1. जैसाकि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव अब बहुत नज़दीक आ रहा है, जिसकी तैयारी हेतु मेरे खुद के द्वारा प्रदेश की पिछली कई राज्य स्तरीय बड़ी बैठकें लखनऊ पार्टी प्रदेश कार्यालय में ली गई हैं और आगे भी ज़रूरत के अनुसार ली जायेंगी, जिसमें पार्टी के उम्मीद्वार तय करने के लिए पार्टी के ख़ासकर प्रदेश व मण्डल स्तरीय पदाधिकारियों को ज़रूरी दिशा-निर्देश दिये गये हैं, जिसके तहत् ही अभी तक मेरे द्वारा उनका इन्टरव्यू आदि लेकर लखनऊ में लगभग 2 दर्जन से ज़्यादा उम्मीदवार तय/फाइनल कर दिये गये हैं और आगे भी सभी सीटों पर मेरे द्वारा ही उम्मीदवार तय किये जायेंगे, जिसके बारे में अब पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को लेकर क़िस्म-क़िस्म के भ्रम फैलाये जा रहे हैं जिसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।
2. जबकि अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि पूरे देश में जहाँ-जहाँ भी समय-समय पर विधानसभा के आमचुनाव होते हैं, या देश में लोकसभा के भी आमचुनाव होते हैं तो वहाँ भी उम्मीदवारों को अन्तिम रूप मेरे द्वारा ही दिया जाता है।
3. यहाँ यह भी अवगत कराना है कि यू.पी. की जिन विधानसभा की सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार तय कर दिये गये हैं तो वहाँ मेरी अनुमति से ही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा छोटी-बड़ी जनसभायें करके उनका ऐलान भी किया जा रहा है, जिसके तहत् ही कुछ सीटों के उम्मीदवार का ऐलान श्री आकाश आनन्द भी पार्टी की जनसभा करके करेंगे।
4. हालाँकि इससे पहले देश के कई राज्यों में अभी हाल ही में विधानसभा के आमचुनाव हुये हैं जहाँ मेरे दिशा-निर्देशन में ही चुनावी जनसभा लेने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को भेजा गया और पिछले लगभग एक वर्ष से इनकी पूरे देश में पार्टी संगठन की समीक्षा बैठकें व जनसभा आदि करने के लिए भी इनको भेजा जा रहा है और वे भी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी को निभा रहे हैं।
5. इसलिए उत्तर प्रदेश में भी इसी क्रम में इनकी भी कुछ सीटों पर पार्टी के तय किये गये उम्मीदवारों के ऐलान हेतु जनसभायें हो रही हैं। जबकि इससे पहले यू.पी. की राजधानी लखनऊ में दिनांक 9 अक्तूबर सन् 2025 को मान्यवर श्री कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर पार्टी की ऐतिहासिक महारैली भी हुई, जिसमें श्री आकाश आनन्द को बोलने का मौक़ा दिया गया। साथ ही, इसके पूर्व यहाँ लोकसभा के हुये आमचुनाव में भी इनको पूरे प्रदेश में व देश के अन्य राज्यों में भी पार्टी की चुनावी जनसभायें लेने के लिए भेजा गया था, यह सब सोशल मीडिया आदि पर मौजूद है।
6. जबकि यह सब पार्टी की रूटीन प्रक्रिया के तहत् हो रहा है। इसका श्री आकाश आनन्द के क़द को बढ़ाने व कम करने आदि से कोई लेना देना नहीं है और ना ही पार्टी के उम्मीद्वार भी तय करने से कोई लेना देना है। यह भी पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की तरह ही पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिशा-निर्देशन में यू.पी. में कुछ स्थानों पर पार्टी के उम्मीद्वार के ऐलान के लिये जनसभा कर रहे हैं। लेकिन फिर भी इनके बारे में सोशल मीडिया आदि पर आए दिन अनाप-सनाप बातें करना यह ठीक नहीं है। पार्टी के लोग ऐसे सभी शरारती व जातिवादी तत्वों से हमेशा सावधान रहें।
