कल, 12 अक्टूबर को, हम सिर्फ कांग्रेस पार्टी के तौर पर नहीं - पर भारतीय होने के नाते सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे
आपकी कोई भी राजनैतिक विचारधारा हो- अगर संविधान में यकीन है तो आइए हम देश के लिए एक साथ मार्च करेंगे
डरो मत
बहुत सारा प्यार
@RahulGandhi
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने हर भारतीय को बुलावा दिया है.
कल सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला जाएगा और CJI को मेमोरेंडम दिया जाएगा.
इस मार्च में पार्टी-ग्रुप से ऊपर उठकर शामिल होने की अपील है. भारतीय होने के नाते इसमें शामिल हों.
अब कल होगा जबर प्रोटेस्ट
तानाशाही का डंका पूरे विश्व में बजवा दिया !
साहेब ने एक बार कहा था न - "देश देख रहा है एक अकेला"
अब बोलना पड़ेगा - "विश्व देख रहा है एक अकेले ने डंका बजवा दिया"
अमित शाह की दिल्ली पुलिस खुद तो गुंडागर्दी पर उतर ही आई - RSS-BJP के असली गुंडों को भी महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने की खुली छूट और बढ़ावा दे रही है।
जैसा मैंने कहा था, Mogambo Modi और उसकी सरकार जितना दबाएगी, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।
सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या में एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। और इस बार भी आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी - पहले से कहीं ज़्यादा।
@AmitShah, जितनी पुलिस लानी है, 10 हज़ार, 20 हज़ार, 40 हज़ार, ले आइए। BJP-RSS के जितने गुंडे बुलाने हैं, बुला लीजिए।
हम डरने वाले नहीं हैं। पीछे हटने वाले नहीं हैं। ये लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है!
सोमवार को हम मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, तब कानून के संरक्षक आंखों पर पट्टी डाल कर नहीं बैठ सकते।
संविधान की धज्जियां उड़ेंगी और हम चुप बैठेंगे? ऐसा हरगिज़ नहीं होगा। जवाबदेही तय करवाकर रहेंगे!
मोगैम्बो मोदी ने भारत के लोकतंत्र की बुनियाद को तबाह कर दिया है - चुनाव चोरी और जनता की आवाज़ कुचल कर।
आज नई दिल्ली में यही तस्वीर दिखी - पूरा शहर बंद, इंटरनेट बंद, छात्रों को पुलिस भी पीट रही थी और BJP के गुंडे भी।
डराने की जितनी भी कोशिश कर लें - मोदी समझ नहीं पा रहे कि 10-15 साल से चल रहा उनका खेल अब ख़त्म हो गया है। विपक्ष ने उन्हें चारों तरफ़ से घेर लिया है।
आज जिन युवाओं, छात्रों पर हमला हुआ है, उन्हें इंसाफ़ मिलेगा - और हमलावरों को करारा जवाब मिलेगा।
भारत के लोकतंत्र और संविधान को तबाह करने वाले मोगैम्बो मोदी और उनके साथी बच नहीं पाएँगे।
बिग ब्रेकिंग
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने राजधानी दिल्ली में आज पुलिस द्वारा प्रदर्शन के पहले और बाद में की गई गिरफ़्तारियों पर गहरी चिंता जताई है और तत्काल हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने को कहा है।
दिल्ली प्रोटेस्ट में डिटेंशन पर UN ह्यूमन राइट्स ने जारी किया बयान. UN ह्यूमन राइट्स के अकाउंट से किए ट्वीट में लिखा गया कि, दिल्ली में आज बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों से पहले और उनके दौरान प्रदर्शनकारियों, प्रोटेस्ट लीडर्स, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को बड़े पैमाने पर डिटेंशन की खबरों से हम चिंतित हैं.
अधिकारियों से अपील करते हैं कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का पूरी तरह सम्मान किया जाए.
यह अभूतपूर्व दृश्य हैं। ऐसे दृश्य इस देश में अब आम हैं। कौन यकीन करेगा इस कदर विरोध के बीच एक सरकार बनी हुई है? यह लोकतंत्र की नहीं वोटों की लूट की ताकत है।