आखिर वर्तमान राजनैतिक नेताओं को आखिर क्या हो गया।
देशहित से बड़ा कोई हित नही होता है��� मेरे विचार से विदेशी ताकतों द्वारा अडानी ग्रुप पर जो हमला किया गया, उससे उतना नुकसान नहीं था, जितना की प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा देश में शोर मचाने से हुआ ।
मीडिया भी बहुत हद तक इस
है की हमारे किसान, मजदूर ,कुटीर उद्योग कर्मी और आम बहुलक वर्ग जो 80% है उनमें आय और पूंजी का वितरण शेष 20% नागरिकों की तुलना में मात्रा 1/25वा हिस्सा आता है जो हमारी असमानता और प्रत्येक नागरिक की लोकतंत्र में सहभागिता को पीछे ढकेलता है और लोकतंत्र का स्वरूप धनिक तंत्र के रूप
एमपी सिंह / लद्दाख टाइम्स
दिनांक 30.03.2023 जनपद सिद्धार्थनगर*
*भारी मात्रा में सफेद धातु (चांदी) की तस्करी कर रहे 02 नफर अन्तर्राष्ट्रीय तस्कर गिरफ्तार, कब्जे से कुल 96.350 किलोग्राम चाँदी व कार (कीमती करीब ₹ 80 लाख) बरामद ।*
लगातार तस्करी की मिल रही अभिसूचना पर