भाई चंद्र शेखर जी ने कही बहुत बड़ी बात
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए भी
प्रोटेस्ट करेंगे,
" जौहर यूनिवर्सिटी को बचाना हमारा दायित्व है
वो भी शिक्षा का मंदिर उसको बचाने का काम करेंगे
हालांकि वो किसी और पार्टी से हैं लेकिन
शिक्षा के लिए हम खड़े होंगे,
हेलो भाई आज पहली बार हो गया ,गोदी मीडिया ने खुद ही मान लिया ,कि वह "गोदी मीडिया" है!!
और पूरी तरह से बिकाऊ है!!
जब छात्रा ने पूछा कि ,आपको शर्म नहीं आती?
तो कहने लगा "आती है,"
लेकिन मोदी जी पैसा भेज देते हैं!! 😂
एक मुस्लिम लड़का 1 लाख रुपए का टिकट लेकर प्रोटेस्ट जंतर मंतर पर शामिल
होने के लिए आया है।
दिल्ली जंतर मंतर का प्रोटेस्ट पूरी दुनिया में
सुर्खिया बटोर रहा है अमेरिका ऑस्ट्रेलिया
सब जगह,
इनका नाम मोहम्मद दानिश है और बंदा सीधा
ऑस्ट्रेलिया से भारत आया सिर्फ प्रोटेस्ट में
शामिल होने और वो भी 1 लाख रुपए
का टिकट लेकर,
अब्दुल का त्याग देश के लिए हमेशा
Next level रहा है 🔥
एक व्यक्ति जंतर मंतर पर धरना देने जा रहा था, इसलिए उसने स्टेशन से रैपिडो बुक की
जंतर मंतर पहुंचने के बाद उसने रैपिडो वाले भैया से पूछा, कितने पैसे हुए?
भैया बोले,100 हुए हैं,लेकिन मैं नहीं लूंगा, मैं काम की वजह से वहां नहीं जा सकता
उन्होंने कहा आप हमारी तरफ से शरीक...Read news
मुस्लिम लड़कियों को कई बार हिजाब की वजह से शक की नज़र से देखा गया, तरह-तरह के आरोप लगाए गए, और उन्हें गलत पहचान से जोड़ने की कोशिश की गई।
#CJPProtest जंतरमंतर पर कुछ लोग खाना खाकर कूड़ा छोड़कर चले गए पर हिजाब पहनी एक लडक़ी ने बिना किसी दिखावे के सफाई की और देश के सामने ज़िम्मेदारी की एक मिसाल पेश की।
किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसके व्यवहार और कार्यों से होना चाहिए, न कि उसके पहनावे या पहचान के आधार पर।
CJP प्रोटेस्ट में मुस्लिम एंगल ढूंढ निकाला है इसने, पूरी कोशिश है कि मुसलमानों के कंधे का इस्तेमाल करके अपना उल्लू सीधा किया जाए, यही कारण है कि मुस्लिम युवाओं को थोड़ी दूरी रखने को कहा जा रहा है.
देश का पैसा जा कहाँ रहा है, ये भी जान लीजिये.
ये रुपेश यादव है. इंस्टाग्राम पर Harry के नाम से एक कंटेंट क्रिएटर
मुंबई निवासी इस छोटे से क्रिएटर को परसो रात को एक ईमेल आता है एक ऐड कैंपेन चलाने वाली
Aerova Communications से.
ईमेल में साफ साफ लिखा होता है आपको Neet प्रोटेस्ट के खिलाफ वीडियो बनाने हैँ.
एक रील का आपको 20 हज़ार दिया जायेगा और उसमें 2 रील और स्टोरी लगाने को कहा जाता है.
उसमें बताया जाता है कि आपको सरकार की तारीफ करनी है कि उन्होंने स्टूडेंट्स के लिए बहुत कुछ किया है. नेहरू से लेकर कांग्रेस की सिर्फ बुराई ही करनी है उसमें.
सोचिये, एक मामूली क्रिएटर को एक पोस्ट का 20 हज़ार रूपये दिया जा रहा है तो रोज़ाना ये लोग
Mr sinha, bagree, Bala, Megh updates
वगैरह को कितना पैसा देते होंगे??
