Dear Prime Minister Ambani,
Please accept my humble apologies for not realizing that you are the real boss of India.
Naturally, you would prefer to maintain your monopolistic exploitation of the great people of India, but would you nonetheless consider allowing Starlink to compete?
There are many areas of India, as there are in all countries, with no Internet access, which denies children the opportunity for education and for small businesses the opportunity to sell their goods to a global market. Starlink would change their lives for the better.
Thank you 🙏
Starlink is licensed in over 165 countries and has spent five years complying with every single law and requirement of the government of India, so why still no license?
Is Ambani the real boss of India?
The Trump administration has now launched a Section 301 trade probe against India, which could lead to more tariffs, service fees and other punitive measures.
But a government that is yet to find the spine to respond to the US Supreme Court striking down Trump’s tariffs will obviously have nothing to say about this either.
Congratulations to @PiyushGoyal for firmly securing his place as the worst Commerce and Industry Minister in India’s history.
@thecaravanindia Idhar question puchne walo ko abhi pata chala k Gadkari beef export business me hai. Ise hi andh bhakt kaha jata hai jo kabhi khud se padhte nahi...
विभिन्न देशों में अडानी गैंग द्वारा मचाई लूट के ये संक्षिप्त कारनामे जरूर पढ़ें ,देखें कैसे भारत सरकार के सौजन्य से गौतम अडानी ने इस संघटित लूट और भ्रष्टाचार को पूरे विश्व में अंजाम दिया।
मोदीजी के संरक्षण में गौतम अडानी और अडानी परिवार के ठगों ने दशकों से भ्रष्टाचार, घोटालों, मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के जाल बुनकर अरबों रुपये की लूट मचाई है।अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक इनके काले कारनामों का पर्दाफाश हो चुका है, लेकिन भारत सरकार इनकी ढाल बनकर इन्हें बचाती रही है—SEBI जैसी संस्थाओं को दबाव में लाकर क्लीन चिट दिलवाना, जांचों को कुचलना और जनता के पैसे से इनके कर्ज चुकाना। यह क्रोनी कैपिटलिज्म का जीता-जागता उदाहरण है, जहां मोदी जी के ‘मित्र’ अडानी को ऊपर उठाने के चक्कर में देश की संस्थाएं कुर्बान हो रही हैं। नीचे विभिन्न देशों में इनके प्रमुख मामलों का संक्षिप्त विवरण:
अमेरिका (USA): हिंदनबर्ग रिसर्च की 2023 रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप पर स्टॉक मैनिपुलेशन, अकाउंटिंग फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए, जिसमें 38 शेल कंपनियां (मॉरीशस, UAE, कैरेबियन) का जाल था जो विनोद अडानी (गौतम के भाई) द्वारा संचालित थीं। ये कंपनियां शेयरों में फर्जी निवेश और टर्नओवर बढ़ाने के लिए इस्तेमाल हुईं। नवंबर 2024 में यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने गौतम अडानी, सागर अडानी और 7 अन्य पर $265 मिलियन (₹2,000 करोड़+) का रिश्वतखोरी स्कैंडल चलाने का आरोप लगाया—भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देकर सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए और अमेरिकी निवेशकों को धोखा दिया। FCPA (फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेज एक्ट) उल्लंघन के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी। लेकिन मोदी सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया, बल्कि SEBI को दबाकर 2025 में इन आरोपों को ‘क्लीन’ कर दिया।    
