उत्तर प्रदेश शासन @UPGovt आदेश 7774/77-4-2023-6011 दिसंबर 2023 @amitabhk87@NITIAayog की रिपोर्ट अनुसार बिंदु क्रमांक 17 के अनुसार बिल्डर द्वारा रैजिस्ट्री प्लान आथोरिटी को जमा नहीं कराया गया है । उपर्युक्त आदेशानुसार बिंदु क्रमांक 21 अनुछेद viii अनुसार प्रत्येक दशा मे सभी कंम्पलीट फ़्लैट जिनमें OC प्राप्त कर अथवा बिना OC प्राप्त कर बीयर/निवासी रह रहे है उन सबकी रैजिस्ट्री आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण कर 3 माह के अन्दर रैजिसट्री सुनिहकी जाएगी । संज्ञान मे लाना चाहूँगा इस बिंदु का भी पालन नहीं किया गया है
@PMOIndia@DasShaktikanta
ACEO @IAS_SAUMYA (Builder) GNIDA 7 महीने से आरटीआई और आईजीआरएस के जवाब जबरन रोक रहे हैं और कर रहे हैं सीएमडी सुपरसिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की मदद
जब मेफेयर की आवाज़ नामक हैंडल से बढ़ने लगा प्रेशर तो बिल्डर को आरटीआई और आईजीआरएस की सूचना देकर बिल्डर द्वारा ट्विटर हैंडल डिलीट कराया और फ्रीडम ऑफ़ स्पीच का हनन करवाया है
बिल्डर सेक्शन को हज़ारों ईमेल्स पत्र एवं मीटिंग्स के बाद भी बिना ओसी/सीसी बिल्डर चार्ज कर रहा है मनमाना मेंटेनेंस और नहीं कर रहा है रजिस्ट्री
शासन आदेश तहत बिल्डर दीपक मिगलानी का टावर ए से डी का अलॉटमेंट निरस्त करें, ये चार टावर किसी अन्य बिल्डर को दें और उनपे और बिल्डर सेक्शन के दोनों वर्तमान एवं पूर्व ओएसडी/एसीओ पर कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही करें
@OfficialGNIDA@NandiGuptaBJP@aksharmaBharat@CMOfficeUP@UPRERAofficial@s_bhoosreddy@PMOIndia@KirenRijiju@maheshsharmaBJP@nefowaoffice@Live_Hindustan@IndianExpress@TheHindu@ThePrintIndia@palkisu@firstpost@CVCIndia@DasShaktikanta@PMOIndia@myogioffice@UpVigilance@investindia@_InvestUP
🚨 तत्काल संज्ञान लें | सार्वजनिक अपील, 800+ घंटे | 6 सप्ताह, निरंतर आग्रह | 260+ अनुस्मारक | 3 वर्षों का संघर्ष | 350+ ट्वीट — फिर भी CEO @official_gnida और @IAS_Saumya चुप।
ACEO (Builder), Manager (Builder), Planning Dept से वैध जानकारी अब तक नहीं दी गई। यदि जानकारी सार्वजनिक हैं, तो
@CMOfficeUP@PMOIndia इसे साझा करने का निर्देश दें। अन्यथा
@OfficialGNIDA के ACEO (builder) @IAS_SAUMYA
संबंधित अधिकारी नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए त्यागपत्र दें, क्योंकि:
1. RTI अधिनियम का उल्लंघन: @OfficialGNIDA
एक सार्वजनिक निकाय होते हुए, परियोजनाओं की स्थिति, अनुमोदन, OC/CC, अग्नि NOC आदि की जानकारी देने को बाध्य है। जो 3 वर्षों के आग्रह के पश्चात भी प्रदान नहीं किया जा रहा है
2. जनसुनवाई एवं IGRS की विफलता: उत्तर प्रदेश सरकार की IGRS/जनसुनवाई प्रणाली शिकायतों के समाधान हेतु बनी है। CEO GNIDA एवं ACEO GNIDA इसे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने में तीन वर्षों से अधिक समय क्यों ले रहे हैं? अन्यथा यह मान लिया जाए कि वे जानबूझकर उक्त जानकारी को दबा रहे हैं? IGRS
@ChiefSecyUP@AwasthiAwanishK@spgoyal_ias@IasAlok@sanjaychapps1@CMOfficeUP@GovernorofUp@UPGovt
3. सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन: सरकारी अधिकारियों पर पारदर्शिता व जवाबदेही अनिवार्य है। जानकारी छिपाना, गुमराह करना = नैतिक व प्रशासनिक विफलता। ACEO Builder
@IAS_SAUMYA का त्यागपत्र देना उचित।
@DrJitendraSingh@DARPG_GoI @NCGG_GoI4 @DoPTGoI
4.@amitabhk87@NITIAayog समिति की अवहेलना: समिति ने पारदर्शिता व लंबित परियोजनाओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
@OfficialGNIDA@IAS_SAUMYA UP शासन आदेश (21.12.2023, संख्या 7774/77-4-2023-6011) और अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों की, विगत एक वर्ष से खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं
5. सार्वजनिक प्रभाव: यह मामला विधवा माताओं, वरिष्ठ नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों जैसे असहाय वर्गों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रहा है। संवैधानिक व सामाजिक उत्तरदायित्व का हनन।
@ChiefSecyUP@AwasthiAwanishK@sanjaychapps1@IasAlok@cabsect_india
6. हालिया आग की घटनाएं: परियोजना में लगातार आग लगने की घटनाएं, रद्द हुआ Fire Safety, रह रहे परिवार — यह नागरिक जीवन के लिए सीधा खतरा है। फिर भी कोई ठोस जानकारी या जवाबदेही नहीं।
@fireserviceup @cfonoida @GSOtoDGPUP@dgpup
इसलिए: जब RTI, जनसुनवाई, IGRS, PMO/CMO सभी असफल हों, और अधिकारी बार-बार जानकारी रोकें, तो नैतिकता की मांग है कि वे स्वयं उत्तरदायित्व लेकर ACEO(Builder) CFO Noida त्यागपत्र दें।
