"मुझे दया नहीं चाहिए... मुझे सिर्फ न्याय चाहिए।"
जयपुर की एक साधारण बेटी रेशु गुप्ता की यह पुकार आज हजारों नहीं, लाखों लोगों का दिल झकझोर रही है।
रेशु बताती हैं कि उन्होंने बीएससी (मैथ्स) की पढ़ाई की, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन पिता के कोरोना काल में निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। मजबूरी में उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया और आखिरकार अपनी मेहनत से मोमोज का छोटा-सा ठेला शुरू किया, ताकि मां और बहन का सहारा बन सकें।
लेकिन उनका दावा है कि 25वें दिन ही उनकी जिंदगी बदल गई। रेशु के अनुसार, कार्रवाई के दौरान गर्म पानी से भरा स्टीमर गिरने से वे गंभीर रूप से झुलस गईं। उनका कहना है कि वे मदद के लिए चीखती रहीं, लेकिन उन्हें समय पर राहत नहीं मिली। इसके बाद भी न्याय की लड़ाई आसान नहीं रही। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए कई दिनों तक पुलिस थाने के चक्कर लगाने पड़े।
रेशु कहती हैं कि आज भी वह अपने इलाज का खर्च खुद और उनका परिवार उठा रहा है। वह किसी से बदला नहीं चाहतीं, सिर्फ निष्पक्ष जांच, इलाज में सहायता और न्याय की मांग कर रही हैं। उनका सबसे बड़ा दर्द यह है कि उनके चेहरे और भविष्य को लेकर उनके मन में गहरी चिंता है। वे कहती हैं, "मैं हारना नहीं चाहती... बस थोड़ा टूट गई हूं।"
रेशु ने सरकार से अपील की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो। उन्होंने अपने इलाज का पूरा खर्च, आर्थिक सहायता और सुरक्षा की भी मांग की है। साथ ही कहा कि यदि सड़क किनारे रोजगार गलत है, तो ऐसे लोगों को सम्मानजनक रोजगार का विकल्प दिया जाए।
यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि न्याय, संवेदनशीलता और जवाबदेही की कसौटी भी है। निष्पक्ष जांच और तथ्य सामने आना जरूरी है, ताकि पीड़ित को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
"मैं डंके की चोट पर इस बात को कहना चाहता हूं कि राम कोई भगवान नहीं है! अगर वह भगवान थे तो वो मर क्यों गए?"
- बीजेपी नेता नागमणी कुशवाहा
ऐसे नेताओं को रखकर राम मंदिर का नाम खराब नहीं होता? हिंदुत्व पर चोट नहीं लगती?
@RanaSudhirG गुरुग्राम, दिल्ली और नोएडा का सच आपको पता चल जाएं तो पोर्न कंटेंट वाली वेब साइट आपको पवित्र लगे बाकी हो सकता है आपका डाटा सही हो लेकिन आपके पास दिल्ली NCR का सच नही पता इतना मुझे जरूर पता है वो भी काला सच
>मोहम्मद बिन कासिम के हमले बंद हो गए,
>गजनी भी मर गया
>गुलाम वंश भी खत्म हो गया
>तैमूर का हमला भी नहीं हो रहा
>मुगल भी चले गए
>अहमद शाह अब्दाली भी लूटने नहीं आ रहा
>अंग्रेज भी चले गए
फिर राम मंदिर को लूटने वाले कौन लोग हैं?
@govindprataps12 आपको ऐसा क्यों लगता है मुंबई मैं तो ट्रिपल इंजन की सरकार है ओर कितना विकास चाहिए स्विंगपुल का खर्चा सरकार बचा रही है और आपको सिर्फ ये देखना है मुझे लगता है आप देश विरोधी हो हिन्दू विरोधी भी हो 🤣
मोहन यादव के मामले में टीवी पर बीजेपी का पक्ष सुन रहा हूँ।तर्क है कि एक ओबीसी सीएम पर आरोप लगा रहे हो।भ्रष्टाचार हुआ है तो कोर्ट जाओ।जब विपक्ष में थे तो अशोक चव्हाण का इस्तीफ़ा चाहिए था।सत्ता में हैं तो विपक्ष को मामले में कोर्ट जाना चाहिए।दोष किसी का नहीं सत्ता के चरित्र का है।
@Shubhamshuklamp भाई भी पेड़ पोस्ट करने लग गया सवाल ये नही है सवाल इतनी खास जगह का है की परिवार को जानकारी दी सुना है भाई जो जज था वो एक पूरी मिनिस्ट्री चलता है वैसे भाई पैसे तो ठीक लेना पोस्ट करने के क्यों की खनन और दारू का भी व्यापार है शायद आपको नही पता तो
लगता है त्रिपाठी जी को किसी ने ये नहीं बताया कि मोहन यादव जी 2004 से 2010 तक उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे, 2011 में मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट के अध्यक्ष थे, 2013 से उज्जैन से विधायक थे, 2020 से शिवराज जी की सरकार में शिक्षा मंत्री थे और 2023 से मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री।
कैसे कर लेते हैं आपलोग ये सब। एक सप्ताह के भीतर दो तीर्थ स्थलों, अयोध्या और उज्जैन, में हिंदुत्ववादी सरकार और परिवार के नुमाइंदे लूट खसोट में पकड़े गए। खैर छोड़िया, मोहन यादव जी का तलवार भांजने वाला वो वीडियो देखा है आपने? क्या कमाल का वीडियो है, बिल्कुल हिंदुत्व के प्रहरी जैसे लगते हैं। और सुना इनकी पृष्ठभूमि संघ वाली है, बड़े ही नैतिक व्यक्ति हैं।
सिर्फ इतना बताइए कि चुनावों के मौके पर आप अपना वोट किस आधार पर देते हैं? किसी दल और जन प्रतिनिधि के चुनाव का पैमाना क्या होता है? -- नागरिक सुविधाएं, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, गवर्नेंस...? यदि ये नहीं तो फिर इनकी अपेक्षाएं क्यों? बाकी तो सबकुछ हर कसौटी पर खरा उतरता है न!