वैसे भी कच्ची घानी तेल का इस्तेमाल खाने में कम अधिकारी और नेताओं की मालिश में ज़्यादा होता है,
भाई ने थोड़ा नहा लिया तो क्या गुनाह कर दिया।
है ना @fssaiindia ??
कर्नाटक के मडिया में एक बुज़ुर्ग महिला की जिंदगी की कहानी ने सबको हैरान कर दिया।
बताया जाता है कि वह मस्जिद के पास भीख मांगकर पैसे जमा करती थीं। उनके निधन के बाद जब मस्जिद कमेटी के लोग घर की सफाई करने पहुंचे, तो अंदर जगह-जगह पैसों से भरे बैग मिले।
बताया जा रहा है कि रकम ₹1 करोड़ से ज्यादा हो सकती है और गिनती अभी जारी थी।
महिला के कोई पति या बच्चे नहीं थे। उनके भाइयों से संपर्क करने पर उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यह पैसा हमारा नहीं है, इसे मस्जिद को दान कर दिया जाए।
गरीबी में पूरी जिंदगी गुजारने वाली महिला ने पीछे करोड़ों की बचत छोड़ दी... जिंदगी सच में अजीब है।
'बेटा तेरे पैर पड़ती हूं, आजा', गिड़गिड़ाती रही मां
माँ ने इतनी बार मिन्नतें कीं, लेकिन बेटा नहीं रुका। एक बार तो माँ खुद उसकी तरफ जाने लगी, तो लोगों ने उन्हें रोक लिया। इतना सब होने के बाद भी लड़का नहीं रुका और कूद गया... और माँ भी अपने बेटे के पीछे खुद कूद गई।
#iphone#Kunal
देखिए इस राक्षस राहुल को,जो शिव कुमार तिवारी को तलवार से काट रहा है🙄🙉
वीडियो बनाने वाले ने कोशिश किया बचाने की तो हत्यारे राहुल ने उसपर भी तलवार लेकर झपटा🙄
ऐसे दानव को समाज मे खुला छोड़ नही सकते😡शिव कुमार तिवारी जी को न्याय दिलाने में मदद करे मित्रो,नही तो न्याय पर से विस्वास उठ जाएगा😭🙏
@Uppolice
गोरखपुर में शिवकुमार तिवारी जी की जिस निर्ममता से हत्या की गई, वह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
मुख्यमंत्री जी गोरखपुर से आते हैं।फिर उनके अपने गृह जनपद में यदि किसी नागरिक को दौड़ा-दौड़ाकर मौत के घाट उतार दिया जाता है तो आखिर सरकार की कानून-व्यवस्था किसके लिए है?
मुख्यमंत्री जी की चुप्पी आखिर क्यों?
सरकार को केवल भाषणों और दावों से नहीं, बल्कि अपराधियों पर तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई करके अपनी जिम्मेदारी साबित करनी होगी।
आज शिवकुमार तिवारी जी के परिवार को न्याय चाहिए, कल किसी और परिवार की बारी हो सकती है।
अब सवाल सिर्फ शिवकुमार तिवारी जी की हत्या का नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का है।
5100 रुपये भेजे और वीडियो कॉल पर अंतिम संस्कार देख लिया💔
ये घटना सुन के इंसान की आत्मा रो पड़ेगी😢
मुंबई के बड़े कपड़ा व्यापारी शिवचरण रामरत्न गुप्ता, 74 साल,पिछले 3 साल से सोनीपत के वृद्धाश्रम में थे।
2 साल पहले उनकी पत्नी का भी यहीं निधन हुआ था।
मंगलवार को जब आश्रम ने मौत की सूचना दी,तो उनकी तीनों बेटियों ने जवाब भेजा:"5100 रुपये ऑनलाइन भेज रहे हैं।अंतिम संस्कार सोनीपत में ही करवा दीजिए।
मुखाग्नि के समय वीडियो कॉल कर दीजिए, हम देख लेंगे।
आश्रम संचालक आनंद कुमार के अनुसार: जिन हाथों ने पाला-पोसा, पढ़ा-लिखाकर टीचर बनाया...आज वो हाथ पिता को कंधा देने नहीं आए।वाह रे मेरे देश के लोगों की सोच 😢
ये तरक्की है?
ऐसे संस्कार किसी बाप ने नहीं दिए होगे?