कृपया तत्काल हस्तक्षेप करें।GNIDA को जवाबदेह ठहराया जाए, और जानकारी लिखित में तत्काल उपलब्ध कराई जाए,एवं इस बात की स्वतंत्र जांच कराई जाए कि विगत तीन वर्षों से निरंतर अनुरोध के उपरांत भी अपेक्षित जानकारी प्रदान क्यों नहीं की गई तथा संबंधित विषयों पर विधिसम्मत कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
https://t.co/MiwXWFhDvs
@investindia@_InvestUP@BJP4India@DasShaktikanta@cabsect_india@ACOUPPolice@dir_ed@CBIHeadquarters@CVCIndia@UpVigilance@myogioffice@GovernorofUp@PMOIndia@indSupremeCourt@rashtrapatibhvn
#corruptGNIDA #mayfairresidency
🚨 तत्काल संज्ञान लें | सार्वजनिक अपील
150+ घंटे निरंतर आग्रह | 209 अनुस्मारक | 3 वर्षों का संघर्ष | 115+ ट्वीट — फिर भी @OfficialGNIDA प्रशासन मौन!
मांगी गई सार्वजनिक जानकारी अब तक रोकी गई है।
यह न केवल श्री अमिताभ कांत समिति के निर्देशों का, बल्कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों का भी सरेआम उल्लंघन है।
क्या @IAS_Saumya, ACEO (Builder Dept), Manager (Builder), और Planning Dept के अधिकारी जानबूझकर जानकारी छिपा रहे हैं?
जनता के प्रश्नों पर यह चुप्पी क्या प्रशासनिक लापरवाही नहीं है?
🙏 माननीय @BJP4India@BJP4UP@RSSorg@DasShaktikanta@cabsect_india@ACOUPPolice@CVCIndia@UpVigilance@CMOfficeUP@GovernorofUp@PMOIndia कृपया तत्काल हस्तक्षेप करें।GNIDA को जवाबदेह ठहराया जाए, और जानकारी लिखित में तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
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संबंधित अधिकारी नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए त्यागपत्र दें, क्योंकि:
1. RTI अधिनियम का उल्लंघन:
@OfficialGNIDA
एक सार्वजनिक निकाय होते हुए, परियोजनाओं की स्थिति, अनुमोदन, OC/CC, अग्नि NOC आदि की जानकारी देने को बाध्य है। जो 3 वर्षों के आग्रह के पश्चात भी प्रदान नहीं किया जा रहा है
2. जनसुनवाई एवं IGRS की विफलता: उत्तर प्रदेश सरकार की IGRS/जनसुनवाई प्रणाली शिकायतों के समाधान हेतु बनी है। CEO GNIDA एवं ACEO GNIDA इसे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने में तीन वर्षों से अधिक समय क्यों ले रहे हैं? अन्यथा यह मान लिया जाए कि वे जानबूझकर उक्त जानकारी को दबा रहे हैं? IGRS
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3. सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन: सरकारी अधिकारियों पर पारदर्शिता व जवाबदेही अनिवार्य है। जानकारी छिपाना, गुमराह करना = नैतिक व प्रशासनिक विफलता। ACEO Builder @IAS_SAUMYA
का त्यागपत्र देना उचित। @DrJitendraSingh@DARPG_GoI
@NCGG_GoI4 @DoPTGoI
4. @amitabhk87@NITIAayog समिति की अवहेलना: समिति ने पारदर्शिता व लंबित परियोजनाओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
@OfficialGNIDA@IAS_SAUMYA
UP शासन आदेश (21.12.2023, संख्या 7774/77-4-2023-6011) और अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों की, विगत एक वर्ष से खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं 5. सार्वजनिक प्रभाव: यह मामला विधवा माताओं, वरिष्ठ नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों जैसे असहाय वर्गों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रहा है। संवैधानिक व सामाजिक उत्तरदायित्व का हनन।
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6.. हालिया आग की घटनाएं: परियोजना में लगातार आग लगने की घटनाएं, रद्द हुआ Fire Safety, रह रहे परिवार — यह नागरिक जीवन के लिए सीधा खतरा है। फिर भी कोई ठोस जानकारी या जवाबदेही नहीं।
@fireserviceup @cfonoida @dgpup
इसलिए: जब RTI, जनसुनवाई, IGRS, PMO/CMO सभी असफल हों, और अधिकारी बार-बार जानकारी रोकें, तो नैतिकता की मांग है कि वे स्वयं उत्तरदायित्व लेकर ACEO(Builder) CFO Noida त्यागपत्र दें। कृपया तत्काल हस्तक्षेप करें।GNIDA को जवाबदेह ठहराया जाए, और जानकारी लिखित में तत्काल उपलब्ध कराई जाए,एवं इस बात की स्वतंत्र जांच कराई जाए कि विगत तीन वर्षों से निरंतर अनुरोध के उपरांत भी अपेक्षित जानकारी प्रदान क्यों नहीं की गई तथा संबंधित विषयों पर विधिसम्मत कार्रवाई क्यों नहीं की गई? https://t.co/MiwXWFhDvs
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150+ घंटे निरंतर आग्रह | 209 अनुस्मारक | 3 वर्षों का संघर्ष | 115+ ट्वीट — फिर भी @OfficialGNIDA प्रशासन मौन!
