@cmohry@mlkhattar@AgriGoI अगर आप किसानों के हितों की रक्षा करना चाहते हैं तो उन किसानों से संबंधित कृषि विभाग में तथा पशुपालन पालन विभाग में रोकी गई भर्तियों को जल्द से जल्द पूर्ण करें
हिन्दू बनाम हिन्दुत्व के विषय पर कल मुंबई में श्रद्धेय अटलजी की जयंती पर अटल सम्मान प्राप्त करने के अवसर पर अटल जी की ही एक कविता स्मरण हो आई जो इन दो शब्दों की ऐसी अभिव्यक्त करती है जिसमें ओजस्विता भी है और ज्ञान की गहनता भी व PM श्री @narendramodi जी ने कैसे उसे मूर्त रूप दिया
@cmohry सुशासन दिवस पर कृपया माननिय अटल जी की यह वीडियो अवश्य देखे https://t.co/VFEGsAlDlz
@mlkhattar@JPDALALBJP@PMOIndia
VS की 340 भर्ती निकालने पर हम आपके आभारी हैं, कृपया इनको वापस ना लेकर हमे एक अवसर प्रदान करे
आपके आभारी 🙏🏼
हरियाणा के वेट विधार्थी
what about #HPSC? They are about to withdraw Haryana veterinary surgeon recruitment advt to favour wealthy kids from private college because they don't have degree at present. How is haryana govt managing HPSC? This is shameful.
@Dchautala@mlkhattar@JPDALALBJP@cmohry
@mlkhattar@narendramodi मुख्यमंत्री जी कृपा करके जो नौकरियों निकली गई है जैसे agri ado v vet officerउन्हे स्तगित ना किया जाए तथा उन्हें पारदर्शी तरीके से पूर्ण कराया जाए;जिससे समाज सिलेक्शन प्रक्रिया व पार्टी की ईमानदार छवि और परगढ़ हो,क्योंकि इन डिपार्टमेंट का रिश्ता ग्रामीण किसान समाज से सीधा है
@mlkhattar But zero hour was added in ind/state parl system for informal and cross questions put directly to concerned minister or to discuss any important topic of importance in parliament additionally, Is this new rule not ultra vires with its defination and thought of forefathers
5 सालो में हरियाणा में आइ पशु चिकित्सको की भर्ती को बिना किसी विलम्भ के पूरी करे।प्राइवेट संस्थानो के ठेकेदारों के हाथों गुमराह ना हो सरकार। निकली हुई भर्ती को वापिस लेने को सोचना बेरोज़गार आवेदको के भविष्य से खिलवाड़ है।#EligibleUnemployedVets@cmohry@mlkhattar@JPDALALBJP
#ADO व SDAO भर्ती वापसी नोटिस.
पहले DC रेट पे लगाए, फिर 16 सितंबर को तकरीबन 8-10 सालों में यह भर्ती निकली.
1000₹ के सबसे फॉर्म भरवा लिया.
अब अचानक से इन्हे याद आ रहा है कि इन्हे ये अफसर नहीं चाहिए!! रिक्त पद हैं.. फिर भी नहीं चाहिए!
क्यूँ?