Court order not complying by CEO.
CEO of GNIDA doesn't even feel ashamed of lying again and again. Contemnor CEO of GNIDA should be suspended from the post.
भारत सरकार, उ.प्र.सरकार, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, सुप्रिम कोर्ट ऑफ इंडिया, विधिक सेवा समिति,उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा जारी आदेशों के बावजूद पीड़ित को न्याय नहीं मिला।पीड़ित को न्याय दिलाने में मदद करें। @rashtrapatibhvn@PMOIndia@MLJ_GoI@jagograhakjago@SCofIndia
डॉ नरेश त्रेहन और डॉ सोइन, मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम. इंसानियत बची हो तो सुन कर सुधार लाइएगा- आप मेरे दोस्त के इस परिवार की आवाज़ को सुनिएगा ज़रूर, क्योंकि समय पर सही तरीक़े से सुना होता त
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डॉ नरेश त्रेहन और डॉ सोइन, मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम.
इंसानियत बची हो तो सुन कर सुधार लाइएगा-
आप मेरे दोस्त के इस परिवार की आवाज़ को सुनिएगा ज़रूर, क्योंकि समय पर सही तरीक़े से सुना होता तो आज ये अपने को खोने का दर्द नहीं झेल रहे होते.
एक अच्छा ख़ासा व्यक्ति अपने पैरों पर चलकर आपके अस्पताल पहुंचता है लेकिन लापरवाही के कारण अब वो नहीं रहे.
लखनऊ के वासुदेव डेम्बला लीवर ट्रासप्लांट के लिए 22 दिसंबर को मेदांता गुरूग्राम में भर्ती हुए. उनके परिवार वालों के मुताबिक़ यह बताया गया कि 5 दिनों में सर्जरी का आश्वासन दिया गया था.
इससे पहले ILBS की टीम ने इनका चेक अप कर 3 महीने बाद सर्जरी प्लान करने के लिए कहा था और घर जाने के लिए कहा था. लेकिन परिवार को लगा कि मेदांता जाकर अभी जल्दी लीवर ट्रांसप्लांट करा लें. लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि उनका अनुभव सबसे बुरा होगा.
लेकिन मेदांता में 22 दिसंबर से 1 मार्च तक सिर्फ और सिर्फ इंफ़ेक्शन का इलाज होता रहा. परिवार वालों का आरोप है कि इलाज के दौरान कई स्तर पर लापरवाही बरती गई. जब भी कोई शिकायत की जाए तो उसे दूर करने पर ज़ोर नहीं दिया गया. शिकायतों की लंबी श्रृखंला है.
लीवर का इलाज तो बहुत दूर की बात हो गई थी, इलाज तो कुछ और ही चलने लगा.
डॉ त्रेहन जी मैंने आपको कई बार फ़ोन किया, आपको जानने वाले लोगों ने भी आपको फ़ोन किया और सिर्फ यही कहा गया कि इलाज और देखभाल सही करा दीजिए. लेकिन कोई ख़ास फ़र्क़ आपके ऊपर नहीं पड़ा. परिवार परेशान रहा और डॉ सोइन जब 28 फ़रवरी को परिवार से मिले तो उनका रवैया किसी भी एंगल से उनके पद और गरिमा के अनुकूल नहीं रहा.
आम लोगों के द्वारा बिल और पैसे की बात उठाना ही बेकार की बात है, क्योंकि बड़े अस्पताल इसे तो अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानने लगे हैं. सही समय पर सच्चाई दिखाने के लिए ज़रूर साझा किया जाएगा.
मानवता मर चुकी है, संवेदनाएं और डर ख़त्म हो गया है. क्योंकि देश की जानी मानी हस्तियों का इलाज इन जैसे बड़े अस्पतालों में होता है, उन्हें पूरी अच्छी व्यवस्था दी जाती है. तो फिर डर कैसा ? किसी से मत डरिए लेकिन भगवान से ज़रूर डरिए !
मैं अपने दोस्त से क्षमाप्रार्थी हूँ कि जाने अनजाने में मैंने डॉ त्रेहन या उनकी टीम के द्वारा दिए गए इंटरव्यू को कभी भी किया हो और उस वजह से उनकी “असली” छवि पर पर्दा लगा हो, हमारे प्रचार प्रसार की वजह से बड़े अस्पताल की ओर जाने को समाज मजबूर होता है, तो मैं माफ़ी माँगता हूँ. आगे से मैं ऐसा नहीं करूँगा.
डॉक्टर सच में भगवान होते हैं, मैं बहुत से डॉक्टर को जानता हूँ जो सच में भगवान जैसा काम करते हैं लेकिन कुछ बड़े अस्पतालों के बड़े नामों ने निराश कर दिया है.
मैं सभी से यही अनुरोध करूँगा कि जिस डॉक्टर या अस्पताल को आप लंबे समय से जानते हैं, सिर्फ़ वहीं जाइए. बड़े ब्रांड और बड़े नाम की तरफ़ मत भागिए.
@myogioffice योगी सिर्फ दिखावा असली तो मुख्यमंत्री अफसर ही है, और अफसर तो काम करते नहीं झूठ बोलने और झूठी आखयाओ को पेश करने के अलावा चाहे मुख्यमंत्री योगी कुछ भी बोलते रहे, किसी को कोई शर्म नहीं, अदालत के आदेश भी नहीं मानते @myogiadityanath@myogioffice@PMOIndia@narendramodi
योगी सिर्फ दिखावा असली तो मुख्यमंत्री अफसर ही है, और अफसर तो काम करते नहीं झूठ बोलने और झूठी आखयाओ को पेश करने के अलावा चाहे मुख्यमंत्री योगी कुछ भी बोलते रहे, किसी को कोई शर्म नहीं, अदालत के आदेश भी नहीं मानते @myogiadityanath@myogioffice@PMOIndia@narendramodi
यूपी के अहम ओहदों पर रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी @AwasthiAwanishK की कार्यकुशलता पर सूबे के मुख्यमंत्री @myogiadityanath का भरोसा बरकरार। अवनीश अवस्थी का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ा। नियुक्ति विभाग ने इस बाबत जारी किया आदेश। साल 2022 में रिटायरमेंट के बाद अवस्थी बने थे CM के सलाहकार।
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