घनानंद मैं शिक्षक हूं
मेरे गोद में प्रलय और निर्माण दोनों पलते है
अहंकार मत करो
ये कैसा बिहार बंद है
एक शिक्षिका के साथ ऐसा दुर्व्यवहार
सत्य तो ये है कि इनका संस्कार ही है यहीं है
याद रखूंगा इतना जल्दी भूलता नहीं है शिक्षक
आ थू....
अगर बंद करना था सत्ता दल को तो सार्वजनिक छुट्टी घोषित करता आज के लिए
नहीं तो अपने कर्मी के साथ ये व्यवहार और @narendramodi जी कहते है कि महिला का अपमान है हो रहा है।
छी छी
बिहार शिक्षा विभाग के ACS एस सिद्धार्थ सर ने आदेश दिया था की ट्रांसफर हुए शिक्षक स्वतः विरमित्त हो जाएंगे । शिक्षक ट्रांसफर के बाद अन्य जिला / अन्य विद्यालय ज्वाइन कर लिए लेकिन अब उनको कहा जा रहा अब आप पुराने विद्यालय जा कर नो dues सर्टिफिकेट फिर उसी जिला के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरीत करा कर एलपीसी के लिए आवेदन लेकर उसी जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी से एलपीसी का सर्टिफिकेट लेकर आइये । जबकि ये सब ऑनलाइन हो सकता था शिक्षकों अब अपने पिछले जिला में इस तरह का दौर भाग करने की जरूरत नहीं होती । अब ट्रांसफर हुए शिक्षकों से पिछले जगह कार्यरत जिला में एलपीसी सर्टिफिकेट के लिए दौर भाग करवाना कहाँ तक उचित है ? कई शिक्षकों के पास छुट्टी नहीं है अपना तो वो क्या करेंगे ? जो प्रक्रिया एक ऑनलाइन प्रोसेस से हो जाती उसके लिए इतना भाग दौर शिक्षकों से क्यों करवाया जा रहा ? अब शिक्षकों को इस प्रोसेस में कई जगह लटकाया जायेगा तो कई जगह डिमांड किया जायेगा इस बात से क्या विभाग वाकिफ नहीं है ? ACS महोदय संज्ञान लीजिये शिक्षक इस तरह के प्रोसेस से परेशान हो जाएंगे 🙏
@BiharEducation_@sidarths@sunilkbv@NitishKumar@mmalayanil@News18Bihar