दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 अगस्त को हुए आरक्षण हटाओ आंदोलन के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात की. ये बैठक जेपी नड्डा के आवास पर हुई. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक समेत टीम के सदस्यों के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत की.
#JPNadda #Reservation #JantarMantar #ABPNews
पत्रकारिता के नाम पर सिर्फ बकैती करवा लो,100 राजा हुए 150 राजा हुए लेकिन
डाटा पर बात नहीं करेंगे।
आज के समय में सरकार चलाते है अधिकारी
पूछो इन से पॉलिसी बनाने वाले कितने मुख्य सचिव OBC और SC हैं।
सरकार चालने वाले कितने मुख्यमंत्री OBC और SC हैं
OBC और SC की लाखों नौकरियों बैक लोग मे क्यों धकेल दी गई।
यूनीवर्सिटी में कितने VC OBC और SC हैं
प्रफेसर और एसिस्टेंट प्रोफेसर के पद NFS करके बैक लोग मे डाल दिए जाते हैं।
डाटा पर कभी बात नहीं करेंगे सिर्फ चिल्ला चिल्ला कर बकैती करनी हैं और कुछ नहीं
ये ठाकुर हैं… इसलिए इनके हिस्से में आरक्षण नहीं आएगा।
फूटी हुई दीवारें, टपकती छत, और अंधेरा कमरा…
एक विधवा बहु चुपचाप आंसू पोंछ रही है,
एक छोटा पोता भूख से बिलख रहा है, पेट में दर्द है लेकिन खाने को कुछ नहीं।
सरकार की नजरें यहां तक नहीं पहुंचतीं।
क्योंकि जाति ठाकुर है, तो ये उनकी फाइलों में अरबपति बन जाते हैं।
गरीबी दिखाई नहीं देती, सिर्फ जाति दिखाई देती है।
आरक्षण का हक सिर्फ उस इंसान को मिलना चाहिए जिसके पास रोटी नहीं, छत नहीं, और जिसके बच्चे भूख से सोते हैं चाहे वो किसी भी जाति का हो।
ये तस्वीर देखकर दिल दहल जाता है।
क्या स्वर्ण समाज में पैदा होना अपराध होगया है?🥹
आरक्षण आर्थिक आधार पर दीजिए जाति के आधार पर नहीं।🥹🙏🏻
#ugcrollback के नाम पर स्वर्ण समाज के साथ यह भेदभाव क्यो?
आरक्षण के नाम पर कितने समय से स्वर्णों के साथ अन्याय हो रहा है वो क्यो नहीं दिखता आपको?🥹
1. जैसाकि सर्वविदित है कि समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख द्वारा अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल व उस पार्टी के नेता केन्द्रीय मंत्री के बारे में यह सार्वजनिक बयान देना कि ’हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है’, यह कहना पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय व अति-शर्मनाक है तथा इस प्रकार की अहंकारी व अलोकतांत्रिक बयानबाज़ी के लिये उन्हें उस पार्टी से व उनके नेता से ही नहीं बल्कि स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी के परिवार का अपमान करने हेतु पूरे जाट समाज से भी अविलम्ब माफी माँगनी चाहिये तो यह उचित होगा।
2. वैसे देश की राजनीति में सपा का चाल, चरित्र व चेहरा अपने विरोधी पार्टियों के लिये ही नहीं बल्कि अपने सहयोगियों के लिये भी हमेशा से राजनीतिक संकीर्णता व जातिवादी द्वेष आदि से ग्रसित ज़्यादातर अप्रिय और अविश्वसनीय ही रहा है, जिस कारण इसका राजनीतिक एवं चुनावी लाभ भी अक्सर मौक़ों पर भाजपा ही उठाती रही है और सेक्युलर ताक़तें कमज़ोर होती रहीं हैं।
3. इस पार्टी के इसी प्रकार के अति-अहंकारी स्वाभाव के कारण पहले सन् 1993 में, यू.पी. में श्री मुलायम सिंह यादव के साथ सपा व बसपा का बना गठबन्धन जल्दी ही टूट गया, जिसके फलस्वरूप दिनांक 2 जून 1995 को मेरी हत्या करने के षडयन्त्र के तहत् मेरे विरुद्ध कुख्यात लखनऊ स्टेट गेस्ट हाऊस काण्ड हुआ।