देश के Taxpayers का पैसा ये लोग अपनी कमियाँ छुपाने के लिए खर्च करते हैँ और आप लोग सोचते हों कि सरकार कितना विकास कर रही है
जागो जनता जागो 🙏
#जेल_की_कहानी
एक बार जेल में कैंटीन की तरफ़ जा रहा था। एक सेवादार मेरे पास आया और बोला साहब बोल रहे हैं टोपी उतार दो। मुझे सुन के अजीब लगा मैंने पूछा क्यों उतार दूँ? साहब बोल रहे हैं यह अलाउड नहीं है। मैंने कहा जा कर कह दो मैं नहीं उतारूँगा। वो गया और फिर वापिस आया बोला साहब बोला रहे हैं। मैं असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट के पास गया मुझे पता था वह साहब अकसर नमाज़ वाली टोपी पहनने वालों को टोकते थे और टोपी उतरवा देते थे। मैं उनके पास गया तो मुझे देखते ही बड़ी अकड़ में बोले यह टोपी उतार कर जेब में रखो तुम्हें पता नहीं है क्या कैप अलाउड नहीं है। मैंने कहा जनाब वो कैप दूसरी होती है जो अलाउड नहीं है यह तो नमाज़ की टोपी है। वह थोड़ा गर्म हो के बोला टोपी तो टोपी है चाहे कोई सी भी हो। मैंने पूछा सर क्या कोई कानून है है ऐसा जो नमाज़ की टोपी को माना करता हो। वो बोले हाँ जेल मैन्युअल में लिखा है। मैंने कहा सर क्या आप मुझे दिखा सकते हैं वो जहाँ लिखा हुआ है। अच्छा अब तुम्हें रूल लिखा हुआ दिखायेंगे, हम कह रहे हैं अलाउड नहीं है तो नहीं है बस। मैंने कहा सर ऐसे नहीं होता यह मेरा फंडामेंटल राइट है अपने धर्म का पालन करना आप मुझसे ज़बरदस्ती नहीं कर सकते ना पहन ने के लिए ना उतारने के लिए। वो बोले ज़्यादा ज्ञान मत पिलो जो कह रहे हैं उतना करो। पास खड़े चमचे भी कहने लगे अरे खालिद भाई उतार दो ना क्यों खाम खा का पंगा ले रहे हो। मैंने बड़ी शालीनता से कहा साहब अवल तो ऐसा कोई रूल हो नहीं सकता अगर है भी तो आप मुझे दिखा दें मैं उसे कोर्ट में चैलेंज करूँगा। यह सुन कर उसने फ़ोरन जेल मैन्युअल मंगवाया और लग गए ढूँढने एक किताब इंग्लिश में और साहब का हाथ उसमें टाइट। बाहर हाल 5-7 मिनट पन्ने पलटने के बाद जब कुछ हाथ नहीं आया तो बोले लिखा हुआ तो है लेकिन अभी मिल नहीं रहा। इतने में एक दूसरे ऑफिसर आ गए वह मुझे सोशल मीडिया के ज़रिए थोड़ा बहुत जानता था। उसने पूछा क्या मैटर है पहले वाले साहब बोले यह बात नहीं मान रहा और बहस कर रहा है। उनकी बात सुन कर वो बोले अरे भाई तुम जानते नहीं हो क्या यह खालिद सैफ़ी है। इन्होंने सरकार की बात नहीं मानी हमारी क्या मानेंगे। फिर मुझे बोले आप जाओ खालिद कोई बात नहीं बस थोड़ा भाषा पर सयंम रखा करो। मैं उन्हें Have a Good Day कह कर चल दिया। उसके बाद उस जेल में किसी ने किसी को भी नमाज़ की टोपी के लिए नहीं टोका।
खालिद सैफ़ी की 🔏 से
#FreedomFeels #JailDairy #InqalabZindqbad
मीडिया की चुप्पी पर अभिजीत का बड़ा हमला 🚨
NEWS ANCHOR: अन्ना हज़ारे का अनशन 11वें दिन खत्म हो गया था। आज 17वां दिन है। क्या सरकार से कोई बातचीत शुरू हुई?
अभिजीत 🎯: अन्ना हज़ारे का अनशन 24 घंटे टीवी पर दिखाया जाता था, इसलिए सरकार को झुकना पड़ा। आज सोनम वांगचुक और 25 से अधिक छात्र अनशन पर हैं, लेकिन मीडिया एक टिकर तक नहीं चला रहा।
NEWS ANCHOR: इससे क्या फर्क पड़ता है?