मांगी गई सार्वजनिक जानकारी अब तक रोकी गई है।
यह न केवल श्री अमिताभ कांत समिति के निर्देशों का, बल्कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों का भी सरेआम उल्लंघन है।
क्या @IAS_Saumya, ACEO (Builder Dept), Manager (Builder), और Planning Dept के अधिकारी जानबूझकर जानकारी छिपा रहे हैं?
जनता के प्रश्नों पर यह चुप्पी क्या प्रशासनिक लापरवाही नहीं है?
🙏 माननीय @BJP4India@BJP4UP@RSSorg@DasShaktikanta@cabsect_india@ACOUPPolice@CVCIndia@UpVigilance@CMOfficeUP@GovernorofUp@PMOIndia कृपया तत्काल हस्तक्षेप करें।GNIDA को जवाबदेह ठहराया जाए, और जानकारी लिखित में तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
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1. RTI अधिनियम का उल्लंघन:
@OfficialGNIDA
एक सार्वजनिक निकाय होते हुए, परियोजनाओं की स्थिति, अनुमोदन, OC/CC, अग्नि NOC आदि की जानकारी देने को बाध्य है। जो 3 वर्षों के आग्रह के पश्चात भी प्रदान नहीं किया जा रहा है
2. जनसुनवाई एवं IGRS की विफलता: उत्तर प्रदेश सरकार की IGRS/जनसुनवाई प्रणाली शिकायतों के समाधान हेतु बनी है। CEO GNIDA एवं ACEO GNIDA इसे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने में तीन वर्षों से अधिक समय क्यों ले रहे हैं? अन्यथा यह मान लिया जाए कि वे जानबूझकर उक्त जानकारी को दबा रहे हैं? IGRS
@ChiefSecyUP@AwasthiAwanishK@spgoyal_ias@IasAlok@sanjaychapps1@CMOfficeUP@GovernorofUp@UPGovt
3. सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन: सरकारी अधिकारियों पर पारदर्शिता व जवाबदेही अनिवार्य है। जानकारी छिपाना, गुमराह करना = नैतिक व प्रशासनिक विफलता। ACEO Builder @IAS_SAUMYA
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4. @amitabhk87@NITIAayog समिति की अवहेलना: समिति ने पारदर्शिता व लंबित परियोजनाओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
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UP शासन आदेश (21.12.2023, संख्या 7774/77-4-2023-6011) और अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों की, विगत एक वर्ष से खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं 5. सार्वजनिक प्रभाव: यह मामला विधवा माताओं, वरिष्ठ नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों जैसे असहाय वर्गों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रहा है। संवैधानिक व सामाजिक उत्तरदायित्व का हनन।
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6.. हालिया आग की घटनाएं: परियोजना में लगातार आग लगने की घटनाएं, रद्द हुआ Fire Safety, रह रहे परिवार — यह नागरिक जीवन के लिए सीधा खतरा है। फिर भी कोई ठोस जानकारी या जवाबदेही नहीं।
@fireserviceup @cfonoida @dgpup
इसलिए: जब RTI, जनसुनवाई, IGRS, PMO/CMO सभी असफल हों, और अधिकारी बार-बार जानकारी रोकें, तो नैतिकता की मांग है कि वे स्वयं उत्तरदायित्व लेकर ACEO(Builder) CFO Noida त्यागपत्र दें। कृपया तत्काल हस्तक्षेप करें।GNIDA को जवाबदेह ठहराया जाए, और जानकारी लिखित में तत्काल उपलब्ध कराई जाए,एवं इस बात की स्वतंत्र जांच कराई जाए कि विगत तीन वर्षों से निरंतर अनुरोध के उपरांत भी अपेक्षित जानकारी प्रदान क्यों नहीं की गई तथा संबंधित विषयों पर विधिसम्मत कार्रवाई क्यों नहीं की गई? https://t.co/MiwXWFhDvs
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उत्तर प्रदेश शासन @UPGovt आदेश 7774/77-4-2023-6011 दिसंबर 2023 @amitabhk87@NITIAayog की रिपोर्ट अनुसार बिंदु क्रमांक 17 के अनुसार बिल्डर द्वारा रैजिस्ट्री प्लान आथोरिटी को जमा नहीं कराया गया है । उपर्युक्त आदेशानुसार बिंदु क्रमांक 21 अनुछेद viii अनुसार प्रत्येक दशा मे सभी कंम्पलीट फ़्लैट जिनमें OC प्राप्त कर अथवा बिना OC प्राप्त कर बीयर/निवासी रह रहे है उन सबकी रैजिस्ट्री आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण कर 3 माह के अन्दर रैजिसट्री सुनिह की जाएगी । संज्ञान मे लाना चाहूँगा इस बिंदु का भी पालन नहीं किया गया है @PMOIndia@DasShaktikanta@IasAlok@ChiefSecyUP
