सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि CrPC की धारा 161 के तहत पुलिस द्वारा दर्ज गवाहों के बयानों पर मुकदमे की सुनवाई के दौरान ठोस साक्ष्य के रूप में भरोसा नहीं किया जा सकता, लेकिन अपराध का संज्ञान लेने के चरण में उन पर विचार किया जा सकता है।
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने पटना हाईकोर्ट का फैसला रद्द करते हुए मजिस्ट्रेट के संज्ञान आदेश को बहाल कर दिया। मामला डूबने से हुई एक युवक की मौत से जुड़ा था, जिसमें पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट अदालत को उपलब्ध सामग्री के आधार पर स्वतंत्र रूप से संज्ञान लेने से नहीं रोकती। हालांकि, संज्ञान के चरण में की गई टिप्पणियां मुकदमे के ट्रायल को प्रभावित नहीं करेंगी।
📌CASE: Mrityunjay Kumar Chaudhary v. State of Bihar & Anr. | SLP (Crl.) No. 18490 of 2026
आपकी राय में, क्या पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के बावजूद अदालत का स्वतंत्र रूप से संज्ञान लेने का अधिकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है ?
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भरण-पोषण केस में आय-संपत्ति छिपाना पड़ा भारी फैमिली कोर्ट का फैसला रद्द पत्नी पर होगी कार्रवाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि पक्षकारों के लिए अपनी आय और संपत्ति की सही एवं पूरी जानकारी अदालत के समक्ष देना आवश्यक है।
अदालत ने पारिवारिक न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए मामले को उचित कार्रवाई के लिए वापस भेज दिया।
मामले में पति की ओर से आरोप लगाया गया था कि पत्नी ने भरण-पोषण का दावा करते समय अपनी वास्तविक आय और संपत्तियों की पूरी जानकारी नहीं दी।
पति के अनुसार पत्नी के पास पर्याप्त आय, फिक्स्ड डिपॉजिट और कृषि भूमि होने के बावजूद उसने स्वयं को बिना आय वाला बताया और गलत तथ्य अदालत के सामने रखे।
हाईकोर्ट ने कहा कि भरण-पोषण के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के राजनेश बनाम नेहा मामले में निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार आय और संपत्ति का सही एवं पूरा विवरण शपथपत्र में देना आवश्यक है यह केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को सही दिशा में चलाने के लिए महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी पक्षकार को न्यायालय के सामने गलत या झूठे तथ्य प्रस्तुत करने का अधिकार नहीं है।
आय या संपत्ति छिपाकर भरण-पोषण प्राप्त करने का प्रयास न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
मामले में पारिवारिक न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया और उचित कार्रवाई के लिए मामला वापस भेज दिया।
अदालत की यह टिप्पणी भरण-पोषण के मामलों में पारदर्शिता और सही वित्तीय जानकारी प्रस्तुत करने के महत्व को स्पष्ट करती है।
भरण-पोषण की मांग करने वाले पक्ष को अपनी वास्तविक आर्थिक स्थिति छिपाने के बजाय निर्धारित शपथपत्र में सही जानकारी देनी चाहिए।
इसी तरह दूसरे पक्ष को भी अपनी आय और संपत्ति से संबंधित तथ्य छिपाने से बचना चाहिए अदालत के सामने सही तथ्य रखना दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है।
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"जन्मदिन मुबारक हो विधायक साहब जी !"
Warm Regards By
Manish Kr Kalosia (Advocate)
Delhi High Court & Delhi District Courts
E-mail ID:- [email protected]
Also
Village Allahpur, Harijan Basti, Tehsildar Khandar, District Sawai Madhopur Rajasthan.
@JitenGothwal@BJP4Delhi@BJP4Rajasthan@BJP4India जीतेन्द्र गोटवाल जी (विधायक, खंडार विधानसभा, राजस्थान) आपको जन्मदिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ, मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना करता
इस अवसर पर किसी ने बहुत खूब कहा है।
"आसमान की बुलंदियों पर नाम हो आपका,
चांद की धरती पर मुकाम हो आपका,
हम तो रहते हैं छोटी सी दुनिया में, पर ईश्वर करे सारा जहां हो आपका"
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Manish Kr Kalosia (Advocate)
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चांदनी चौक लोकसभा से सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवम बधाई ईश्वर आपको लम्बी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।
@PKhandelwal_MP@JitenGothwal @bjp
दिल्ली में सरकारी बस के ड्राइवर और कंडक्टर ज्यादातर बदतमीज़ और गुंडे हैं।
साले की जगह साणे बोलने वाले तो नेक्स्ट लेवल के हैं।
DU के बच्चे ने हिम्मत करके रिकॉर्ड किया है शेयर किया है।
@gupta_rekha n @drpankajbjp
थोड़ा तमीज़ सिखा दो, ट्रेनिंग वगैरह करवा दो।
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन है कि प्रार्थी ब्रजमोहन हरिजन पुत्र स्वर्गीय श्री मिश्री लाल, निवासी ग्राम अल्लाहपुर, तहसील खण्डार, जिला सवाई माधोपुर (राजस्थान) द्वारा दिनांक 21/08/2026 को पुलिस थाना खण्डार में निम्नलिखित आरोपियों (1) बब्लू
📞 आमजन की सुविधा के लिए सवाई माधोपुर पुलिस की पहल
जिले के समस्त पुलिस थानों के लैंडलाइन एवं CUG नंबरों पर कार्यालय समय में संपर्क कर परिवादी अपने प्रकरण एवं पुलिस कार्यवाही से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
@dmsawaimadhopur@PoliceRajasthan@IgpBharatpur