मृत्यु से मेरा कोई विवाद नहीं
वह अपना धर्म निभाए
मेरा डर तो इतना है, कहीं तुम्हारा सौभाग्य ना मर जाए
तुम मेरी मृत्यु पश्चात अपनी चूड़ियाँ मत उतारना
मेरा प्रेम निष्फल रह जाएगा प्रिय
तुम्हारी कलाइयां शोक ओढ़ लेंगी
लोग मेरी मृत्यु की तिथि लिखेंगे
तुम उसे अंतिम सत्य मत मानना
जब तक तुम्हारी चूड़ियाँ आवाज़ करें
मुझे पूर्णतः मृत मत जानना
यदि वो लोग कहें
अब श्रृंगार वर्जित हैं
तुम मोन रहकर मुस्कुराना
जो मृत्यु से पराजित हो जाए
उसे प्रेम मत बताना
अपने कर को रिक्त न रखना
ये अंतिम उपहार रहे
मेरी स्मृति यदि कहीं बचे
तो चूड़ियों की झंकार रहे
इसलिए मेरी चिता के साथ अपना सुहाग मत जलाना
मैं चला जाऊंगा ,जग अपना क्रम निभाएगा
तुम मेरी मृत्यु पश्चात अपनी चूड़ियाँ मत उतारना
अन्यथा मेरा प्रेम मुझसे पहले मर जाएगा
मत करना चूड़ियों से कठोर व्यवहार
मत करना उनका तिरस्कार
मेरा प्रेम फिर व्यर्थ कहलाएगा
मृत्यु मेरी है, उनकी नहीं
तुम मेरी मृत्यु पश्चात अपनी चुड़िया मत उतारना... ❣️🌻
देखना तुम
एक दिन सब
कुछ बदल जाएगा
सबको लगेगा
मैं आगे बढ़ गया हूँ
पर मेरा हृदय
तब भी वहीं ठहरा होगा
तुम्हारे नाम पर
मेरा प्रेम अडिग रहेगा
तुम्हारी अनुपस्थिति में भी।
— चंदन
तुम्हारा जाना
मेरे हिस्से कभी नहीं आए
वो तमाम दरवाज़े
जिन्हें खोल कर
मैं तुम्हारा स्वागत कर सकूँ।
मेरे हिस्से आईं
ये अधखुली खिड़कियाँ
जिनसे मैंने केवल
तुम्हारा जाना देखा।
- पुस्तक : “जाना ज़रूरी है क्या?”
मैं किसी स्त्री के जीवन का स्थाई साथी तो नहीं रह सका पर मैंने उन्हें इतना प्रेम तो अवश्य दिया है कि जब भी उन्हें प्रेम की कमी खलेगी, मैं याद आऊंगा...!!!
मैं चाहता हूं कि मुझे लाइलाज़ बीमारी हो जाए और तुम मुझे तड़पता हुआ, रोता हुआ, सिसकते आहें भरता हुआ देखो पर तुम्हारे बस में कुछ न हो और मैं उस मर्ज से मारा जाऊं और फिर तुम्हारी आँखें ताउम्र मुझे देखने के लिए तरसे...!!!
अगर कभी गुब्बारा आपके मुंह पर फट जाए तो गुस्सा ना करें,... क्योंकि वो
आप ही थे जिसने उसे बढ़ाकर उसकी औकात से बड़ा किया था,, कुछ इंसानों
के साथ भी हम ऐसा ही करते हैं ।।
🙏🏻सुप्रभात🙏🏻