आज मैं लखनऊ एयरपोर्ट पर था।
यहां से लेकर मुंबई और गुवाहाटी से लेकर अहमदाबाद तक तमाम एयरपोर्ट प्रधानमंत्री ने अपने ‘टेम्पो वाले मित्र’ को सौंप दिए हैं।
देश की संपत्ति कितने टेम्पो के बदले बेची गयी, क्या नरेंद्र मोदी जनता को बताएंगे?
एकनाथ शिंदेच्या गटाचीच शिवसेना आहे हे सांगण्यासाठी त्यांच्या वकिलांना निवडणूक आयोगाची बाजू कशी बरोबर आहे हे सांगावे लागत आहे. इलेक्शन कमिशनने नियुक्त केलेले वकील वेगळे आहेत तरी शिंदेंच्या वकिलांना इलेक्शन कमिशन च्या कृतीचे समर्थन करून स्वतःची बाजू बरोबर आहे असे सांगावे लागतेय कारण त्याशिवाय त्यांच्याकडे कोणताच प्रतिवाद नाही. युक्ती चांगली आहे पण त्याला युक्तिवाद म्हणता येणार नाही अश्या सुमार पद्धतीने तोंडातून वाफ दवडली जातेय आणि कोर्टाचा वेळ वाया घालविला जातोय.
घटनाक्रम, वस्तुस्थिती, कायदा, दहावे परिशिष्ट, सिम्बॉल नियम, संविधान अश्या सहा गोष्टी उद्धव ठाकरे यांच्या बाजूने आहेत.
सामना कायदेशीरतेचे सहा खांब विरुद्ध असंवैधानिकतेचे दोन खांब असा आहे.
UPI के सरचार्ज पर सरकार-न्यूज चैनल दोनों का दोगलापन उजागर कर दिया @Ashneer_Grover जी ने।
मिसलीडिंग हेडलाइन दिखाकर भाजपा सरकार की तरफदारी करने की गोदी मीडिया जो कोशिश कर रहा था उस पर करारा तमाचा जड़ दिया!
बाबागिरी के फायदे देख रहे हो
ये कल तक प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठकर अपने टूटे-फूटे घर में कथा करता था
आज अंबानी के घर सोने के खड़ाऊ पहन के परफॉर्मेंस दे रहा है
💥 संघी प्रोफेसर
संगीत रागी की कुटाई देख 😂
बचाव में उतरे संघी एंकर और भाजपाई प्रवक्ता 📺🤦♂️
मगर राहुल गांधी के बब्बर शेर प्रवक्ता अतुल भाई मानने को तैयार नहीं ✊🔥💙
शेर अकेला ही काफी है! 🦁💥
#AtulBhai#BabarSher#SangeetRagi@atullondhe
मोदी जी ने पहले UPI की रट लगाई
और फिर UPI transaction पर टैक्स लगा रहे हैं
• पिछले साल 2025-26 में टोटल UPI ट्रांजेक्शन था ₹314 लाख करोड़
• जिसका 66% मतलब ₹207 लाख करोड़ ₹2000 वाले transaction से ज़्यादा था
सोचिए, इतनी वसूली की जायेगी!
UPI पेमेंट वर "अश्नीर ग्रोवर" यांना नक्की ऐका. सरकार आणि गोदी मीडिया ला उघडा पाडलाय
मागच्या 14 वर्षात फक्त एक गोष्ट चांगली आहे ती म्हणजे UPI. त्याला पण तुम्ही चार्ज लावताय. ही राजकीय सुसाईड आहे= ग्रोवर
मोदी सरकारची इज्जत काढलीये.
अँकर चा चेहरा बघा. रडायची बाकी राहिली😂
कांग्रेस जहां खड़ी होनी चाहिए बराबर खड़ी है
हम रिश्तो को भी जानते है
रिश्तो की अहमियत भी
जो शादीशुदा होगी
वो कहीं ना कहीं फूफा होगा
वह कहीं ना कहीं फूफी होगी
मोदी जी, आज वीडियो नहीं कीजिएगा?