ACEO (Builder) @IAS_SAUMYA@OfficialGNIDA 8 महीने से आरटीआई और आईजीआरएस के जवाब जबरन रोक रहे हैं और कर रहे हैं सीएमडी सुपरसिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की मदद जब मेफेयर की आवाज़ नामक हैंडल से बढ़ने लगा प्रेशर तो बिल्डर को आरटीआई और आईजीआरएस की सूचना देकर बिल्डर द्वारा ट्विटर हैंडल डिलीट कराया और फ्रीडम ऑफ़ स्पीच का हनन करवाया है
बिल्डर सेक्शन को हज़ारों ईमेल्स पत्र एवं मीटिंग्स के बाद भी बिना ओसी/सीसी बिल्डर चार्ज कर रहा है मनमाना मेंटेनेंस और नहीं कर रहा है रजिस्ट्री शासन आदेश तहत बिल्डर दीपक मिगलानी का टावर ए से डी का अलॉटमेंट निरस्त करें, ये चार टावर किसी अन्य बिल्डर को दें और उनपे और बिल्डर सेक्शन के दोनों वर्तमान एवं पूर्व ओएसडी/एसीओ पर कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही करें
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उत्तर प्रदेश शासन @UPGovt आदेश 7774/77-4-2023-6011 दिसंबर 2023 @amitabhk87@NITIAayog की रिपोर्ट अनुसार बिंदु क्रमांक 17 के अनुसार बिल्डर द्वारा रैजिस्ट्री प्लान आथोरिटी को जमा नहीं कराया गया है । उपर्युक्त आदेशानुसार बिंदु क्रमांक 21 अनुछेद viii अनुसार प्रत्येक दशा मे सभी कंम्पलीट फ़्लैट जिनमें OC प्राप्त कर अथवा बिना OC प्राप्त कर बीयर/निवासी रह रहे है उन सबकी रैजिस्ट्री आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण कर 3 माह के अन्दर रैजिसट्री सुनिहकी जाएगी । संज्ञान मे लाना चाहूँगा इस बिंदु का भी पालन नहीं किया गया है
@ChiefSecy_UP ACEO Saumya Srivastava (Builder) GNIDA दो महीने से आरटीआई और आईजीआरएस के जवाब जबरन रोक रहे हैं और कर रहे हैं सीएमडी सुपरसिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की मदद
जब मेफेयर की आवाज़ नामक हैंडल से बढ़ने लगा प्रेशर तो बिल्डर को आरटीआई और आईजीआरएस की सूचना देकर बिल्डर द्वारा ट्विटर हैंडल डिलीट कराया और फ्रीडम ऑफ़ स्पीच का हनन करवाया है
बिल्डर सेक्शन को हज़ारों ईमेल्स पत्र एवं मीटिंग्स के बाद भी बिना ओसी/सीसी बिल्डर चार्ज कर रहा है मनमाना मेंटेनेंस और नहीं कर रहा है रजिस्ट्री
शासन आदेश तहत बिल्डर दीपक मिगलानी का टावर ए से डी का अलॉटमेंट निरस्त करें, ये चार टावर किसी अन्य बिल्डर को दें और उनपे और बिल्डर सेक्शन के दोनों वर्तमान एवं पूर्व ओएसडी/एसीओ पर कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही करें
@OfficialGNIDA@NandiGuptaBJP@aksharmaBharat@CMOfficeUP@UPRERAofficial@s_bhoosreddy@PMOIndia@KirenRijiju@maheshsharmaBJP@nefowaoffice@NEFOMAncr@kingsaurabhkush@siddharth2596@Live_Hindustan@IndianExpress@TheHindu@ThePrintIndia@RealArnab_@CVCIndia
उत्तर प्रदेश शासन @UPGovt आदेश 7774/77-4-2023-6011 दिसंबर 2023 @amitabhk87@NITIAayog की रिपोर्ट अनुसार बिंदु क्रमांक 17 के अनुसार बिल्डर द्वारा रैजिस्ट्री प्लान आथोरिटी को जमा नहीं कराया गया है । उपर्युक्त आदेशानुसार बिंदु क्रमांक 21 अनुछेद viii अनुसार प्रत्येक दशा मे सभी कंम्पलीट फ़्लैट जिनमें OC प्राप्त कर अथवा बिना OC प्राप्त कर बीयर/निवासी रह रहे है उन सबकी रैजिस्ट्री आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण कर 3 माह के अन्दर रैजिसट्री सुनिहकी जाएगी । संज्ञान मे लाना चाहूँगा इस बिंदु का भी पालन नहीं किया गया है
@ChiefSecy_UP ACEO Saumya Srivastava (Builder) GNIDA दो महीने से आरटीआई और आईजीआरएस के जवाब जबरन रोक रहे हैं और कर रहे हैं सीएमडी सुपरसिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की मदद
जब मेफेयर की आवाज़ नामक हैंडल से बढ़ने लगा प्रेशर तो बिल्डर को आरटीआई और आईजीआरएस की सूचना देकर बिल्डर द्वारा ट्विटर हैंडल डिलीट कराया और फ्रीडम ऑफ़ स्पीच का हनन करवाया है
बिल्डर सेक्शन को हज़ारों ईमेल्स पत्र एवं मीटिंग्स के बाद भी बिना ओसी/सीसी बिल्डर चार्ज कर रहा है मनमाना मेंटेनेंस और नहीं कर रहा है रजिस्ट्री
