रभु श्री राम, माता जानकी और भ्राता लक्ष्मण वनवास के समय रह रहे थे..यहीं शूर्पणखा आई और लक्ष्मण से विवाह करने के लिए उपद्रव करने लगी। विवश होकर लक्ष्मण ने शूपर्णखा की नाक यानी नासिका काट दी. और आज इस स्थान को हम नासिक (महाराष्ट्र) के नाम से जानते हैं। आगे चलिए...पुष्पक विमान में जाते हुए सीताजी ने नीचे देखा कि एक पर्वत के शिखर पर बैठे हुए कुछ वानर ऊपर की ओर कौतुहल से देख रहे हैं तो सीता ने अपने वस्त्र की कोर फाड़कर उसमें अपने कंगन बांधकर नीचे फ़ेंक दिए, ताकि राम को उन्हें ढूढ़ने में सहायता प्राप्त हो सके...जिस स्थान पर सीताजी ने उन वानरों को ये आभूषण फेंके वो स्थान था 'ऋष्यमूक पर्वत' जो आज के हम्पी (कर्नाटक) में स्थित है...इसके बाद... वृद्ध गिद्धराज जटायु ने रोती हुई सीताजी को देखा, देखा कि कोई राक्षस किसी स्त्री को बलात अपने विमान में लेके जा रहा है। जटायु ने सीताजी को छुड़ाने के लिए रावण से युद्ध किया. रावण ने तलवार से जटायु के पंख काट दिए...इसके बाद जब राम और लक्ष्मण सीताजी को ढूंढते हुए पहुंचे तो उन्होंने दूर से ही जटायु को सबसे पहला सम्बोधन 'हे पक्षी' कहते हुए किया. और उस जगह का नाम दक्षिण भाषा में 'लेपक्षी' (आंधप्रदेश) है। अब क्या समझ आया आपको? पंचवटी---हम्पी---लेपक्षी---श्रीलंका. सीधा रास्ता.सबसे छोटा रास्ता. हवाई रास्ता, यानि हमारे जमाने में विमान होने के सबूत गूगल मैप का निकाला गया फोटो नीचे है...अपने ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति को भूल चुके भारतबन्धुओं रामायण कोई मायथोलोजी नहीं है...ये महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखा गया सत्य इतिहास है. जिसके समस्त वैज्ञानिक प्रमाण आज उपलब्ध हैं...इसलिए जब भी कोई वामपंथी हमारे इतिहास, संस्कृति, साहित्य को मायथोलोजी कहकर लोगों को भ्रमित करने का या खुद को विद्वान दिखाने का प्रयास करे तो उसको पकड़कर बिठा लेना और उससे इन सवालों के जवाब पूछना एक का भी जवाब नहीं दे पायेगा..
सत्य सनातन धर्म की जय,जय श्रीराम, जय गोविंदा
आउटसोर्स के प्रति आपकी मांग संवेदनशील ओर गम्भीर नही थी, आपकी मांगो पर तो सहमती बन गई, आउटसोर्स का क्या हुआ? हम कल जेसे थे, आज भी वेसे ही हे। हमारी मांग ठेका प्रथा बंद हो, अनुभव के आधार पर संविदा पर नियुक्ति मिले, वेतन दोगुना किया जाये, ओर सेवा समय 60 वर्ष हो। @UnitedforumV
@PMOIndia@CMMadhyaPradesh शासन द्वारा म.प्र. के 5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन वृद्वि करने तथा नौकरी में सुरक्षा की मांग पर आज दिनांक तक कोई निर्णय नहीं लिया गया जिसके कारण 5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों ने 2023 के विधानसभा चुनाव का वहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है।
आपका भोपाल में स्वागत है हम आउटसोर्स कर्मचारी की पीड़ा मामाजी @ChouhanShivraj@CMMadhyaPradesh नही समझ रहे हैं भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री@narendramodiजी से निवेदनहै कि मध्यप्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी की सिर्फ 2 ही मांग
1-वेतन सम्मान जनक
2-नौकरी सुरक्षा
मामाजी हमारा वेतन भी 18,000 कर दीजिए। @CMMadhyaPradesh
समस्त आउटसोर्स कर्मचारी.
@SadhnaSinghMP@BJP4MP ओर अनुभव के आधार पर ठेकाप्रथा से मुक्त करवा दिजीये, मामाजी, हमारा भविष्य तय किजीये मामाजी। @OfficeofSSC
मामाजी आपने हड़ताल करने से मना किया था, साथ बेठकर बात करने लिये कहा था। हमने मान लिया, अब आप हमारे चुप रहने का फायदा उठा रहे हो। अब हम हड़ताल भी नही कर रहे हे तो आप भी साथ बेठकर बात भी नही कर रहे हे। हम कहा जाये? भविष्य ही बता दिजीये हमारा क्या हे? @CMMadhyaPradesh@BJP4MP@INCMP