JNU की वामपंथी प्रोफ़ेसर नीरजा गोपाल जयाल का "भारत में मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक" मानने के मुद्दे पर कहना है कि:
- भारत को नागरिकता अधिनियम, 1955 के मूल ढांचे को फिर से लागू करना चाहिए।
- 2003 के नागरिकता संशोधनों और 2019 के नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को रद्द करना चाहिए।
- स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया को खत्म करना चाहिए।
- नागरिकता नीति में उन भेदभावों को हटाना चाहिए जिनके तहत मुस्लिम प्रवासियों को अवैध प्रवासी माना जाता है, जबकि कुछ गैर-मुस्लिम प्रवासियों को शरणार्थी के तौर पर मान्यता दी जाती है।
कहने का साफ साफ मतलब है कि भारत को मोमिनो के लिए धर्मशाला घोषित कर दिया जाय
- इनके शान में कुछ शब्द ?
यह वही प्रोफेसर नंदिता नारायण है जो आजकल कॉकरोच आंदोलन में रोज हिंदू धर्म के खिलाफ जहर उगल रही है
इसका असली नाम नंदिता नारायण अंसारी है इसके पति का नाम रशीद अंसारी है इसकी बेटी का नाम निदा अंसारी है
इसका परिवार कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा के तथा सिम्मी आतंकवादियों को सपोर्ट करने वाले भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का रिश्तेदार है
₹472 करोड़ के ड्रग्स का अंतिम संस्कार 🔥
Taking our fight against drugs to the next level, today we have destroyed ₹472cr of drugs, which could have destroyed precious lives.
We are relentless in our pursuit against drugs and have adopted a ZERO TOLERANCE policy towards it.
सभी भाइयों को सूचित किया जाता है कि गुर्जरों के गांव , 3 पुश्ता, उस्मानपुर गांव के फॉरेस्ट हनुमान मंदिर (Forest Hanuman Mandir) के बाहर किसी अज्ञात असामाजिक तत्व ने गाय काट कर डाल दी है।
Location :- 3 Pusta Usmanpur gaon Forest Hanuman mandir फॉरेस्ट हनुमान मंदिर Delhi - 110053
कांदिवली की 17 वर्षीय लड़की सिद्धी विश्वकर्मा की तीन दिन पहले गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।
तबसे उसके परिवारवाले न्याय के लिए दर-दर भटक रहे थे।
आज उसकी मां और परिवारजन को लेकर समता नगर पुलिस स्टेशन में गया।
परिवार के सदस्यों का सपलीमेंटरी स्टेटमेंट लिया गया।
#FIR में जो त्रुटियां है,उन्हें दुरुस्त करने का निर्णय लिया गया ।
हत्यारे पर #POCSO लगाने का निर्णय लिया गया।
विश्वकर्मा परिवार को पूरा न्याय मिले,इसकी लड़ाई लड़ी जाएगी।
#KandivaliEast
ट्रॉय 1184 BC में खत्म हो गया।
एथेंस 404 BC में खत्म हो गया।
लेकिन जब अयोध्या का पतन हुआ...
तो उस सभ्यता ने खत्म होने से इनकार कर दिया।
आपके पूर्वजों ने ज़मीन के एक छोटे से टुकड़े के लिए 500 साल तक लड़ाई लड़ी...
भगवान राम की जन्मभूमि के लिए।
76 लड़ाइयाँ। 500 साल। 20 पीढ़ियाँ।
आप कोई "हारी हुई सभ्यता" नहीं हैं।
आप मानव इतिहास की सबसे महान सभ्यता के पुनरुत्थान की वंश-परंपरा हैं।
जय श्री राम 🚩
जयकारा तो होना ही चाहिए श्री राम का
बहन को छेड़ने से रोका तो
तौहीद और रकीब ने अपने मुस्लिम दोस्त
बुलाकर भाई को मार मार कर अधमरा किया.🚨
तौहीद का सोचना है कि हिंदू लड़कियां उसका
हक हैं.. वो बीच सड़क हो या किसी हिंदू का घर..
Hello @meerutpolice Any Update ?
वीडियो देखकर सेकुलर हिंदू जमात अब अपनी भेनो को इनके घर भेजकर गंगा जमुनी तहज़ीब मेनटेन करेगी...
