#Mumbai : #Cooper_Hospital#Hate_Crime_Against_Muslim Muslimah, Advocate Zahra Shaikh, and her friend were stopped from entering the hospital with a burqa, which was strongly condemned by them against the demand to remove her burqa at Cooper Hospital.
I hope they have file FIR against hospital.
मुंबई: कूपर अस्पताल में वकील ज़हरा शेख़ पर बुर्का हटाने का दबाव बनाए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इसका जोरदार विरोध किया।
इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।
देखिए वीडियो...
स्थान: मुंबई
एडवोकेट ज़हरा शेख ने कूपर अस्पताल में बुर्का उतारने की मांग का कड़ा विरोध किया।
उन्होंने इस मांग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
जब ये माथे पर तिलक लगाकर कहीं भी चले जाते है तब कोई कुछ नहीं कहता, लेकिन इनको दिक्कत मुस्लिम की टोपी, दाढ़ी, बुरके से है
क्या हिन्दू राष्ट्र घोषित हो गया? क्या संविधान खत्म कर दिया गया?
क्या मनुस्मृति लागू हो गई?
इस वीडियो को देखकर क्या मोहन भागवत जी अपनी बात रखेंगे? या फिर वही कहेंगे कि जो मुसलमानों का विरोध करे, वह हिंदू नहीं हो सकता?
अगर किसी महिला को बुर्का पहनकर अस्पताल जाने से रोका गया है, तो सवाल है—ऐसा आदेश किसने दिया, और किस अधिकार के तहत?
इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर लाइक रिपोस्ट करें, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों व प्रशासनिक अधिकारियों पर उचित कार्रवाई हो।👇
ईरान के नाम पर जिनको खुजली मची है उनका इलाज करने की बात करने वाले संभल के CO से कोई पूछे कि जो इजराइल को फादरलैंड बता रहे हैं, नेतन्याहू और ट्रम्प के नाम पर सोशल मीडिया पर अपने ही हमवतन भाईयों को गालियॉं दे रहे हैं उनका इलाज कौन करेगा ??
संभल पुलिस कप्तान की अगुवाई में सड़क पर होली खेलने वाली पुलिस के अधिकारी की ये भाषा कि किसी एक ने भी सड़क पर नमाज़ पढ़ी तो सीधे जेल भेज देंगे, क्या लोकतांत्रिक देश में वर्दी पहने व्यक्ति कि ये भाषा मान्य होनी चाहिये।
संभल पुलिस के अधिकारियों ने पीस कमेटी की मीटिंग में जो भाषा इस्तेमाल की वो कम से कम अमन और भाईचारे वाली तो बिल्कुल भी नहीं थी।
@Uppolice से अनुरोध है कि अपने इस अधिकारी को संविधान की प्रस्तावना तो सही से याद करवा दें ताकि वो ये समझ सकें कि भारत में सभी नागरिकों के जो मौलिक अधिकार हैं उसे पुलिसिया डंडे से छीनने की इजाज़त संविधान नहीं देता है।
भारत में इस्लाम और मुसलमानों को टारगेट करने वाले लोग
अगर सच में “धर्म ख़तरे में” की बात करते हैं,
तो न्यूज़ीलैंड जाकर अपने धर्म की हिफ़ाज़त करें,
जहाँ Far-right लोग हिंदू, सिख और बौद्ध प्रतीकों पर हमले कर रहे