शासन आदेश तहत बिल्डर दीपक मिगलानी का टावर ए से डी का अलॉटमेंट निरस्त करें, ये चार टावर किसी अन्य बिल्डर को दें और उनपे और बिल्डर सेक्शन के दोनों वर्तमान एवं पूर्व ओएसडी/एसीओ पर कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही करें
@OfficialGNIDA@NandiGuptaBJP@aksharmaBharat@CMOfficeUP@UPRERAofficial@s_bhoosreddy@PMOIndia@KirenRijiju@maheshsharmaBJP@nefowaoffice@NEFOMAncr@kingsaurabhkush@siddharth2596@Live_Hindustan@IndianExpress@TheHindu@ThePrintIndia@RealArnab_@CVCIndia
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@amitabhk87@NITIAayog की रिपोर्ट अनुसार बिंदु क्रमांक 17 के अनुसार बिल्डर द्वारा रैजिस्ट्री प्लान आथोरिटी को जमा नहीं कराया गया है । उपर्युक्त आदेशानुसार बिंदु क्रमांक 21 अनुछेद viii अनुसार प्रत्येक दशा मे सभी कंम्पलीट फ़्लैट जिनमें OC प्राप्त कर अथवा बिना OC प्राप्त कर बीयर/निवासी रह रहे है उन सबकी रैजिस्ट्री आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण कर 3 माह के अन्दर रैजिसट्री सुनिहकी जाएगी । संज्ञान मे लाना चाहूँगा इस बिंदु का भी पालन नहीं किया गया है @PMOIndia@DasShaktikanta
ACEO @IAS_SAUMYA (Builder) GNIDA 8 महीने से आरटीआई और आईजीआरएस के जवाब जबरन रोक रहे हैं और कर रहे हैं सीएमडी सुपरसिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की मदद जब मेफेयर की आवाज़ नामक हैंडल से बढ़ने लगा प्रेशर तो बिल्डर को आरटीआई और आईजीआरएस की सूचना देकर बिल्डर द्वारा ट्विटर हैंडल डिलीट कराया और फ्रीडम ऑफ़ स्पीच का हनन करवाया है
बिल्डर सेक्शन को हज़ारों ईमेल्स पत्र एवं मीटिंग्स के बाद भी बिना ओसी/सीसी बिल्डर चार्ज कर रहा है मनमाना मेंटेनेंस और नहीं कर रहा है रजिस्ट्री शासन आदेश तहत बिल्डर दीपक मिगलानी का टावर ए से डी का अलॉटमेंट निरस्त करें, ये चार टावर किसी अन्य बिल्डर को दें और उनपे और बिल्डर सेक्शन के दोनों वर्तमान एवं पूर्व ओएसडी/एसीओ पर कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही करें
@cabsect_india@CVCIndia@dir_ed@UpVigilance@ACOUPPolice@ChiefSecyUP@IasAlok@sanjaychapps1@CMOfficeUP@GovernorofUp@pachenisoman@DasShaktikanta@PMOIndia@narendramodi@BJP4India@BJP4UP@RSSorg@palkisu@firstpost@SagrikaKissu@TriCityNews@indSupremeCourt@rashtrapatibhvn
लख लख बधाईयां आपको श्रीमान @tejpalnagarMLA
उम्मीद है की अब आप ग्रेनो वेस्ट की भी सुध लेंगे
मुख्य समस्याएं (फ्लैट इश्यू है ही)
ग्रेनो वेस्ट तक दिल्ली मेट्रो
सिटी बसें दिवाली तक
साफ सफाई
सड़क के गड्ढे
जलभराव (सड़क और सोसाइटी)
सरकारी हॉस्पिटल
प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगाम
हमें Greater Noida Authority / UP RERA में एक गतिशील, जवाबदेह, पारदर्शी और जन-केंद्रित अधिकारियों की टीम चाहिए। वर्तमान टीम केवल सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अपनी छवि बचाने में व्यस्त है, जबकि हर ग्रुप हाउसिंग सोसायटी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। हमारी स्पष्ट मांगें:
ACEO (बिल्डर) का तत्काल पदमुक्तिकरण और @IAS_SAUMYA व @UPRERAofficial पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई, जिन्होंने जानबूझकर निम्न पर कार्रवाई नहीं की—
मूलभूत सुविधाएँ — स्थायी बिजली (NPCL मल्टीपॉइंट कनेक्शन), स्वच्छ पेयजल, व बिल्डरों की गुंडागर्दी से मुक्ति। लंबित रजिस्ट्रियां और श्री अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का क्रियान्वयन।
जर्जर बुनियादी ढाँचा — लगातार ट्रैफ़िक जाम और जल नि
अन्य आवश्यक सेवाएँ — CBRI रुड़की व IIT द्वारा संरचनात्मक ऑडिट, उत्तर प्रदेश लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम, 2024 का अनुपालन। IGRS/RTI मामलों में समयबद्ध, लिखित और बिंदुवार जवाब।
माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का ग्रुप हाउसिंग मामलों में सख़्ती से पालन।