और फिर आगे चलकर इनके बेटे श्री अखिलेश यादव द्वारा, इनके पिता की तरह पुरानी ग़लतियों को फिर से ना दोहराने का आश्वासन देते हुये, लोकसभा का चुनावी गठबन्धन हुआ जो चुनाव का नतीजा इनके अनुरुप ना आने की वजह से कुछ समय के बाद ही बी.एस.पी. के प्रति इनके अहंकारी व स्वार्थी आदि रवैये के कारण फिर यह गठबन्धन भी टूट गया, क्योंकि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के कारवाँ वाली पार्टी बी.एस.पी. व उसकी नेतृत्व ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की सर्वसमाज हितैषी अम्बेडकरवादी नीतियों व सिद्धान्तों से कदापि विमुख नहीं हो सकती है।
4. अब संक्षेप में यही कहना है कि यह पार्टी (सपा) गठबन्धन के मामले में केवल अपना काम निकालना जानती है और अपना काम निकलते ही फिर यह पार्टी गिरगिट की तरह अपना रंग बदल लेती है तथा दूसरी पार्टी के बारे में अनाप-शनाप भाषा का भी ख़ूब इस्तेमाल करती रहती है, जो कि यह सपा का पुराना रवैया है। ऐसे में सर्वसमाज के लोग सपा की संकीर्ण व जातिवादी राजनीति से ज़रूर सावधान रहें।
5. इसके साथ ही, यह बात भी जग-ज़ाहिर है कि सपा मुखिया श्री अखिलेश यादव अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए अपने PDA में से P को कभी पिछड़ा वर्ग, तो कभी P को पण्डितों का हितकारी बता देते हैं, जबकि इनके बारे में सच्चाई तो यह है कि वे पिछड़े वर्गों में अपनी ख़ुद की जाति के अलावा बाकी पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों तथा अपरकास्ट समाज में से ख़ासकर ब्राह्मण समाज के भी क़तई हितैषी नहीं रहे हैं।
6. इतना ही नहीं बल्कि इस पार्टी (सपा) की सभी रही सरकारों में दलितों, पिछड़ों, अक़लियतों, अपरकास्ट समाज में से विशेषकर ब्राह्मण समाज का भी काफी शोषण व उत्पीड़न आदि किया गया है तथा ना ही इनके हितों में कोई भी सकारात्मक क़दम उठाये गये हैं, बल्कि इनकी सरकार में वास्तव में केवल गुण्डों, बदमाशों, माफियाओं व अन्य अराजक तत्वों का ही भला हुआ है और साथ ही इनकी सरकार में दिन-छिपने के बाद हमारी बहिन-बेटियाँ भी घर से बाहर नहीं निकल सकती थीं। ऐसे में सर्वसमाज के लोग यू.पी. आगामी विधानसभा आमचुनाव में इस पार्टी (सपा) को सत्ता में क़तई भी ना आन दें, जो यह उनके हित में होगा।
अखिलेश जी,
आपको और आपके चेले-चपाटों को कुर्मी समाज से दिक्कत क्या है? कुर्मी समाज के दरोगा की अशफ़ाक़ ने हत्या करने की कोशिश की थी लेकिन अब अहीर ने कुर्मी समाज के व्यक्ति की हत्या कर ही दी।
पता तो आपको चल ही गया होगा। बाराबंकी में हंसराज वर्मा को “आपके यादव” ने पहले कार से टक्कर मारी, फिर पिटाई की, उसके बाद कान के पीछे सटाकर गोली मार दी। जानते हैं ये हत्या क्यों हुई? आपका चेला ज़मीन कब्ज़ाना चाहता था।
हंसराज वर्मा का मामला कोई पहला मामला नहीं है। ऐसे बहुत मामले हैं, जिनमें आपके ही चहेते ‘पीट देगा अहीर’ और ‘पीट देगा अशफाक’ गैंग के लोगों ने गैर-यादव पिछड़ों, खासकर कुर्मी समाज के लोगों को निशाना बनाया है।
अपने लोहिया वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष का मामला तो पता ही होगा? पूर्व पार्षद चांद सिद्दीकी कैसे भरत वर्मा की जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे, गोली तक चला दी।
प्रयागराज में समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष पवन पटेल के साथ क्या किया? आवाज उठाने पर पार्टी से ही बाहर कर दिया?
