#TeacherNotMachine
विद्यालय अवधी के बाद जनगणना कार्य करवाना,कहीं से उचित नहीं है, शिक्षकों का वर्क बैलेंस ख़राब हो रहा है,विभाग ये भूल क्यो जाता है शिक्षक भी एक इंसान है उनका भी परिवार है निजी जीवन है। तत्काल प्रभाव से निर्णय वापस लेना चाहिये ।
📢 महा-अभियान: शिक्षक मशीन नहीं, इंसान है! 📢
#TeacherNotMachine
नींद और थकान: सुबह 6 बजे की ड्यूटी के लिए शिक्षक भोर में 4 बजे जागता है। 6 घंटे विद्यालय में मानसिक ऊर्जा खपाने के बाद क्या शरीर में इतनी शक्ति बचती है कि घर-घर जाकर जनगणना की जाए?
📢 महा-अभियान: शिक्षक मशीन नहीं, इंसान है! 📢
#TeacherNotMachine
नींद और थकान: सुबह 6 बजे की ड्यूटी के लिए शिक्षक भोर में 4 बजे जागता है। 6 घंटे विद्यालय में मानसिक ऊर्जा खपाने के बाद क्या शरीर में इतनी शक्ति बचती है कि घर-घर जाकर जनगणना की जाए?
शिक्षक मशीन नहीं, इंसान है! 📢
#TeacherNotMachine
क्या विभाग शिक्षकों को हाड़-मांस का इंसान नहीं, बल्कि बिजली से चलने वाली मशीन समझ चुका है? विद्यालय अवधि के बाद जनगणना का कार्य थोपना अमानवीयता की पराकाष्ठा है!
हमारी कड़वी सच्चाई:
नींद और थकान: सुबह 6 बजे की ड्यूटी में 4 बजे .
📢 महा-अभियान: शिक्षक मशीन नहीं, इंसान है! 📢
#TeacherNotMachine
क्या विभाग शिक्षकों को हाड़-मांस का इंसान नहीं, बल्कि बिजली से चलने वाली मशीन समझ चुका है? विद्यालय अवधि के बाद जनगणना का कार्य थोपना अमानवीयता की पराकाष्ठा है!
#TeacherNotMachine
विद्यालय अवधि के बाद जनगणना का कार्य थोपना अमानवीयता की पराकाष्ठा है!
हमारी कड़वी सच्चाई:
नींद और थकान: सुबह 6 बजे की ड्यूटी के लिए शिक्षक भोर में 4 बजे जागता है। 7-8 घंटे विद्यालय में मानसिक ऊर्जा खपाने के बाद क्या शरीर में इतनी शक्ति बचती है कि घर-घर जाकर
📢 महा-अभियान: शिक्षक मशीन नहीं, इंसान है! 📢
#TeacherNotMachine
नींद और थकान: सुबह 6 बजे की ड्यूटी के लिए शिक्षक भोर में 4 बजे जागता है। 6 घंटे विद्यालय में मानसिक ऊर्जा खपाने के बाद क्या शरीर में इतनी शक्ति बचती है कि घर-घर जाकर जनगणना की जाए?
#TeacherNotMachine
सरकार शिक्षकों पर अत्याचार करना बंद करें। शिक्षक भी इंसान है वह मशीन नहीं है इस बात को समझाना पड़ेगा। नहीं तो इतना ही काम लेना है तो सरकार के पास बहुत सारे विभाग हैं वहां से कर्मचारी की प्रति नियुक्ति करके जनगणना कार्य करवाए शिक्षकों को विद्यालय में ही रहने दे।
#TeacherNotMachine
विद्यालय अवधी के बाद जनगणना कार्य करवाना,कहीं से उचित नहीं है, शिक्षकों का वर्क बैलेंस ख़राब हो रहा है,विभाग ये भूल क्यो जाता है शिक्षक भी एक इंसान है उनका भी परिवार है निजी जीवन है। तत्काल प्रभाव से निर्णय वापस लेना चाहिये ।
📢 महा-अभियान: शिक्षक मशीन नहीं, इंसान है! 📢
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समय: आज शाम 6:00 बजे 🕕
सन्देश:
क्या विभाग शिक्षकों को हाड़-मांस का इंसान नहीं, बल्कि बिजली से चलने वाली मशीन समझ चुका है? विद्यालय अवधि के बाद जनगणना का कार्य थोपना अमानवीयता की पराकाष्ठा है!
हमारी कड़वी
शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp ji पूर्व के जनगणना के समय का यह पत्र है । आपसे निवेदन है की इस पत्र की समीक्षा कर जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के समस्याओं का उचित समाधान कीजिए । आपसे हमलोगो को पूरा उम्मीद है मंत्री जी.
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📢 शिक्षक मशीन नहीं, इंसान है! 📢
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क्या विभाग शिक्षकों को हाड़-मांस का इंसान नहीं, बल्कि बिजली से चलने वाली मशीन समझ चुका है? विद्यालय अवधि के बाद जनगणना का कार्य थोपना अमानवीयता की पराकाष्ठा है!
हमारी कड़वी सच्चाई:
नींद और थकान: सुबह 6 बजे की ड्यूटी में 4 बजे