@OfficialGNIDA@UPRERAofficial के अधिकारी डेवलपर्स के हित में कार्य कर रहे हैं, न कि आम जनता के — और डबल इंजन सरकार की सुशासन पहल को कमजोर कर रहे हैं।
#Corruption #StepDownACEO(Builder) @cabsect_india@pachenisoman@NandiGuptaBJP@UPGovt@spgoyal@IasAlok@ChiefSecyUP@AwasthiAwanishK@CMOfficeUP@DasShaktikanta@PMOIndia — हम विनम्र अनुरोध करते हैं कि जन-सुरक्षा और क़ानून के पालन हेतु शीघ्र हस्तक्षेप करें।
हमें Greater Noida Authority / UP RERA में एक गतिशील, जवाबदेह, पारदर्शी और जन-केंद्रित अधिकारियों की टीम चाहिए। वर्तमान टीम केवल सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अपनी छवि बचाने में व्यस्त है, जबकि हर ग्रुप हाउसिंग सोसायटी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। हमारी स्पष्ट मांगें:
ACEO (बिल्डर) का तत्काल पदमुक्तिकरण और @IAS_SAUMYA व @UPRERAofficial पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई, जिन्होंने जानबूझकर निम्न पर कार्रवाई नहीं की—
मूलभूत सुविधाएँ — स्थायी बिजली (NPCL मल्टीपॉइंट कनेक्शन), स्वच्छ पेयजल, व बिल्डरों की गुंडागर्दी से मुक्ति। लंबित रजिस्ट्रियां और श्री अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का क्रियान्वयन।
जर्जर बुनियादी ढाँचा — लगातार ट्रैफ़िक जाम और जल नि
अन्य आवश्यक सेवाएँ — CBRI रुड़की व IIT द्वारा संरचनात्मक ऑडिट, उत्तर प्रदेश लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम, 2024 का अनुपालन। IGRS/RTI मामलों में समयबद्ध, लिखित और बिंदुवार जवाब।
माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का ग्रुप हाउसिंग मामलों में सख़्ती से पालन।
@OfficialGNIDA@UPRERAofficial के अधिकारी डेवलपर्स के हित में कार्य कर रहे हैं, न कि आम जनता के — और डबल इंजन सरकार की सुशासन पहल को कमजोर कर रहे हैं।
#Corruption #StepDownACEO(Builder) @cabsect_india@pachenisoman@NandiGuptaBJP@UPGovt@spgoyal@IasAlok@ChiefSecyUP@AwasthiAwanishK@CMOfficeUP@DasShaktikanta@PMOIndia — हम विनम्र अनुरोध करते हैं कि जन-सुरक्षा और क़ानून के पालन हेतु शीघ्र हस्तक्षेप करें।
🚨 ग्रेनो वेस्ट बिखर रहा है — @OfficialGNIDA + @UPRERAofficial को अब जागना होगा!
हमें Greater Noida Authority / UP RERA में एक गतिशील, जवाबदेह, पारदर्शी और जन-केंद्रित अधिकारियों की टीम चाहिए।
वर्तमान टीम केवल सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अपनी छवि बचाने में व्यस्त है, जबकि हर ग्रुप हाउसिंग सोसायटी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है।
हमारी स्पष्ट मांगें:
ACEO (बिल्डर) का तत्काल पदमुक्तिकरण और @IAS_SAUMYA व @UPRERAofficial पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई, जिन्होंने जानबूझकर निम्न पर कार्रवाई नहीं की—
मूलभूत सुविधाएँ — स्थायी बिजली (NPCL मल्टीपॉइंट कनेक्शन), स्वच्छ पेयजल, व बिल्डरों की गुंडागर्दी से मुक्ति।
लंबित रजिस्ट्रियां और श्री अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का क्रियान्वयन।
जर्जर बुनियादी ढाँचा — लगातार ट्रैफ़िक जाम और जल निकासी की समस्या का समाधान।
गैर-कार्यक्षम फ़ायर सेफ़्टी सिस्टम।
अन्य आवश्यक सेवाएँ — CBRI रुड़की व IIT द्वारा संरचनात्मक ऑडिट, उत्तर प्रदेश लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम, 2024 का अनुपालन।
IGRS/RTI मामलों में समयबद्ध, लिखित और बिंदुवार जवाब।
माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का ग्रुप हाउसिंग मामलों में सख़्ती से पालन।
@OfficialGNIDA@UPRERAofficial के अधिकारी डेवलपर्स के हित में कार्य कर रहे हैं, न कि आम जनता के — और डबल इंजन सरकार की सुशासन पहल को कमजोर कर रहे हैं।
#Corruption #StepDownACEO(Builder)
@cabsect_india@pachenisoman@NandiGuptaBJP@UPGovt@spgoyal@IasAlok@ChiefSecyUP@AwasthiAwanishK@CMOfficeUP@DasShaktikanta@PMOIndia — हम विनम्र अनुरोध करते हैं कि जन-सुरक्षा और क़ानून के पालन हेतु शीघ्र हस्तक्षेप करें।
🚨 ग्रेनो वेस्ट बिखर रहा है — @OfficialGNIDA + @UPRERAofficial को अब जागना होगा!
