@Bharatrastrsena@zoo_bear@khanumarfa कुटाई हो ऐसे लोगों की इसको ये वीडियो दिखाकर फिर अच्छे से कुटाई हो ये लोग बीमारी हैं भारत में ऐसी मानसिकता छी छी छी
Agar aapke ghar me koi bachcha 10–15 saal ka hai…
To usse sirf marks ke liye mat daanto.
Usse:
• paise ki value sikhao
• mobile ka control sikhao
• basic self-defense sikhao
• aur ye bhi sikhao ki har dost acha nahi hota
. Apni beti chahe vo choti ho ya Jawan kisi bhi padosi k ghar mat bhejo chahe vo kitne bhi ache ho.
School har cheez nahi sikhata.
Kuch cheezein sirf parents sikha sakte hai.
@Shibyash_17 परमात्मा शहीदों की आत्मा को शांति देना और उनके परिवारजनों को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे I हे प्रभु मेरे देश के बहादुर जवानों के साथ ऐसी घटना ना घटे कभी 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏😥😥😥😓😓😓😓😰😰
सभी भाई पूरी ताकत के साथ हिंदू रक्षा दल का साथ दें।अन्यथा कोई भी हिंदुत्व के लिए ऐसे खड़ा नहीं होगा अपने हिन्दू परिवारों को कोई भी मजबूत नहीं करेगा।आपको समझना पड़ेगा।अपने बच्चों को बचाने के लिए हिंदुत्व के लिए खड़ा होना पड़ेगा
As we welcome the new year tonight, spare a thought to the soldiers who will be guarding our icy cold borders in stormy conditions, tonight and always... so that you and I can stay safe.
Jai Hind 🇮🇳
Shravan Kumar Vishwakarma once drove tempos in Kanpur to earn a living.
Today, he has entered India’s aviation sector, with his Shankh Airlines receiving government approval to begin operations
He says "The airline aims to connect middle-class Indians, especially first-time flyers"
"For me, an aircraft is simply a mode of transport, like a bus or a tempo, with no monopoly over the skies"
After facing multiple business failures, Shravan Kumar now owns a fleet of 400 trucks
महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में शरदचंद्र पवार एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उद्घाटन के मौके पर @gautam_adani ने कहा कि एआई इंसान की जगह लेने नहीं आया, एआई इंसान की ताकत बढ़ाने आया है।
जिस बारामती ने खेती, सहकारिता और शिक्षा से तरक्की की कहानी लि��ी, वहीं से अब भारत की एआई क्रांति की शुरुआत हो रही है। कल बीज मिट्टी में बोए जाते थे, अब बीज एल्गोरिदम में बोए जाएंगे।
मोबाइल ने हमें जोड़ दिया, एआई हमें आगे बढ़ाएगा। अब किसान मोबाइल देख कर फसल का फैसला करेगा, छोटे शहर की महिला दुनिया को सामान बेचेगी और कोई बच्चा सिर्फ इसलिए पीछे नहीं रहेगा, क्योंकि वह किसी दूर के गांव में पैदा हुआ।
एआई नौकरी छीनने नहीं, नौकरियां बनाने आया है। जो बदलते वक्त के साथ खुद को नहीं बदलेगा, वही पीछे रह जाएगा। खतरा टेक्नोलॉजी में नहीं, खुद को न बदलने में है।
लेकिन सबसे बड़ी चेतावनी भी यही है कि अगर डेटा, सिस्टम और फैसले दूसरों के हाथ में गए, तो देश चुपचाप गुलाम बन जाएगा। एआई में आत्मनिर्भरता ही असली आजादी है।
आज डेटा सेंटर वही हैं जो कभी फैक्ट्रियां थीं और साफ, सस्ती और मजबूत बिजल�� देश की नई ताकत है।
और छात्रों से सीधा संदेश देते हुए कहा कि इतिहास देखने वाले बहुत होते हैं, इतिहास बनाने वाले बहुत कम। यह पीढ़ी वही इतिहास लिखेगी।
अब वक्त है चुपचाप देखने का नहीं, भारत का भविष्य खुद लिखने का।
#Adani #AdaniGroup
जिस काम को कांग्रेस ने 70 सालों में भी नहीं किया, वो मोदी जी ने करके दिखा दिया। इसे कहते हैं इच्छाशक्ति!
ये वीडियो उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जिन्होंने हमारे असली इतिहास को दबाकर सिर्फ एक खानदान का महिमामंडन किया।
असली 'वी�� बाल दिवस' का मतलब अब देश समझ रहा है। 🚩