वरिष्ठ पत्रकार गरिमा सिंह ने News 24 से इस्तीफा देने के करीब 27 दिन बाद सोशल मीडिया पर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसा समय दूर नहीं जब सत्ता से सवाल पूछने पर उपद्रवी लोग मीडिया संस्थानों और स्टूडियो तक पहुंच जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों तक उन्होंने पूरी ईमानदारी से सत्ता से सवाल पूछे, लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि अब पहले जैसी स्वतंत्रता से सवाल करना संभव नहीं रह गया। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।
गरिमा सिंह ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्ता से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ को सामने लाना है। उनका मानना है कि अगर पत्रकार स्वतंत्र होकर सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो इसका असर लोकतंत्र पर भी पड़ेगा।
@JaipurDialogues@KanoongoPriyank Social media should be banned for above 60 too.
Infact punishable for above 70.
After this age there's drastic reduction in capacity to comprehend, size of grey matter reduces drastically.
नहीं समझा तो in short -
केमिकल लोचा हो जाता है भाई, आप बीमार हो जाते हो ।
Social media should be banned for above 60 too.
Infact punishable for above 70.
After this age there's drastic reduction in capacity to comprehend, size of grey matter reduces drastically.
नहीं समझा तो in short -
केमिकल लोचा हो जाता है भाई, आप बीमार हो जाते हो ।
क्या मोदी टाइम मैगजीन को दिल से माफ़ कर पाएंगे?
मैगजीन ने '56 इंच का छोटा बंदर, बाल नरेन्दर,बाल नरेन्दर' वाले नारे को '56 इंच का छोटा बंदर, भाग नरेन्दर,भाग नरेन्दर' छाप दिया है।
और दुनिया को वो सब भी बता दिया है जो बताने में भारतीय मीडिया शर्मा रहा था।
https://t.co/M3oOA0Pzxd
1. 15 साल के बच्चे गांजा मांगे तो - सरकार, पुलिस , मजिस्ट्रे सब फूल बरसाओ
2. 15 साल के बच्चे शिक्षा माँगे तो - किल लगी लाठी से मारी, पेलेट गन से मारो, AK - 47 चला दो, FIR कर गुंडो से मरवाओ, बेइज्जत और बदनाम कर दो।
ये है @narendramodi का युवाओं के भविष्य निर्माण का प्लान
@khanumarfa १. 15 साल के बच्चे गांजा मांगे तो - सरकार, पुलिस , मजिस्ट्रे सब फूल बरसाओ
२. 15 साल के बच्चे शिक्षा माँगे तो - किल लगी लाठी से मारी, पेलेट गन से मारो, AK - 47 चला दो, FIR कर गुंडो से मरवाओ, बेइज्जत और बदनाम कर दो।
ये है @narendramodi का युवाओं के भविष्य निर्माण का प्लान
Super Exclusive--
राम मंदिर पर सबसे विस्फोटक खुलासा।
पहली बार नृपेंद्र मिश्रा की अगुवाई वाली राम मंदिर Construction committee पर सवाल।
27 जुलाई को राम मंदिर के लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह की SIT को दी गई 'विस्फोटक' गवाही।
पहली बार सामने आई।
"800 करोड़ का राम मंदिर, 2200 करोड़ में बना,
और वो भी 'दोषपूर्ण' बना!!
राम मंदिर के पैसे से, VHP का घर बना!!"
26 जुलाई को SIT ने महिपाल सिंह से ईमेल के माध्यम से मांगी थी जानकारी।
27 जुलाई को महिपाल सिंह ने SIT को दी जानकारी।
महिपाल ने SIT को बताया-
"जगन्नाथ मंदिर, लवकुश मंदिर और रंगमहल में राम मंदिर के लिए फ्री में मिल रहा था कार्यालय, फिर भी चंपत राय ने लाखों खर्च किए।
चंपत राय के आवास पर बिना रसीद दिए ही, राम मंदिर के लिए चंदा लिया जाता रहा। उस राशि की चोरी हुई, पर कोई एक्शन नहीं हुआ।
राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों से विश्व हिंदू परिषद की कालोनी में निर्माण किए गए।
राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों से विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम किए गए।
विश्व हिंदू परिषद की कालोनी में रहने वाले लोगों को राम मंदिर के पैसों से मानदेय का भुगतान किया गया।
निशुल्क मिल रहे पत्थरों की जगह घटिया क्वालिटी के पत्थर बहुत अधिक कीमत पर लिए गए।
राम लला के झूले के लिए 150 किलो चांदी आई, मगर झूला सिर्फ 85 किलो में बनाया गया।
चंपत राय ने अनेक विवादास्पद संपत्तियां खरीदी, जिनका कब्जा ही नहीं मिला। ट्रस्ट को करोड़ों का नुकसान हुआ।
राम मंदिर निर्माण का एस्टीमेट 800 करोड़ का था, 2200 करोड़ से ज्यादा का खर्च हुआ।
राम मंदिर का निर्माण वास्तु के विपरीत हुआ।
राम मंदिर के लिए आया मुकुट गायब हुआ। मुकट गायब करने वालों को चंपत राय ने क्षमा किया। कोई पुलिस कार्यवाही नहीं की।"
महिपाल सिंह ने यह भी लिखा- "मेरी दी गई जानकारी पूरी तरह 100 परसेंट सत्य है।"
पूरी खबर @TOPSecret24x7
This is by design, to have full and total control. Hindutva doesn’t want students who can think and question, and want to reduce higher education to labour producing factories for crony capitalists or foreign exploiters.
#AbolishIncomeTax
Doesn’t your blood boil with such higher taxation rates and with such mere returns on your taxes? If you lose your job you get taxed on your severance too… if it punches you - raise your voice and take this # once a day and let it become viral
A corporate employee earning ₹50,000 per month can’t afford a ₹10 lakh car even after 10 years.
But a minister earning ₹1.5 lakh per month buys a ₹1 crore car every year.
This is a scam in Indian democracy.
Is This India's Premier Institute ????
IIT Delhi's Image Takes Another Hit as Campus Conditions Go Viral 💥😑
After flooded labs allegedly destroyed years of research and equipment worth lakhs, another viral video from IIT Delhi is raising fresh concerns. This time, a student questions the institute's maintenance, infrastructure, and the condition of its so called "premium" mess 💥💥
India celebrates its IITs as world-class institutions. But world-class rankings require world-class infrastructure, not just headlines. Students deserve answers if campus maintenance is falling short 💥