हमें Greater Noida Authority / UP RERA में एक गतिशील, जवाबदेह, पारदर्शी और जन-केंद्रित अधिकारियों की टीम चाहिए।
वर्तमान टीम केवल सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अपनी छवि बचाने में व्यस्त है, जबकि हर ग्रुप हाउसिंग सोसायटी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है।
हमारी स्पष्ट मांगें:
ACEO (बिल्डर) का तत्काल पदमुक्तिकरण और @IAS_SAUMYA व @UPRERAofficial पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई, जिन्होंने जानबूझकर निम्न पर कार्रवाई नहीं की—
मूलभूत सुविधाएँ — स्थायी बिजली (NPCL मल्टीपॉइंट कनेक्शन), स्वच्छ पेयजल, व बिल्डरों की गुंडागर्दी से मुक्ति।
लंबित रजिस्ट्रियां और श्री अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का क्रियान्वयन।
जर्जर बुनियादी ढाँचा — लगातार ट्रैफ़िक जाम और जल निकासी की समस्या का समाधान।
गैर-कार्यक्षम फ़ायर सेफ़्टी सिस्टम।
अन्य आवश्यक सेवाएँ — CBRI रुड़की व IIT द्वारा संरचनात्मक ऑडिट, उत्तर प्रदेश लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम, 2024 का अनुपालन।
IGRS/RTI मामलों में समयबद्ध, लिखित और बिंदुवार जवाब।
माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का ग्रुप हाउसिंग मामलों में सख़्ती से पालन।
@OfficialGNIDA@UPRERAofficial के अधिकारी डेवलपर्स के हित में कार्य कर रहे हैं, न कि आम जनता के — और डबल इंजन सरकार की सुशासन पहल को कमजोर कर रहे हैं।
#Corruption #StepDownACEO(Builder)
@cabsect_india@pachenisoman@NandiGuptaBJP@UPGovt@spgoyal@IasAlok@ChiefSecyUP@AwasthiAwanishK@CMOfficeUP@DasShaktikanta@PMOIndia — हम विनम्र अनुरोध करते हैं कि जन-सुरक्षा और क़ानून के पालन हेतु शीघ्र हस्तक्षेप करें।
मेफेयर रेजीडेंसी, प्लॉट संख्या GH07B, टेक ज़ोन-IV, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिल्डर Deepak Miglani की गुंडागर्दी, @OfficialGNIDA@IAS_SAUMYA द्वारा RTI/IGRS शिकायतों को दबाना, अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का उल्लंघन व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन करने की गंभीर अनियमितताएं के संदर्भ में:
IGRS पोर्टल पर प्रस्तुत शिकायतों को दर्ज हुए सात माह से अधिक समय व्यतीत हो चुका है, किंतु आज तक कोई लिखित, तथ्यपरक अथवा निर्णायक उत्तर प्रदान नहीं किया गया है
https://t.co/RC6qmVeXBC
https://t.co/13h3qlpZPJ
महोदय, सविनय निवेदन है कि मेफेयर रेजीडेंसी, GH-07B, ग्रेटर नोएडा वेस्ट से संबंधित प्रशासनिक निष्क्रियता, RTI/IGRS की उपेक्षा, सार्वजनिक मंचों पर अंकुश, एवं श्री अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दों को बार-बार आपके संज्ञान में लाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई अथवा संतोषजनक उत्तर नहीं प्राप्त हुआ है।
यह पत्र विशेष रूप से 4 जुलाई 2025 की रात हुई भीषण अग्निकांड के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें दो फ्लैट पूर्णतः जलकर खाक हो गए। यह घटना तब हुई जब हम वर्षों से लगातार निम्नलिखित विषयों पर लिखित रूप में चेतावनी देते रहे हैं:
1. फायर सेफ्टी NOC की समाप्ति
2. बिल्डिंग बाय-लॉज़ का स्पष्ट उल्लंघन
3. इलेक्ट्रिकल सेफ्टी प्रमाणपत्र की समाप्ति
4. स्ट्रक्चरल/लिफ्ट/DG सेट/STP के संचालन की अनुमति अनुपलब्ध होनाइसके बावजूद,
ACEO, CEO तथा पूर्व चेयरमैन GNIDA से बार-बार मदद मांगने के बावजूद कोई भी व्यावहारिक अथवा ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे न केवल निवासियों की जान जोखिम में पड़ी, बल्कि GNIDA की संविधानिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक उत्तरदायित्व पर भी प्रश्नचिह्न लगता है?
मेफेयर रेजीडेंसी, प्लॉट संख्या GH07B, टेक ज़ोन-IV, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिल्डर Deepak Miglani की गुंडागर्दी, @OfficialGNIDA@IAS_SAUMYA द्वारा RTI/IGRS शिकायतों को दबाना, अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का उल्लंघन व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन करने की गंभीर अनियमितताएं के संदर्भ में:
IGRS पोर्टल पर प्रस्तुत शिकायतों को दर्ज हुए सात माह से अधिक समय व्यतीत हो चुका है, किंतु आज तक कोई लिखित, तथ्यपरक अथवा निर्णायक उत्तर प्रदान नहीं किया गया है
https://t.co/RC6qmVeXBC
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महोदय, सविनय निवेदन है कि मेफेयर रेजीडेंसी, GH-07B, ग्रेटर नोएडा वेस्ट से संबंधित प्रशासनिक निष्क्रियता, RTI/IGRS की उपेक्षा, सार्वजनिक मंचों पर अंकुश, एवं श्री अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दों को बार-बार आपके संज्ञान में लाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई अथवा संतोषजनक उत्तर नहीं प्राप्त हुआ है।
यह पत्र विशेष रूप से 4 जुलाई 2025 की रात हुई भीषण अग्निकांड के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें दो फ्लैट पूर्णतः जलकर खाक हो गए। यह घटना तब हुई जब हम वर्षों से लगातार निम्नलिखित विषयों पर लिखित रूप में चेतावनी देते रहे हैं:
1. फायर सेफ्टी NOC की समाप्ति
2. बिल्डिंग बाय-लॉज़ का स्पष्ट उल्लंघन
3. इलेक्ट्रिकल सेफ्टी प्रमाणपत्र की समाप्ति
4. स्ट्रक्चरल/लिफ्ट/DG सेट/STP के संचालन की अनुमति अनुपलब्ध होनाइसके बावजूद,
ACEO, CEO तथा पूर्व चेयरमैन GNIDA से बार-बार मदद मांगने के बावजूद कोई भी व्यावहारिक अथवा ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे न केवल निवासियों की जान जोखिम में पड़ी, बल्कि GNIDA की संविधानिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक उत्तरदायित्व पर भी प्रश्नचिह्न लगता है?
