लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार किसी को भी मंत्री बना सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसे व्यक्ति को नया शिक्षा मंत्री बनाया जो रेप आरोपी के समर्थन खड़े थे।
@RahulGandhi
20 जुलाई को दिल्ली में संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत होने का दावा करते हुए एक पोस्टर वायरल है. हकीकत में अमित नामक इस पुलिसकर्मी की मौत रोड एक्सीडेंट में हुई थी. #AltNewsVideoReport#AltNews#FactCheck
बांकीपुर में ये गेट लगा है। विकास के नाम पर वोट माँगने से चुनाव आयोग को भी दिक्कत नहीं है। अगर विपक्ष इस इस तरह के बैनर लगवा दे कि मंदिर में चंदा चोरी करने वालों को वोट नहीं दें तो चुनाव आयोग चारों तरफ़ दिखाई देने लगेगा। इसलिए इस देश में चुनाव मज़ाक बन गया है। कई दिनों से इस तरह के तोरण द्वार लगे हैं।
इसका एक और मतलब है। विपक्ष के नेता और कार्यकर्ता गलियों में घूम नहीं रहे हैं और घूम भी रहे हैं तो इन बातों पर नज़र नहीं पड़ रही है।
गृह मंत्री कहां हैं? वे कहां छिपे हैं?
उन्हें लोकसभा में आकर जवाब देना होगा कि बिहार में AK-47 और दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया : केसी वेणुगोपाल, कांग्रेस
क्या मुस्लिम संगठन मुसलमानों को शास्त्रों और हथियारों के इस्तेमाल का आत्म-रक्षा प्रशिक्षण शिविर चला सकता है?
बिहार:गया में 26 जुलाई को एक हिंदूवादी "महिला परिषद" के "आत्म-रक्षा प्रशिक्षण शिविर" में प्रतिभागियों को शास्त्रों और पारंपरिक हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया!
बच्चो ने कुछ भी ग़लत किया है तो गिरफ्तार करते इस तरह जानवरों की तरह कौन मारता है ये सब के सब सस्पेंड होने चाहिए मैं तो कहता हूँ टर्मिनेट होने चाहिए
विपक्ष को ये वीडियो पार्लियामेंट में रखनी चाहिए और शकल की पहचान करवा के इन पर कार्यवाही की माँग करनी चाहिए .
ये अत्याचार है बच्चों ने कुछ भी ग़लत किया हो पुलिस केवल गिरफ्तार कर सकती है
जंतरमंतर पर लाठीचार्ज के दिन एक लड़की ने वीडियो बनाकर कहा था कि मंदिर पुजारियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।
अब BJP के एक विधायक के साथ बैठकर कुछ लोग उसकी लोकेशन डिसकस कर रहें है।
उसे थाने बुलवाने की बात हो रही है
उसके घर जाने की बातें हो रही है।
#CJP कहाँ है अब ? @DelhiPolice कानून कहाँ है अब ?
After a youth's murder in Saharanpur, UP, Family members, along with local residents, staged a highway protest by placing the teenager's body on the road, demanding the arrest of all the accused. The protest turned violent and police resorted to a lathi charge and beat women protesters.
मध्य प्रदेश के खरगौन में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा के मामले में कोर्ट ने पैट्रोल बम चलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 11 मुस्लिम व्यक्तियों को बरी कर दिया है, कोर्ट ने माना कि पुलिस ने हिंदू शिकायतकर्ताओं की झूठी शिकायत के आधार पर उन्हें फर्ज़ी फंसाया और 867 दिन तक जेल में रखा, अब पुलिस साबित नहीं कर पाई है कि मुस्लिमों के पास पैट्रोल बम थे या उन्होंने किसी तरह के बमों का इस्तेमाल किया।
ज़िंदगी के 867 दिन खाने के बाद अब कोर्ट द्वारा मुसलमानों को बरी कर दिया गया है, अप्रैल 2022 में रामनवमी हिंसा के दौरान खरगौन में दंगा हो गया था जिसके बाद मुसलमानों के कई दर्जन घरों में तोड़फोड़, गाड़ियों में तोड़फोड़ और बचे हुए घरों पर बुलडोजर चलाया गया था, ख़बर आई थी कि आंख में नफ़रत लिए घूम रहे अफसरों ने मुस्लिमों के उन घरों पर भी बुलडोज़र चला दिया था जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे, पुलिस ने उस व्यक्ति को भी पथराव करने का आरोपी बनाया था जिसके दोनों हाथ किसी कारण बिजली के कारण कट गए थे। अब कोर्ट ने 11 मुस्लिम व्यक्तियों को भी बम टखने के मामले में बरी कर दिया है क्योंकि पुलिस सबूत पेश न कर सकीं।
सुहाना खान का नाम सुनते ही पुलिस ने कहा, 'इसे अलग लेकर आओ।' इसके बाद सिविल ड्रेस में मौजूद एक पुरुष पुलिसकर्मी ने मुझे करीब 7 घंटे तक टॉर्चर किया। मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया और मुझे बेरहमी से पीटा।
जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल लोगों को फ्री में खाना खिलाने वाले जुनैद भाई को इस नेक काम की सजा मिलना तो लाजिम था
यूपी पुलिस उनके घर जाती है उनके वालिद और उनके नाबालिग भाई को उठा ले जाती है। उनका पासपोर्ट और आधार कार्ड जप्त कर लेती है।
यूपी पुलिस हमसे कहती है कि "तुम दिल्ली से यूपी वापस आओ"
हद तो यह हो गई की जुनैद भाई की बहन की शादी जहां हुई थी यूपी पुलिस वहां पहुंचकर उनकी बहन के ससुर और देवर को भी उठा ले जाती।