और सुनिए, बांदा में आपके विधायक विशंभर यादव का कारनामा छिपा है क्या? किस तरह सपा महिला सांसद कृष्णा देवी पटेल के साथ उन्होंने अभद्रता की और सबके सामने बेइज्जत किया। सिर्फ इसलिए क्योंकि विधायक विशंभर यादव को पता है कि सपा में ‘पीट देगा अहीर’ की ही चलेगी। वो पीट भी देगा तो कुछ नहीं होगा, क्योंकि आपके स्वजातीय जो ठहरे।
यूपी के चंदौली में समाजवादी पार्टी की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल का मामला तो पूरा देश जानता है। कैसे बड़ी बेरहमी से आपके स्वजातीय सपा नेताओं ने उन्हें पीटा था, याद है ना?
हरदोई में पूर्व सांसद ऊषा वर्मा और उनके परिवार पर आपके शराफत अली ने कितना घिनौना बोला था, पता है?
आपको क्या लगता है कि PDA के नाम पर कुर्मी समाज को मूर्ख बना लोगे? गलतफहमी में मत रहिएगा, कुर्मी समाज अपने सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा करना जानता है, वो आपकी और आपके स्वजातियों की गुलामी नहीं करेगा। सच पूछिए तो आपका PDA- ‘पटेल द्रोही अहिर’ है। चिंता मत कीजिए महराज, कुर्मी समाज हर अपमान का हिसाब लेगा।
जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय परशुराम
जय महाराजा सुहेलदेव।
@yadavakhilesh
सपा पर राजभर जी का करारा-
अखिलेश जी जो बीजेपी ने आजमगढ़ के लिए किया है आप अगले जन्म तक नहीं कर पाओगे?
बीजेपी ने सुहेलदेव विश्वविद्यालय बनाकर दिखा दिया, आपने सिर्फ गुंडागर्दी अराजकता को बढ़ावा दिया!
आज जनपद आजमगढ़ की अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के मदियापार में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के तत्वावधान में आयोजित जोन प्रभारी, सेक्टर प्रभारी, सेक्टर अध्यक्ष एवं बूथ स्तरीय पदाधिकारियों के कार्यकर्ता सम्मेलन में सहभागिता की।
कार्यकर्ताओं को संबोधित कर संगठन की मजबूती एवं बूथ स्तर तक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
कार्यकर्ता हमारी ताकत हैं, संगठन हमारी पहचान है और सामाजिक समरसता हमारा संकल्प है।
#सामाजिक_समरसता #मदियापार #अतरौलिया #आजमगढ़ #सुहेलदेव_भारतीय_समाज_पार्टी
2027 नहीं सपा अगली पैदाइश की तैयारी करे।
मुजफ्फरनगर दंगे में जल रहा था और अखिलेश यादव परिवार के साथ सैफई में नाच देख रहे थे।
📍OP राजभर का सपा पर तीखा हमला-
2027 नहीं सपा अगली पैदाइश की तैयारी करे।
मुजफ्फरनगर दंगे में जल रहा था और अखिलेश यादव परिवार के साथ सैफई में नाच देख रहे थे।
📍OP राजभर का सपा पर तीखा हमला-
खुला पत्र
मित्र अखिलेश जी,
उम्मीद है आप ठीक ठाक होंगे। अपनी मस्ती में चूर। इस मस्ती के दौर में आप झारखंड जा रहे हैं या नहीं? आपकी कथित क्रांति क्या दिल्ली तक ही सीमित थी?
देश पूछ रहा है, बस हां या ना में जवाब दे दीजिए?
-
आपका मित्र
ओम प्रकाश राजभर
@yadavakhilesh
सुनिए श्रीमान अखिलेश यादव जी,
ऐसा लगता है कि आप भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हो ही नहीं सकते, क्योंकि उस वंश का नाश तो गांधारी के श्राप से पहले ही हो चुका है। आप लोग कृष्ण नहीं कंसवंशी हैं!