अभिजीत 🔥: अगर मीडिया इस आंदोलन को ईमानदारी से दिखाए, तो सरकार पर भी जवाब देने का दबाव बनेगा। चुप्पी सत्ता के पक्ष में काम कर रही है।
NEWS ANCHOR: धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि NEET की दोबारा परीक्षा सफल रही।
अभिजीत ⚡️: यह बात उन परिवारों से जाकर कहिए जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया। दोबारा परीक्षा से उनके बच्चे वापस नहीं आएंगे। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
एक लड़का कई महीनों से नौकरी ढूंढ रहा था।
आखिरकार उसे ₹42,000 महीने की नौकरी का इंटरव्यू कॉल आया।
इंटरव्यू दूसरे शहर में था।
उसने ₹1,265 की ट्रेन टिकट बुक की और अगले दिन निकल पड़ा।
स्टेशन पहुंचकर उसने देखा कि प्लेटफॉर्म पर एक काला बैग पड़ा है।
आसपास कोई दिखाई नहीं दे रहा था।
उसने बैग खोला।
अंदर करीब ₹1.30 लाख नकद, कुछ जरूरी कागजात और एक डायरी रखी थी।
एक पल के लिए उसके मन में आया,
"अगर ये पैसे मिल जाएं तो कई महीनों की परेशानी खत्म हो जाएगी।"
लेकिन अगले ही पल उसने डायरी खोली।
पहले पन्ने पर लिखा था,
"बेटी की शादी - 12 जुलाई"
नीचे खर्च का पूरा हिसाब लिखा था।
लड़का कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा।
फिर उसने बैग लेकर स्टेशन मास्टर के ऑफिस में जमा करा दिया।
करीब आधे घंटे बाद एक बुजुर्ग आदमी रोते हुए वहां पहुंचे।
उन्होंने बैग देखा,
तो उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े।
वह बार-बार कह रहे थे,
"अगर ये बैग नहीं मिलता,
तो मेरी बेटी की शादी टूट जाती।"
उन्होंने लड़के को ₹10,000 इनाम देने की कोशिश की।
लड़के ने हाथ जोड़कर मना कर दिया।
वह बोला,
"अगर मैं पैसों के लिए बैग लौटाता,
तो यह मदद नहीं सौदा होता।"
इंटरव्यू के लिए वह देर से पहुंचा।
उसने सोचा,
"शायद आज नौकरी भी चली जाएगी।"
लेकिन जब उसने देर होने की वजह बताई,
तो इंटरव्यू लेने वाले अधिकारी कुछ देर चुप रहे।
फिर मुस्कुराकर बोले,
"हमें ऐसे कर्मचारी चाहिए,
जो ₹3 लाख देखकर भी अपना ईमान न बेचें।"
उस दिन उसे सिर्फ ₹42,000 महीने की नौकरी नहीं मिली।
उसे यह यकीन हो गया कि
ईमानदारी का इनाम हमेशा पैसे नहीं होते, कभी-कभी पूरी जिंदगी बदल जाती है।
@Lallanpost हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया यात्रा विवरण (पीएनआर / यूटीएस नंबर) और मोबाइल नंबर हमारे साथ साझा करें। आप अपनी शिकायत सीधे https://t.co/AmJ5X4ydf8 पर भी शीघ्र निवारण के लिए रजिस्टर कर सकते हैं या शीघ्र निवारण के लिए 139 डायल कर सकते हैं।
ट्रेन में सफर के दौरान मौलाना इस्लाम बरकाती का बड़ा आरोप, कहा— वेशभूषा देखकर कुछ अराजक तत्वों ने उन्हें निशाना बनाया। उनके मुताबिक, ट्रेन में मौजूद CRPF जवानों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना का वीडियो उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर साझा किया।
📸 - @/islambarkati.official (ig)
सभी नियम कानून सिर्फ मुसलमानों पर ही लागू होता है?
भारतीय रेलवे के एक VIP Saloon Coach के अंदर बकायदा पंडितों को बुलाकर, चलती ट्रेन में रुद्राभिषेक और पूजा-पाठ किया जाता है।
यहां पर नियम-कायदे और सर्व समाज का विरोध कहां चला जाता है?
राजस्थान के डूंगरगढ़ में सरकारी अध्यापक बच्चों को पिकनिक का बोलकर RSS की शाखा में ले गया तो अभिभावक भड़क गया।
अभिभावक का आरोप है कि सरकारी अध्यापक #RSS की शाखा चलवा रहें है।
क्या सरकार उन्हें इस बात की तनख्वाह दे रही है कि बच्चों को संघ जॉइन करवाये ?
@RahulGandhi@ashokgehlot51
हरियाणा कुरुक्षेत्र: एक 80 साल के बुजुर्ग पुजारी को घायल अवस्था में घसीट के ले जा रहा है।
काफी लोगों ने अपराधी को मुस्लिम बताया। हालांकि अपराधी का नाम पंकज है। और वो एक
हिंदू है। अपराधी कोई भी हो सजा मिलनी चाहिए।
सिवनी
"CM” ने जिस सड़क का लोकार्पण किया ।
वो सिर्फ 24 घंटे भी नहीं टिक पाई !
आखिर 3.93 करोड़ की सड़क पहली बारिश में कैसे बह गई?
सिवनी के केवलारी विकासखंड में 3.93 करोड़ रुपये की लागत से बनी मोहबर्रा-सारसडोल सड़क मुख्यमंत्री के लोकार्पण के महज 24 घंटे बाद पहली बारिश में ध्वस्त हो गई।
सड़क और पुलिया का हिस्सा बहने से निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि तीन पुलियों का काम अधूरा था, फिर भी सड़क का उद्घाटन करा दिया गया। कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि अधिक बारिश के कारण पानी निकासी वाली पुलिया क्षतिग्रस्त हुई है।
अब लोग भ्रष्टाचार की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सच से सामना करवाना इसे कहते हैं!
सफाईकर्मियों के यूनियन लीडर ने BJP की मेयर को आइना दिखा दिया!
फिरोजाबाद में सफाई व्यवस्था को लेकर
BJP की मेयर कामिनी राठौड़ बहुत ही ताव में बोलीं.-
"किस बात की तनख्वाह लेते हो?"
यूनियन लीडर ने जवाब दिया-
"दीदी! अपने अफसरों से पूछ लो डेड़ साल से सफाई करने के लिए कोई सामान, झाड़ू, पौंछा तक नही मिला है, अपनी जेब से खरीदकर सफाई करते है."
जवाब मिलते ही चेहरा उतर गया।