ब्राह्मणों के लिए UP के बलरामपुर को बगदाद बनाने की साजिश,
मुस्लिम आरोपित ने हिन्दू लड़की के फाड़े कपड़े, फिर अश्लीलता कर के बनाए वीडियो,
नाबालिग बिटिया की आपत्तिजनक तस्वीरों का पोस्टर बना कर चिपका दिया पूरी बाजार में,
किसी की गिरफ्तारी अब तक नहीं..मौलाना रिज़वान के खौफ से पीड़िता ने परिवार सहित गाँव से किया पलायन और रहने लगी किराए पर,
लाचार पिता ने आँखों में आंसू भर के बताया- "किसी इशहाक ने कहा है कि जैसे गुप्ता के बच्चे को मार डाला था, वैसे तुमको भी निबटा देंगे पंडित"..
थाना- पचपेड़वा, @balrampurpolice
#Balrampur @CMOfficeUP@Uppolice
Fatherhood begins on day one, and those moments can never be relived.
Introducing Paternity Leave for State Govt employees- a 2 week paid leave for fathers to be with their families.
#AssamCares
ये मुल्ला बचना नहीं चाहिए हिन्दुओं 🖐️
साला ये BSD का देश के प्रधानमंत्री और यूपी के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को गाली बक
रहा है ये जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर का मुल्ला..
Repost & Tag @jaunpurpolice ✊
मि ज्यूडिशरी सर्वेंट की कृपा से
आफताब अमीन पूनावाला — जिन्होंने श्रद्धा वालकर को 35 टुकड़ों में काटकर फ्रिज में रखा था को इन न्याय नौकर..ने जेल से बाहर आने की अनुमति दे दी गई है,
ताकि वह तिहाड़ जेल में अपनी एमए सोशियोलॉजी की परीक्षा दे सकें।
जबकि न्याय में देरी के चलते
ट्रायल 2023 से लंबित चल रहा है।
श्रद्धा के पिता, जिन्होंने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी, 2025 में बिना न्याय देखे ही निधन हो गया
आफताब उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
केस का अभी कहीं कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।
इन्हीं हरकतों के कारण कल हाईकोर्ट में अपशब्द भी कहे गए और आईना भी दिखाया गए
जल्द नहीं सुधारे तो ऐसा न हो कि
लोग बंगाल मॉडल न लागू करने लगे
अपराधों की जड़ और बढ़ता अपराध न्यायपालिका का व्यवहार भी है
15 साल शीला दीक्षित और उसके बाद 11 साल अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली को नरक बना दिया। जगह-जगह अवैध झुग्गियां बन गईं, सरकारी जमीन लोगों ने घेर ली, लेकिन वोटों के लालच में किसी ने कुछ नहीं किया।
मैं इस विषय में @gupta_rekha जी की सरकार को 100 में से 100 नंबर दूंगा। जब से उनकी सरकार बनी है, सरकारी जमीन पर बसी अवैध झुग्गियां लगातार तोड़ी जा रही हैं।
यह दयाबस्ती रेलवे स्टेशन का दृश्य है।
मेरा रेलवे के अधिकारियों से भी निवेदन है कि उन सभी जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों को निलंबित किया जाए, जिनके कार्यकाल में रेलवे की जमीन पर ये झुग्गियां बनीं।
@RailMinIndia
अबे गधे
तू बृजलाल जी की भी बात मत मान
तू बी एन राय की भी बात मत मान
लेकिन तू वीडियो सबूत को तो सच मानेगा ना ??
यह देख ले आज तक चैनल ने पूरे वीडियो में वह सब दिखाया है जो बृजलाल जी बोल रहे हैं
किस तरह से मुलायम सिंह के आदेश पर पहले हनुमानगढ़ी के सीढ़ियों पर चटाई बिछाई गई लेकिन बाद में एसएसपी के विरोध पर चटाइयां हटा ली गई
और फिर महंत ज्ञान दास के हनुमानगढ़ी स्थित आवास में लगाकर नमाज पढ़ी गई
और वीडियो में देख लेना हनुमानगढ़ी में जितने भी देवी देवताओं की तस्वीर थी मूर्तियां थी उन सबको कपड़े से ढक दिया गया ताकि नमाज पढ़ रहे मुसलमान देवी देवताओं की तस्वीर ना देख सके
और उस वक्त अयोध्या के एसएसपी ने बयान दिया था कि मुलायम सिंह यादव हनुमानगढ़ी मंदिर के छत पर नमाज पढ़वाना चाहते थे जिसे मैं रुकवा दिया
और कहा कि मैं किसी गलत परंपरा की शुरुआत नहीं होने दूंगा मंदिर सनातन मंदिर सनातन धर्म का है और मंदिरों में सिर्फ सनातनी परंपराएं ही निभाई जाएंगे
Cancer patient was about to die. She pleaded. Her plea has been listed 57 times. The court has still not heard it. Teesta Setalvad was about to be jailed. She pleaded. Her plea was listed out of turn. The court heard it at midnight.