🚨 तत्काल संज्ञान लें | सार्वजनिक अपील, 398+ घंटे | चार सप्ताह, निरंतर आग्रह | 245+ अनुस्मारक | 3 वर्षों का संघर्ष | 150+ ट्वीट — फिर भी CEO @official_gnida और @IAS_Saumya चुप।
1. ACEO (Builder), Manager (Builder), Planning Dept से वैध जानकारी अब तक नहीं दी गई। यदि जानकारी सार्वजनिक हैं, तो@CMOfficeUPm @PMOIndia इसे साझा करने का निर्देश दें। अन्यथा @OfficialGNIDA के ACEO (builder) संबंधित अधिकारी नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए त्यागपत्र दें, क्योंकि: 1. RTI अधिनियम का उल्लंघन: @OfficialGNIDA एक सार्वजनिक निकाय होते हुए, परियोजनाओं की स्थिति, अनुमोदन, OC/CC, अग्नि NOC आदि की जानकारी देने को बाध्य है। जो 3 वर्षों के आग्रह के पश्चात भी प्रदान नहीं किया जा रहा है
@spgoyal@spgoyal_ias@IasAlok@CMOfficeUP@GovernorofUp@UPGovt
2. जनसुनवाई एवं IGRS की विफलता: उत्तर प्रदेश सरकार की IGRS/जनसुनवाई प्रणाली शिकायतों के समाधान हेतु बनी है। CEO GNIDA एवं ACEO GNIDA इसे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने में तीन वर्षों से अधिक समय क्यों ले रहे हैं? अन्यथा यह मान लिया जाए कि वे जानबूझकर उक्त जानकारी को दबा रहे हैं?
@CMOfficeUP@spgoyal@spgoyal_ias@IasAlok
3. सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन: सरकारी अधिकारियों पर पारदर्शिता व जवाबदेही अनिवार्य है। जानकारी छिपाना, गुमराह करना = नैतिक व प्रशासनिक विफलता। ACEO Builder @IAS_SAUMYA
का त्यागपत्र देना उचित। @DrJitendraSingh@DARPG_GoI
@NCGG_GoI4 @amitabhk87@NITIAayog
4. अमिताभ कांत समिति की अवहेलना: समिति ने पारदर्शिता व लंबित परियोजनाओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
@OfficialGNIDA@IAS_SAUMYA
UP शासन आदेश (21.12.2023, संख्या 7774/77-4-2023-6011) और अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों की, विगत एक वर्ष से खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं 5. सार्वजनिक प्रभाव: यह मामला विधवा माताओं, वरिष्ठ नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों जैसे असहाय वर्गों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रहा है। संवैधानिक व सामाजिक उत्तरदायित्व का हनन।
@sanjaychapps1@MoHUA_India@Secretary_MoHUA@brajeshpathakup@spgoyal_ias@officeofmlk@mlkhattar@IasAlok
6.. हालिया आग की घटनाएं: परियोजना में लगातार आग लगने की घटनाएं, रद्द हुआ Fire Safety, रह रहे परिवार — यह नागरिक जीवन के लिए सीधा खतरा है। फिर भी कोई ठोस जानकारी या जवाबदेही नहीं।
@fireserviceup @cfonoida @dgpup
इसलिए: जब RTI, जनसुनवाई, IGRS, PMO/CMO सभी असफल हों, और अधिकारी बार-बार जानकारी रोकें, तो नैतिकता की मांग है कि वे स्वयं उत्तरदायित्व लेकर ACEO(Builder) त्यागपत्र दें। कृपया तत्काल हस्तक्षेप करें।GNIDA को जवाबदेह ठहराया जाए, और जानकारी लिखित में तत्काल उपलब्ध कराई जाए,एवं इस बात की स्वतंत्र जांच कराई जाए कि विगत तीन वर्षों से निरंतर अनुरोध के उपरांत भी अपेक्षित जानकारी प्रदान क्यों नहीं की गई तथा संबंधित विषयों पर विधिसम्मत कार्रवाई क्यों नहीं की गई? https://t.co/r8gwnj57iF
@RSSorg@BJP4India@CMOfficeUP@DasShaktikanta@cabsect_india@ACOUPPolice@dir_ed@CBIHeadquarters@CVCIndia@UpVigilance@GovernorofUp@PMOIndia@indSupremeCourt@rashtrapatibhvn