अजीत जी , स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट का एक तरीका ये भी हो सकता था , मैने ये AI से वीडियो बनाया है,
एक छात्र का विरोध ऐसा होना चाहिए।
अगर आप अपने अधिकारों, अपनी शिक्षा या अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठा रहे हैं, तो उसे शालीनता, अनुशासन और एकता के साथ उठाइए।
एक छात्र की ताकत होती है:
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना।
सवाल पूछना और जवाबदेही की मांग करना।
तथ्य और तर्क के साथ अपनी बात रखना।
एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद करना।
संविधान और कानून का सम्मान करते हुए अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना।
लेकिन एक छात्र की पहचान कभी नहीं होनी चाहिए:
सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाना।
पुलिस या किसी अन्य व्यक्ति से हिंसा या मारपीट करना।
पत्थरबाज़ी करना।
गाली-गलौज या अभद्र भाषा का प्रयोग करना।
किसी का मज़ाक उड़ाना या नफरत फैलाना।
किसी भी राजनीतिक, असामाजिक या देश-विरोधी तत्व को अपने आंदोलन का फायदा उठाने देना।
याद रखिए, जब आंदोलन हिंसक हो जाता है, तो असली मुद्दा पीछे छूट जाता है। फिर लोगों का ध्यान समस्या से हटकर केवल हिंसा पर केंद्रित हो जाता है।
एक जागरूक छात्र वही है जो अपनी बात तर्क, संयम और सम्मान के साथ रखता है। अपनी भावनाओं का इस्तेमाल किसी और के स्वार्थ के लिए मत होने दीजिए।
आवाज़ बुलंद कीजिए, हाथ नहीं।
न्याय की मांग कीजिए, हिंसा नहीं।
ऐसा आंदोलन कीजिए जिस पर आने वाली पीढ़ियाँ गर्व करें, शर्म नहीं।
हूल दिवस मातृभूमि के लिए मर-मिटने वाले हमारे आदिवासी समाज के अद्भुत जज्बे का सशक्त प्रतीक है। भारतीय इतिहास के इस गौरवशाली अवसर पर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो जैसे उन सभी वीर-वीरांगनाओं को मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि, जिन्होंने विदेशी शासन के अन्याय का डटकर मुकाबला किया। जनजातीय गरिमा और मान-सम्मान की रक्षा के लिए उनके संघर्ष और बलिदान की कहानी देशवासियों में नई ऊर्जा का संचार करती रहेगी।
अब सच में पानी सिर के ऊपर निकल चुका है। 2023 में Rahul Gandhi का लद्दाख दौरा याद है। उस दौरे को लेकर अब नया दावा किया जा रहा है।
राहुल गांधी एक ऐसे शख्स को चीन बॉर्डर के पैंगॉन्ग त्सो तक लेकर गए, जिसका कनेक्शन George Soros और पाकिस्तान से जुड़ा बताया जाता है।
कैसे? पूरी वीडियो ध्यान से समझिएगा।
सूत्रों के अनुसार, इस ट्रिप में राहुल गांधी के साथ तीन विदेशी नागरिक गए थे। उनमें से एक था शाकिर मुहम्मद नुराली मेराली। शाकिर Lightrock नाम की इन्वेस्टमेंट फर्म में अफ्रीका के मैनेजिंग पार्टनर हैं।
Lightrock क्या है?