जब से आपकी पार्टी लोकसभा की 37 सीटें जीती है, आपके राक्षस मानो पागल हो चुके हैं।
आप जो पीडीए के नाम पर रोज नई-नई नौटंकी और ढोंग रच रहे हैं न, उसकी नुमाइश आपके हत्यारे अहिर गुंडे सरेआम कर रहे हैं।
गाजीपुर की मेरी दो मासूम बच्चियों की गलती सिर्फ इतनी थी कि वो सामंती यादवों के खेत में घास काटने चली गईं थीं।
बिटिया आंचल राजभर सिर्फ 13 साल की थी, जिसको आपके यादवों ने बेरहमी से मार डाला।
दूसरी बेटी चांदनी राजभर की उम्र तो बस 12 साल है, उसे भी आपके राक्षसों ने इतना पीटा कि वो बेचारी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
आपके लोग इतने बेरहम हैं कि एक अति पिछड़े समाज के युवक को अमेठी में बस इसलिए मौत के घाट उतार दिये कि उसने यादव समाज की युवती से प्रेम विवाह कर लिया था।
प्रेम विवाह करना पाप है क्या?
अति पिछड़े कश्यप समाज के युवक की मौत और उसकी गर्भवती यादव विधवा को लेकर आपकी जुबान से एक शब्द भी नहीं निकला!
वो बेचारा तो पत्नी के साथ सुखी जीवन जी रहा था। ये भी नहीं देखा गया आप लोगों को।
आपके कंसवंशी अहिर गुंडों ने उसे पहले बंधक बनाया, तिल-तिल तड़पाया, उसके गुप्तांग काटे, आंखें नोंच ली और फिर चाकू से गर्दन हलाल कर दिया। उफ़्फ़!
'सर तन से जुदा' वालों के साथ रहते-रहते आप कंस के वंशजों की बुद्धि और भी वहशी हो चुकी है।
और हां... कंसवंशी डीएनए वाले अहिरों कान खोलकर सुन लो, तुम्हारी दुश्मनी ओम प्रकाश राजभर से है न!
20 गौतमपल्ली, लखनऊ में रहता हूं, तुम्हारे कंस वाले खून में दम है तो जो बिगाड़ना है बिगाड़ लेना।
निर्दयी होकर मासूमों को मार के बीर-बलवान बनते हो?
जिस दिन राजभर, निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद, मांझी, कश्यप, कहार, प्रजापति, कुम्हार, पाल, गड़रिया, नोनिया, तेली, लोहार, नाई, बंजारा, चौहान, माली, दर्जी, धीमर, धोबी, गोंड, वाल्मीकि, डोम, अरक, अर्कवंशी, बारी, वियार, तमेरा, शाक्य, सैनी, अहिरवार, कोइरी, फकीर, लोनिया, बाथम, तुरहा, गोडिया, मछुआ, बहेलिया, खटीक, पासी, मुसहर, नट, बांसफोर, विश्वकर्मा, चौरसिया समाज ने तुम्हारे खिलाफ मोर्चा खोल दिया न, तुम लोगों की जितनी गुंडई है उसे उतरने में 10 मिनट का टाइम भी नहीं लगेगा।
जय भारत। जय श्रीराम। जय श्रीकृष्ण। नमो बुद्धाय। जय महाराजा सुहेलदेव।
@yadavakhilesh
सुनिए श्रीमान अखिलेश यादव जी,
ऐसा लगता है कि आप भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हो ही नहीं सकते, क्योंकि उस वंश का नाश तो गांधारी के श्राप से पहले ही हो चुका है। आप लोग कृष्ण नहीं कंसवंशी हैं!