“हर ओर ख़ुशियाँ आ गईं हैं” कहते हुए
थोक महंगाई दर अगस्त महीने में 9.92% पर जा पहुंची है - 4 महीने से 10% के आस पास है
WPI सिर्फ प्रेस रिलीज़ नहीं है - यह घातक है और अब तो यह दोहरी मार भी है
समझिए कैसे👇
अब मोदी सरकार की लूट UPI तक पहुँच गई है। “No fees on UPI” को बदलकर अब “₹2,000 तक के UPI transactions पर no fees” कर दिया गया है।
गगनचुंबी महँगाई से आम आदमी की जेब पहले ही खाली है। थोक महँगाई 10% के क़रीब है और भाजपा सरकार ने जनता पर “Digital Payments Tax” लगाकर उनकी बची-कुची, बचत को भी तबाह करने की योजना बना दी है।
मोदी सरकार का सबसे बड़ा पलटवार देखिए —
10 साल पहले नोटबंदी करके देश की अर्थव्यवस्था को झटका दिया गया। जब नोटबंदी के विनाशकारी नतीजों पर सवाल उठे, तो सरकार ने दलील दी थी कि नोटबंदी Digital Payments और Cashless Economy को बढ़ावा देने के लिए थोपी गई।
वित्त मंत्री जी ने हाल ही में संसद में कहा था कि UPI पर कोई Tax व Charges नहीं लगेंगे, पर कई ख़बरों के मुताबिक़:-
₹5,000 के transaction पर ₹25 और ₹10,000 पर ₹50 तक की संभावित वसूली की जाएगी। क्या ये सच है?
MDR की बात करें तो सरकार को क्या यह नहीं पता कि व्यापारी पर पड़ने वाला यह अतिरिक्त बोझ आखिरकार कीमतों के जरिए आम उपभोक्ता की जेब से ही वसूला जाएगा?
महँगाई से त्रस्त जनता को राहत देने के बजाय मोदी सरकार हर रोज उसकी जेब पर डाका डालने का नया तरीका खोज रही है !!
नया दिन, नया प्लान आपको लूटने का!
अब ₹2,000 से ऊपर के हर UPI पेमेंट पर सरकार 0.5% का चार्ज वसूलेगी
• अगर आपने ₹5,000 की खरीदारी की तो ₹25 का चार्ज लगेगा
• अगर ₹10,000 की खरीदारी की तो ₹50 वसूला जाएगा
अभी तक UPI पेमेंट पूरी तरह फ्री था, लेकिन मोदी जी से यह बर्दाश्त नहीं हुआ
तो बस अब वसूली करेंगे
मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।
अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।
सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं ली जाएगी। लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फ़ीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से।
अमेरिकी payment कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है।
US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।
संत महंत और कथावाचकों के महिलाओं के साथ फ़िल्मी गानों पर ऐसे नृत्य सनातन धर्म और भगवा चोले को बदनाम करते हैं।
महिलाओं के साथ फ़िल्मी नृत्य करना है तो चोला उतार कर कीजिये
गायपट्ट्यातील हिंदी हीच राजभाषा नाही !
गायपट्ट्यातले शाकाहार करणारेच हिंदू नाहीत !
मराठीसोबतच संविधानाच्या आठव्या अनुसूचीत एकूण २२ राजभाषा आहेत. त्यामुळे हिंदी म्हणजेच भारताची एकमेव राजभाषा, हा गैरसमज पसरवणे थांबवा.
आणि हो…हिंदुत्वाची व्याख्याही कुणाच्या एका प्रदेशापुरती मर्यादित नाही.
गायपट्ट्यात शाकाहार करणारेच फक्त हिंदू नाहीत. आपल्या अनेक देवी-देवतांच्या नैवेद्यपरंपरांमध्ये आणि विविध धार्मिक विधींमध्ये मांसाहाराचाही समावेश आढळतो.
म्हणून गायपट्ट्यातील भाषा आणि गायपट्ट्यातून दिले जाणारे हिंदुत्वाचे डोस महाराष्ट्राला लागू करण्याचा प्रयत्न करू नका.
महाराष्ट्राची भाषा मराठी, संस्कृती मराठी आणि हिंदुत्वाची परंपराही स्वतःची !
#महाराष्ट्र_देश
बिहार में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई जनहानि अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है।
इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी सहानुभूति है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील है कि वो आगे बढ़कर प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें। साथ ही, सरकार और प्रशासन से अपेक्षा है कि वो राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ चलाकर प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता जल्द से जल्द पहुंचाए।