भारत मे ही खुद हिंदू 9 राज्यो में अल्पसंख्यक हो गए
बचे हुये 20 राज्यो में खुद जातियों में सिमिट चुके हैं।
पेट और ऐश के लिए ही जीवित रहने वाले हिन्दू कभी भी धर्म कि रक्षा के लिए बलिदान नही दे सकते!
धर्मो रक्षति रक्षितः
जय श्री राम
दिवेर के इस युद्ध में मेवाड़ की शानदार सफलता के कारण शेष जगहों से मुगल सेनाएँ भाग खड़ी हुई। इस विजय की ख्याति चारों ओर फैल गई। इसके बाद। महाराणा प्रताप ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और मेवाड़ को मुगलों से मुक्त करा लिया। #दिवेर_युद्ध#महाराणा_प्रताप_जयंती#वीर_योद्धा_महाराणाप्रताप
अपने सिपाहसालारों की यह गत देखकर मुगल सेना में बुरी तरह भगदड़ मची और राजपूत सेना ने अजमेर तक मुगलों को खदेड़ा। भीषण युद्ध के बाद बचे-खुचे 36000 मुग़ल सैनिकों ने महाराणा के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
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दिवेर का युद्ध | अमरकाव्य’ के अनुसार 1582 ई. में राणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध रावली टाटगढ़ अभ्यारण्य स्थित दिवेर (कुंभलगढ़) पर जबरदस्त आक्रमण किया
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दिवेर युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना ने आमेर तक मुगल सेना का पीछा किया और मारते रहे। दिवेर युद्ध के पश्चात समस्त उत्तर भारत में एक नई ऊर्जा संचारित हुई थी।
उसके बाद कभी अकबर ने मेवाड़ की तरफ आंख उठाकर नहीं देखा।
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जब कुंवर अमरसिंह ने अपना भाला सेरिमा सुल्तान पर मारा तो भाला सेरिमा के लोहे के टोप को चीरते हुए उसके शरीर में प्रवेश कर, घोड़े के शरीर को पार करते हुए जमीन में जा धंसा।
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