जब से आपकी पार्टी लोकसभा की 37 सीटें जीती है, आपके राक्षस मानो पागल हो चुके हैं।
आप जो पीडीए के नाम पर रोज नई-नई नौटंकी और ढोंग रच रहे हैं न, उसकी नुमाइश आपके हत्यारे अहिर गुंडे सरेआम कर रहे हैं।
गाजीपुर की मेरी दो मासूम बच्चियों की गलती सिर्फ इतनी थी कि वो सामंती यादवों के खेत में घास काटने चली गईं थीं।
बिटिया आंचल राजभर सिर्फ 13 साल की थी, जिसको आपके यादवों ने बेरहमी से मार डाला।
दूसरी बेटी चांदनी राजभर की उम्र तो बस 12 साल है, उसे भी आपके राक्षसों ने इतना पीटा कि वो बेचारी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
आपके लोग इतने बेरहम हैं कि एक अति पिछड़े समाज के युवक को अमेठी में बस इसलिए मौत के घाट उतार दिये कि उसने यादव समाज की युवती से प्रेम विवाह कर लिया था।
प्रेम विवाह करना पाप है क्या?
अति पिछड़े कश्यप समाज के युवक की मौत और उसकी गर्भवती यादव विधवा को लेकर आपकी जुबान से एक शब्द भी नहीं निकला!
वो बेचारा तो पत्नी के साथ सुखी जीवन जी रहा था। ये भी नहीं देखा गया आप लोगों को।
आपके कंसवंशी अहिर गुंडों ने उसे पहले बंधक बनाया, तिल-तिल तड़पाया, उसके गुप्तांग काटे, आंखें नोंच ली और फिर चाकू से गर्दन हलाल कर दिया। उफ़्फ़!
'सर तन से जुदा' वालों के साथ रहते-रहते आप कंस के वंशजों की बुद्धि और भी वहशी हो चुकी है।
और हां... कंसवंशी डीएनए वाले अहिरों कान खोलकर सुन लो, तुम्हारी दुश्मनी ओम प्रकाश राजभर से है न!
20 गौतमपल्ली, लखनऊ में रहता हूं, तुम्हारे कंस वाले खून में दम है तो जो बिगाड़ना है बिगाड़ लेना।
निर्दयी होकर मासूमों को मार के बीर-बलवान बनते हो?
जिस दिन राजभर, निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद, मांझी, कश्यप, कहार, प्रजापति, कुम्हार, पाल, गड़रिया, नोनिया, तेली, लोहार, नाई, बंजारा, चौहान, माली, दर्जी, धीमर, धोबी, गोंड, वाल्मीकि, डोम, अरक, अर्कवंशी, बारी, वियार, तमेरा, शाक्य, सैनी, अहिरवार, कोइरी, फकीर, लोनिया, बाथम, तुरहा, गोडिया, मछुआ, बहेलिया, खटीक, पासी, मुसहर, नट, बांसफोर, विश्वकर्मा, चौरसिया समाज ने तुम्हारे खिलाफ मोर्चा खोल दिया न, तुम लोगों की जितनी गुंडई है उसे उतरने में 10 मिनट का टाइम भी नहीं लगेगा।
जय भारत। जय श्रीराम। जय श्रीकृष्ण। नमो बुद्धाय। जय महाराजा सुहेलदेव।
@yadavakhilesh
अमित जी कभी अपने गिरेबान में भी झाँककर देखिए किस तरह से अपलोगों ने आलू से सोना बना दिया और नाम राहुल जी का आ गया ।आप लोग दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है और सबसे बड़े झूठे भी ।
बांकीपुर का चुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर के दावे एक-एक कर धराशायी हो रहे हैं।
पहले बांकीपुर को बेंगलुरु बनाने की अपनी बात से पलट गए। अब 400 से अधिक बूथों पर जीत का दावा भी निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड के सामने टिक नहीं पाया।
निर्वाचन आयोग के फॉर्म-20 के अनुसार, जनसुराज 331 बूथों पर आगे रही, भाजपा 81 बूथों पर आगे रही, राजद 8 बूथों पर, जबकि 2 बूथों (54 और 64) पर भाजपा और जनसुराज को बराबर वोट मिले।
यानी 400+ बूथों पर जीत का दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है।
इसी तरह कुत्ते-बिल्ली वाला बयान भी तथ्यों पर आधारित नहीं था। एक चुनाव जीतने के लिए जिस व्यक्ति को इतने झूठ बोलने पड़ें, वह जनता के साथ कितनी ईमानदारी से खड़ा होगा?