आजादी के 77 साल बीत जाने के बावजूद भाजपा व कांग्रेस के चलते शासन में मध्यप्रदेश श्योपुर जिले की जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली पंचायत राधापुरा में आज भी श्मशान घाट की बदहाली की तस्वीर शोशल मिडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं अति दुःखद 🥲
@CMMadhyaPradesh@Collectorsheop1
आजादी के 77 साल बीत जाने के बावजूद भाजपा व कांग्रेस के चलते शासन में मध्यप्रदेश श्योपुर जिले की जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली पंचायत राधापुरा में आज भी श्मशान घाट की बदहाली की तस्वीर शोशल मिडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं अति दुःखद 🥲
@CMMadhyaPradesh@Collectorsheop1
भारतीय संविधान के आदर्श व मान-मर्यादा के मुताबिक़ सभी को मा. राष्ट्रपति पद का सम्मान करना एवं इनके प्रोटोकाल का भी ध्यान रखना ज़रूरी तथा इस पद का किसी भी रूप में राजनीतिकरण करना ठीक नहीं है।
वर्तमान में देश की राष्ट्रपति एक महिला होने के साथ-साथ वे आदिवासी समाज से भी हैं। लेकिन अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल में उनके दौरे के लेकर जो कुछ भी हुआ वह नहीं होना चाहिये था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण।
इसी प्रकार, पिछले कुछ समय से संसद में भी ख़ासकर लोकसभा अध्यक्ष के पद का भी जो राजनीतिकरण कर दिया गया है, यह भी उचित नहीं है। सभी को संवैधानिक पदों का दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आदर-सम्मान व उनकी गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिये तो यह बेहतर होगा।
इसी क्रम में संसद का कल से शुरू हो रहा सत्र देश व जनहित में पूरी तरह से सही से चले, यही लोगों की अपेक्षा व समय की भी माँग।
➡️यूपी चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी बसपा की प्रचार की कमान आकाश आनंद को सौंपी
➡️पूरे उत्तर प्रदेश में रैलियां करेंगे आकाश आनंद
➡️सतीश चंद्र मिश्रा उमाशंकर सिंह विश्वनाथ पाल सहित अन्य दिग्गज नेता रहेंगे साथ
➡️पूरे संगठन में 50% युवाओं को भागीदारी देने की फिर तैयारी #bsp
ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है जिसमें बारात में दूल्हा भारत के संविधान की किताब साथ लेकर पहुँचा है।
संविधान किसी धर्म या जाति के ख़िलाफ़ नहीं संविधान में किसी भी जाति या धर्म के संतों एवं महापुरुषों का अपमान नहीं नहीं बल्कि सभी धर्मों का सम्मान है और सभी के लिए संविधान है।
तो फिर शादी में संविधान ले जाने से किसी कोई वाद विवाद नहीं होना चाहिए।
लेकिन फिर कई लोगों को दुल्हे के द्वारा संविधान ले जाने से बहुत दिक्कत हो रही हैं कोई तो कह रहा है कि “शादी करने जा रहा है चुनाव लड़ने नहीं” अरे भाई चुनाव लड़ने वाले ही संविधान पकड़ते हैं क्या? इसे देश का हर नागरिक पकड़ सकता हैं और पकड़ चाहिए और महत्वपूर्ण है इसे पढ़ना भी चाहिए ताकि आपके कानून के बारे जानकारी हो आपको अपने हक और अधिकारों के बारे मे जानकारी हो।
खैर दिक्कत उन्ही को है जो संविधान से ऊपर धर्म को मानते हैं जो कुरीतियों को बढ़ावा देते हैं।
बसपा की राजनीति सिर्फ़ बयानबाज़ी तक सीमित नहीं, ज़मीन पर जनहित के मुद्दों को उठाने की है। कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा से बसपा विधायक सतीश कुमार यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सदन में मजबूत आवाज़ उठाई। उन्होंने क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्रखंड स्तरीय अस्पतालों में नियमित डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने की माँग की, ताकि ग्रामीण जनता को बुनियादी इलाज के लिए भटकना न पड़े