We respectfully request that teachers be allowed to meet with the Honorable DoPT Minister.
This meeting is not intended as a protest, but as a necessary step to present the ground realities — so that decision-makers can truly understand what students and educators are facing during every exam cycle.
We are not trying to become a problem — we are continuously pointing toward the problems that already exist. Technical failures, lack of basic facilities, repeated postponements — these are no longer isolated incidents, but realities that are seriously affecting the lives and futures of students.
This is a humble yet urgent appeal to @DoPTGoI , the media, and every responsible institution — please do not ignore these voices.
#SSC
Last year it was #NEETpaperleak, this year its #SSC_VENDOR_FAILURE that has brought students to the streets of the capital.
However the rot runs much deeper - India's ENTIRE entrance exam system is broken & careers of crores of young students is at risk - https://t.co/juVCWBTKS9
मेरा कहना सिर्फ़ इतना है कि अगर अभी, Selection Phase जैसे छोटे स्तर पर ही इतनी समस्याएं हैं, तो आने वाले CGL और CHSL जैसे बड़े exams में हालात कहाँ जाएँगे? समस्या का समाधान बार-बार exam रद्द कर��ा नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी से और ईमानदारी से परीक्षा आयोजित करना है।
छात्रों की तैयारी का भी एक वक़्त होता है — हर बार परीक्षा टलने पर सिर्फ़ तारीख़ें नहीं बदलतीं, कई ज़िंदगियाँ भी पीछे छूट जाती हैं जितनी बार exam रुकता है, उतनी बार किसी का सपना टूटता है। वक़्त है कि इन national level परीक्षाओं को seriousness से लिया जाए, ताकि भविष्य में फिर किसी को basic सुविधा या system crash के लिए लड़ना न पड़े।
हैरानी की बात ये है कि SSC क�� Director खुद मानते हैं कि व्यवस्था में खामियाँ हैं, लेकिन जब शिक्षक उन खामियों पर जवाब माँगने DoPT तक पहुँचते हैं, तो उन्हें गेट के बाहर ही रोक दिया जाता है । शिक्षकों के साथ ऐसा बर्ताव किया गया जैसे वो सवाल पूछने नहीं, कोई अपराध करने आए हों।
पुलिस का रवैया ऐसा था मानो वो पहले से ही मारपीट के लिए तैयार बैठी हो। ये देख कर एक ही सवाल उठता है — क्या अब लोकतंत्र में अपने हक़ के लिए शांतिपूर्वक आवाज़ उठाना भी गुनाह बन चुका है?
Eduquity जैसी एजेंसी की negligence का burden उन students को उठाना पड़ रहा है, ���िन्होंने सालों मेहनत की है।
Technical problems, बहुत दूर-दूर बनाए गए exam centres, और basic चीज़ें जैसे mouse तक सही से काम ना करना — ये सब छात्रों को mentally और emotionally बहुत परेशान कर रहे हैं।
न कोई explanation, न ही कोई action।
अब students सिर्फ़ नौकरी नहीं, इंसाफ़ के लिए लड़ रहे हैं।
एक teacher होने के नाते ये मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं हर उस student के साथ खड़ी रहूँ जो system से जवाब मांग रहा है।
#SSCVendorFailure
सिर्फ SSC ही क्यों?
जितने भी आयोग जो पेपर करा रहे ,वो जो जो गलती कर रहे सबमें सुधार होना चाहिए
ऐसी शर्त रखो
इस सड़े हुए सिस्टम से,
सोई हुई सरकार से,
नकारे आयोग से,
1.रेलवे की कमियां – फार्म फीस ज्यादा लेते है ये कहकर कि बाद में लौटा देंगे
फिर बाद में वही होता है
जो उधार दिए हुए पैसे का होता है
वापस नही मिलते।
2. लगभग सारे पेपर कराने वालो की मिलीजुली सरकार चल रही है प्रश्नों के गलत होने पर आपत्ति दर्ज कराने के नाम पर पैसे ऐंठना
भई क्यों?
Question paper तुमसे सेट नही हो रहे
पैसे हम दे
क्यों?
नही देंगे अब
यह वीडियो #SSC और #Eduquity हकीकत का पर्दाफाश करता है!!
TCS ने टेंडर लिया लगभग - 5 अरब में।
EDUQUITY ने टेंडर लिया - 2.7 अरब में।
SSC ने रुपए बचाने के लिए, युवाओं के भविष्य के साथ सौदा किया, ब्लैक लिस्टेड कंपनी को आधी रेट में टेंडर देकर।
#SSC_System_Sudharo#SSCVendorFailure
#SSC भर्ती प्रक्रिया की अव्यवस्थाएं अब असहनीय हो चुकी हैं।
बार-बार परीक्षा रद्द होना, तकनीकी खामियों का बहाना, और फिर #SSCMisManagement के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और शिक्षकों पर लाठीचार्ज, ये सब घटनाएं हमारे लोकतंत्र और "डिजिटल इंडिया" के दावों को कठघरे में खड़ा करती हैं।
सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके, आर्थिक तंगी और सामाजिक दबाव के बीच परीक्षा देने आए युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार शर्मनाक है। क्या यही है सरकार की युवाओं के प्रति संवेदनशीलता?
देश के युवाओं के सपनों को यूँ बार-बार कुचलना न केवल अन्याय है, बल्कि यह उनकी उम्मीदों की हत्या है।
मैं प्रधानमंत्री @PMOIndia से मांग करता हूँ कि SSC की समूची भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
अब युवाओं के धैर्य की परीक्षा नहीं, सरकार की जवाबदेही की बारी है।
देश के लाखों युवाओं का भविष्य जिन परीक्षाओं पर निर्भर है, वहीं SSC जैसी संस्थाओं में धांधली और लापरवाही का आलम अब बर्दाश्त के बाहर है।
31 जुलाई 2025 को SSC के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन ने यह साबित कर दिया कि युवा अब अन्याय के खिलाफ खड़े हैं।
इस मुद्दे पर मैंने SSC चेयरमैन को पत्र लिखकर तत्काल पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग की है।
शिक्षक अभिनव शर्मा के तथ्यों ने यह साफ कर दिया है कि SSC की कार्यप्रणाली न सिर्फ विफल है, बल्कि भ्रष्टाचार और लापरवाही से भरी है।
युवाओं का भविष्य इस ढांचे के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।
हम हर मंच पर आवाज़ उठाएंगे — जब तक शिक्षा प्रणाली पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद नहीं बन जाती!
#SSCScam #ReformSSC #YouthForJustice #PushpendraSaroj
जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर चल रहे धरने में कोचिंग संघ सीकर द्वारा SSC परीक्षाओं में अनियमितता व एजेंसियों की लापरवाही से जुड़े मामले को लेकर ज्ञापन दिया |