भारत (India): हिंदनबर्ग रिपोर्ट के बाद OCCRP ने 2023 में खुलासा किया कि विनोद अडानी के सहयोगियों ने UAE और ताइवान से जुड़ी शेल कंपनियों के जरिए Adani शेयरों में 13% फ्री फ्लोट खरीदा-बेचा, जो राउंड-ट्रिपिंग (मनी लॉन्ड्रिंग) का स्पष्ट केस था। 4 सरकारी जांचों (DRI, CBI-ED) में $17 बिलियन (₹1.4 लाख करोड़+) की लूट—टैक्स चोरी, डायमंड ट्रेडिंग फ्रॉड, कोयला ब्लॉक घोटाला और AgustaWestland चॉपर डील में कनेक्शन। राजेश अडानी (गौतम के भाई) पर 2004-05 में डायमंड इंपोर्ट-एक्सपोर्ट स्कीम में फर्जी टर्नओवर बनाने के आरोप। मोदी सरकार ने SEBI को निर्देश देकर जांचें दबाईं, सुप्रीम कोर्ट को भी ‘समिति’ थोपकर बचाया। नतीजा? जनता के पैसे से PSU बैंक इनके कर्ज चुकाते रहे।     
ऑस्ट्रेलिया (Australia): अडानी की कार्माइकल कोल माइन प्रोजेक्ट में पर्यावरण उल्लंघन के अलावा $1 बिलियन (₹8,000 करोड़+) का इंपोर्ट फ्रॉड—मॉरीशस शेल कंपनी (विनोद अडानी द्वारा मैनेज) के जरिए उपकरणों की कीमत 60% फुलाकर पैसे साइफन किए। 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने अडानी के पर्यावरण कार्यकर्ता बेन पेनिंग्स के खिलाफ ‘भ्रमित और शर्मनाक’ मुकदमे को खारिज किया। बांग्लादेश और श्रीलंका ने भी अडानी के हाई-प्राइस पावर डील पर जांच शुरू की। लेकिन भारत सरकार ने इन विदेशी जांचों को नजरअंदाज कर अडानी को और कॉन्ट्रैक्ट थमाए।   
केन्या (Kenya): 2024 में जोमो केन्याटा एयरपोर्ट लीजिंग और पावर प्रोजेक्ट में रिश्वतखोरी के आरोपों पर अडानी को बाहर का रास्ता दिखाया गया। वर्कर्स स्ट्राइक ने प्रोटेस्ट किया, और जांच में पाया गया कि अडानी ने लोकल अधिकारियों को रिश्वत देकर डील हासिल की। भारत सरकार ने डिप्लोमैटिक दबाव डाला, लेकिन केन्या ने साफ मना कर दिया।   
स्विट्जरलैंड (Switzerland): फेडरल क्रिमिनल कोर्ट ने $320 मिलियन (₹2,700 करोड़+) के मनी लॉन्ड्रिंग केस में अडानी की शेल कंपनियों को निशाना बनाया, जो मॉरीशस से फंड्स ट्रांसफर का हिस्सा था। PGI जांच में AgustaWestland स्कैंडल से लिंक मिला। मोदी सरकार ने ED-CBI को भारत में जांच रोकने को कहा।  
बांग्लादेश (Bangladesh): अडानी पावर ने हाई प्राइस पर बिजली बेचकर घोटाला किया, कोर्ट ने 2024 में प्रोब ऑर्डर किया। श्रीलंका ने भी बिजनेस रोकने की धमकी दी। ये सभी केस मॉरीशस शेल्स से जुड़े हैं, जो विनोद अडानी कंट्रोल करते हैं।  
ये ठग मोदी जी के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं—$150 बिलियन मार्केट कैप लॉस के बावजूद नए कॉन्ट्रैक्ट, जनता के टैक्स से बेलआउट। SEBI का 2025 ‘क्लीन चिट’ तो बस दिखावा था, US केस अभी जिंदा हैं। यह लोकतंत्र का अपमान है! जब तक अडानी पर ईडी-सीबीआई छापे न पड़ें, तब तक मोदी सरकार की साजिश जारी रहेगी। #AdaniScam #ModiCronyism #SaveIndia
Hate against Muslims :
#Indore FIR against Muslims for holding the banner #ILoveMuhammad PBUH; now they are clearly showing hate towards Muslims and destroying the peace of our country.
Any action against them ? @comindore@IndoreCollector@drmohanoffice51