साल 2013 में सोरोस की कंपनी ने भारत में Aspada Investment के नाम से एक इन्वेस्टमेंट फर्म खड़ी की। पैसा पूरा का पूरा सोरोस का था, यानी कंट्रोल भी सोरोस का।
2019 में इस Aspada को LGT ग्रुप ने खरीद लिया और नाम बदलकर Lightrock रख दिया। लेकिन हकीकत नहीं बदली—सिर्फ नेम प्लेट बदली, अंदर का सिस्टम वही रहा। वही सोरोस का बनाया हुआ ढांचा, पैसा और नेटवर्क।
क्योंकि Lightrock और SIDF इस रीब्रांडिंग के बाद भी भारत में साथ-साथ निवेश करते रहे। 2021 का एक लीगल दस्तावेज भी सामने आता है जिसमें Lightrock और SIDF ने एक साथ निवेश किया है।
अब बात शाकिर की—
साल 2012 से 2016 तक, Lightrock से पहले, वह दुबई में एक पाकिस्तानी कारोबारी की कंपनी Abraaj Group में मैनेजिंग डायरेक्टर था, जो बाद में घोटालों में डूबकर खत्म हो गई।
Abraaj पाकिस्तान की सबसे बड़ी बिजली कंपनी K-Electric को कंट्रोल करती थी और 2016 में उसे चीन की सरकारी कंपनी को लगभग 1.5 अरब डॉलर में बेचने की कोशिश हुई थी। यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी स्ट्रैटेजिक डील्स में से एक थी—पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सीधे बीजिंग के हाथ में जाने वाला था।
हालांकि यह डील पूरी नहीं हो सकी। आरोप लगे कि इसे पास कराने के लिए रिश्वत, राजनीतिक फंडिंग और गंदे खेल हुए। कहा जाता है कि Abraaj ने नवाज शरीफ और शहबाज शरीफ को 20 मिलियन डॉलर ऑफर किए।
इन सब के बीच, राहुल गांधी के साथ लद्दाख जाने वाला शख्स—शाकिर—Abraaj की सीनियर लीडरशिप में शामिल था।
शाकिर का निवेश उन जगहों पर ज्यादा है जहां चीनी एंटरप्राइजेज का दबदबा है।
2018 में केनिया की KETRACO ने रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए चीनी कंपनी के साथ 240 मिलियन डॉलर की डील की।
शाकिर नैरोबी की स्टार्टअप Ilara Health में एंजल इन्वेस्टर हैं, जिसमें चीनी फंड Shaka VC का पैसा लगा है।
यानि साफ है—जहां-जहां शाकिर या उनकी कंपनी ने निवेश किया, वहां उनके दो साथी मौजूद रहे: सोरोस और चीन।
अब सवाल ये है—
राहुल गांधी ने चीन बॉर्डर के फ्लैश पॉइंट पैंगॉन्ग त्सो को ही क्यों चुना? 🤔
अब इन डॉट्स को जोड़िए—
राहुल गांधी, जिनके सोरोस से रिश्तों की चर्चा होती रही है।
शाकिर, सोरोस-फंडेड कंपनी से जुड़ा।
राहुल गांधी—चीन पर नरम रुख के आरोप।
शाकिर—चीनी नेटवर्क से जुड़ा बिजनेस प्रोफाइल।
क्या ये महज इत्तेफाक है? 🤨
पूरी ट्रिप अब बेहद गंभीर सवाल खड़े करती है, आखिर राहुल गांधी लद्दाख ट्रिप पर किसे लेकर गए थे? ❓
देश जवाब चाहता है 🇮🇳🔥
#Ladakh #NationalSecurity #RahulGandhi
Mallikarjun Kharge के बाद अब @kanhaiyakumar कांग्रेस के नेताओं की जुबान बार-बार देश को बांटने वाली सोच उजागर कर रही है।
कभी गुजरातियों को “अशिक्षित” कहना, कभी उन्हें “घुसपैठिया” बताना क्या कांग्रेस की नजर में मेहनतकश गुजराती और उत्तर भारतीय भारतीय नहीं हैं? या फिर ये लोग सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए अपमानित किए जाने वाले नागरिक हैं?
@INCIndia पार्टी देश को जोड़ने नहीं, तोड़ने की राजनीति करती है।
ऐसे विभाजनकारी और अपमानजनक विचारों को पूरी ताकत से जवाब दिया जाए। Congress भारत कि जनता को सिर्फ और सिर्फ vote bank की तरह देखती है।
#ShameOnCongress
@MatimDilawar @RaviBabuG_ Kyu vo inshan nhi hai kya be😐
Or tere ko kya dikkat ho raha hai,, tera Gmail I'd nhi bna hua to tu mt kr, hm lege subscribe bhi pr roh mt yaha aakr