Cancer patient is dead. Teesta is alive.
शरीर से मांस का एक-एक कतरा गल चुका था। पसलियां बाहर आ गई थीं। हिलने-डुलने तक की ताकत नहीं बची थी।
जब अंग्रेजों ने देखा कि यह 25 साल का लड़का टूट नहीं रहा, तो उन्होंने जबरदस्ती नाक में नली ठूंसकर दूध पिलाने की कोशिश की। वह नली खाने की नली की जगह फेफड़ों में चली गई।
दूध फेफड़ों में भर गया। वो तड़पते रहे, खून की उल्टियां करते रहे, लेकिन अनशन नहीं तोड़ा।
13 सितंबर 1929 को लाहौर जेल में एक क्रांतिकारी ने अपने प्राण त्याग दिए। 63 दिन... जी हाँ, 63 दिन तक बिना अन्न का एक दाना खाए।
इतिहास के पन्नों में अक्सर हम भगत सिंह की फांसी की बात करते हैं, लेकिन उस साथी को भूल जाते हैं जिसने भगत सिंह की बाहों में दम तोड़ा था।
आज हम बात कर रहे हैं 'यतींद्र नाथ दास' की, जिन्हें दुनिया 'जतिन दा' के नाम से जानती थी।
पेशे से वो बम बनाने में माहिर थे, लेकिन उनका हथियार बना उनका अपना शरीर।
वो चाहते तो माफी मांग सकते थे, खाना खा सकते थे। लेकिन मांग सिर्फ एक थी - "भारतीय राजनीतिक कैदियों के साथ जानवरों जैसा सलूक बंद करो।"
अंग्रेजों को लगा कि भूख इसे तोड़ देगी। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह शरीर मिट्टी का नहीं, फौलाद का बना है।
जब जतिन दा की हालत बिगड़ने लगी, तो अंग्रेजों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। जेल के डॉक्टर और सिपाहियों ने उन्हें दबोच लिया। नाक से नली डाली। दर्द से वो चीखते रहे, लेकिन उनका संकल्प नहीं डिगा।
उनकी शहादत की खबर जब बाहर आई, तो पूरा देश रो पड़ा था।
कहा जाता है कि जब उनका शव लाहौर से कलकत्ता ले जाया जा रहा था, तो हर स्टेशन पर हजारों लोग फूल लेकर खड़े थे। कलकत्ता में उनकी अंतिम यात्रा में 6 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए।
सुभाष चंद्र बोस ने खुद उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया था।
लेकिन आज? आज कितने लोग उस 63 दिन की तपस्या को याद करते हैं?
मरते वक्त जतिन दा ने कहा था, "मैं कोई साधु नहीं हूँ, मैं बस एक साधारण इंसान हूँ जो अपने देश की गरिमा के लिए मरना चाहता है।"
आजादी चरखे से आई या बिना खड्ग-ढाल के, यह बहस का विषय हो सकता है। लेकिन यह सच है कि आजादी की नींव में जतिन दा जैसे नौजवानों की गल चुकी हड्डियां गड़ी हैं।
हमें यह आजादी खैरात में नहीं मिली, इसके लिए किसी ने अपनी जवानी के 63 दिन भूखे रहकर कुर्बान किए हैं।
हर भारतीय का कर्तव्य है कि वो जाने कि जिस हवा में वो सांस ले रहा है, उसकी कीमत क्या थी।
इस जानकारी को साझा करें ताकि आने वाली पीढ़ियां जान सकें कि असली 'हीरो' कौन थे।
यह पोस्ट केवल उन भूले-बिसरे नायकों को नमन करने के लिए है....Read News
देह व्यापार से नोएडा की मूल किसानों वाली पहचान बदलने की साजिश.
स्थानीयों ने कहा - "डरती है हमारी बहन बेटियां इधर आने से"
बिसरख के राइज इलाके में स्पा का किया खुलासा तो टीम सुदर्शन पर हमले का प्रयास..
काले कारनामों में साझीदार स्थानीय पुलिस ने पत्रकार को हमलावरों के आगे परोसा.
इसी थानाक्षेत्र में हमने हफ्ते भर पहले किया था रात भर बिकने वाली शराब का खुलासा..
पूरी रिपोर्ट जल्द विस्तार से..
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